Dharamshala: दलाई लामा से मिले आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, धर्म सम्मेलन में लिया भाग
आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अपने प्रथम दिवस के प्रवास पर शनिवार को धर्मशाला में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाई लामा से शिष्टाचार भेंट की।
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आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अपने प्रथम दिवस के प्रवास पर शनिवार को धर्मशाला में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाई लामा से शिष्टाचार भेंट की। इसके बाद निर्वासित तिब्बती संसद का अवलोकन किया जहां पर उनका औपचारिक परिचय एवं स्वागत किया गया। इसके बाद कोतवाली बाजार स्थित सामुदायिक भवन में देव भूमि मैत्री संघ की ओर से आयोजित धर्म सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए होसबाले ने कहा कि तथागत बुद्ध ने कहा है कि एषः धर्म सनातन। सनातन की जड़े प्रकृति में विद्यमान हैं, मानव सेवा धर्म है। जो शुचिता, करुणा, तपस्या, त्याग आधारित है। हमारा सभी का एक ही लक्ष्य हैं, सभी महापुरुषों ने समय-समय पर धर्म की स्थापना एवं धर्म रक्षा के लिए प्राणार्पण किए।
गुरु तेगबहादुर ने धर्म रक्षा के लिए बलिदान किया, उसी धर्म रक्षा के लिए परम पावन दलाई लामा विश्व में शांति का संदेश दे रहे हैं। इसलिए सभी को धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। सम्मेलन में मुख्य अतिथि 7वें लिंग रिपोछे उपस्थित हुए। इस सम्मेलन का आयोजन दलाई लामा के 90वर्ष पूर्ण होने पर उनके दीर्घायु के लिए एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त किया गया। लिंग रिंपोछे ने संघ की प्रशंसा करते हुए कहा की संघ देश और दुनिया में एकता, समरसता एवं सद्भावना का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा की सभी को पर्यावरण रक्षा, अहिंसा एवं विश्व शांति के लिए कार्य करने की आवश्यकता हैं। भारत दुनिया को सही रास्ता दिखा कर आगे बढ़ रहा हैं। सम्मेलन में किनौर, लाहौल-स्पीति, जिला कांगड़ा एवं अन्य कई स्थानों से बौद्ध धर्म के सेकड़ों अनुयायियों ने भाग लिया। इस अवसर प्रान्त संघचालक डाॅ. वीर सिंह रांगड़ा, क्षेत्र कार्यवाह रोशन यादव, डाॅ. किस्मत कुमार क्षेत्र प्रचारक जतिन, सरदार जसवीर, भूषण रैना, गेशे लोंगजाग, कोचांग गोंपा नेगी, तंजीन छोगदेन, कोंचा मिगमार, कार्यक्रम संयोजक डाॅ. थूकतन नेगी, सह संयोजक सुनील शर्मा, भूपेंद्र सिंह सहित कई प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया।