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बाल स्कूल को मर्ज न करने का निर्णय सही : पठानिया
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:02 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूरपुर (कांगड़ा)। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश पठानिया ने नूरपुर शहर के ऐतिहासिक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल पाठशाला को गर्ल्स स्कूल में मर्ज न करने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध रखने की सरकार की सराहना की है। इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता की भावनाओं का सम्मान किया है। हाल ही में उन्होंने मर्ज करने के बजाय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध रखने को लेकर 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। सरकार के निर्णय से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
इस दौरान राकेश पठानिया ने पूर्व विधायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसा कि अगर केवल चिट्ठी लिखने से ही समस्याओं का समाधान हो जाता तो तीन वर्ष में ट्रैक्टर चालकों की समस्याएं, कॉलेज भवन का निर्माण, मातृ शिशु अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण मांगें कब की पूरी हो जातीं। जनता केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है बल्कि जमीनी स्तर पर काम चाहती है। उन्होंने दोहराया कि वह जनता से जुड़े मुद्दे को लेकर संघर्ष करते रहेंगे।
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नूरपुर (कांगड़ा)। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश पठानिया ने नूरपुर शहर के ऐतिहासिक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल पाठशाला को गर्ल्स स्कूल में मर्ज न करने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध रखने की सरकार की सराहना की है। इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता की भावनाओं का सम्मान किया है। हाल ही में उन्होंने मर्ज करने के बजाय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध रखने को लेकर 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। सरकार के निर्णय से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
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इस दौरान राकेश पठानिया ने पूर्व विधायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसा कि अगर केवल चिट्ठी लिखने से ही समस्याओं का समाधान हो जाता तो तीन वर्ष में ट्रैक्टर चालकों की समस्याएं, कॉलेज भवन का निर्माण, मातृ शिशु अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण मांगें कब की पूरी हो जातीं। जनता केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है बल्कि जमीनी स्तर पर काम चाहती है। उन्होंने दोहराया कि वह जनता से जुड़े मुद्दे को लेकर संघर्ष करते रहेंगे।