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पांच साल के लिए बनेंगे भेड़पालकों के परमिट : मनोज
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के चेयरमैन मनोज ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार भेड़-बकरी पालकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रही है। भेड़पालकों को अब हर वर्ष परमिट नवीनीकरण की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। उनके परमिट पांच वर्ष के लिए जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आगामी मंत्रिमंडल बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी देने की सहमति प्रदान की है।
मंगलवार को धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्ष 1970 में भेड़-बकरी पालकों के परमिट सीज होने के कारण अनेक परिवारों की नई पीढ़ियां इस व्यवसाय से नहीं जुड़ सकीं। छह वर्ष पहले हुई पशुगणना में प्रदेश में करीब 21 लाख भेड़-बकरियां दर्ज थीं। वर्तमान में यह संख्या घटकर लगभग 16 लाख रह गई है। पशुपालकों की समस्याओं के समाधान और व्यवस्था की नियमित समीक्षा के लिए विशेष ग्रेजिंग एडवाइजरी कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी में स्थानीय पशुपालक, पंचायत प्रतिनिधि, विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ और वूल फेडरेशन का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। भैंस पालन से जुड़े गुर्जर समुदाय और अन्य घुमंतू पशुपालकों को भी इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने इन निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मंगलवार को धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्ष 1970 में भेड़-बकरी पालकों के परमिट सीज होने के कारण अनेक परिवारों की नई पीढ़ियां इस व्यवसाय से नहीं जुड़ सकीं। छह वर्ष पहले हुई पशुगणना में प्रदेश में करीब 21 लाख भेड़-बकरियां दर्ज थीं। वर्तमान में यह संख्या घटकर लगभग 16 लाख रह गई है। पशुपालकों की समस्याओं के समाधान और व्यवस्था की नियमित समीक्षा के लिए विशेष ग्रेजिंग एडवाइजरी कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी में स्थानीय पशुपालक, पंचायत प्रतिनिधि, विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ और वूल फेडरेशन का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। भैंस पालन से जुड़े गुर्जर समुदाय और अन्य घुमंतू पशुपालकों को भी इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने इन निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
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