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Kangra News: रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर छह को सजा, एक-एक हजार रुपये जुर्माना
Wed, 08 Jul 2026 12:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 08 Jul 2026 12:08 PM IST
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धर्मशाला। धार्मिक आयोजन में निर्धारित समय के बाद तेज आवाज में डीजे बजाना छह लोगों को महंगा पड़ गया। नूरपुर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (कोर्ट नंबर-2) पुष्प लता की अदालत ने जगराते में रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने के मामले में छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी दोषियों को अदालत उठने तक के साधारण कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना न भरने पर पांच दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला 26 मार्च 2022 का है, जब एसडीएम से केवल रात 10 बजे तक की अनुमति होने के बावजूद नूरपुर क्षेत्र के एक जगराते में रात करीब 11:36 बजे तक तेज आवाज में डीजे बजाया गया। शिकायत पर पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं और तीन पुरुषों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था।
अदालत ने माना कि आरोपियों ने सार्वजनिक आदेश की अवहेलना की, जिसके चलते उन्हें तत्कालीन धारा 188/34 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया गया। हालांकि, पुलिस कार्य में बाधा डालने व साक्ष्य मिटाने के आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया। अदालत ने कहा कि देर रात तेज आवाज में डीजे बजाना जनहित के प्रतिकूल है, इसलिए दोषियों को परिवीक्षा का लाभ नहीं दिया जा सकता।
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जुर्माना न भरने पर पांच दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला 26 मार्च 2022 का है, जब एसडीएम से केवल रात 10 बजे तक की अनुमति होने के बावजूद नूरपुर क्षेत्र के एक जगराते में रात करीब 11:36 बजे तक तेज आवाज में डीजे बजाया गया। शिकायत पर पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं और तीन पुरुषों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था।
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अदालत ने माना कि आरोपियों ने सार्वजनिक आदेश की अवहेलना की, जिसके चलते उन्हें तत्कालीन धारा 188/34 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया गया। हालांकि, पुलिस कार्य में बाधा डालने व साक्ष्य मिटाने के आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया। अदालत ने कहा कि देर रात तेज आवाज में डीजे बजाना जनहित के प्रतिकूल है, इसलिए दोषियों को परिवीक्षा का लाभ नहीं दिया जा सकता।
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