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केंद्र से मिली राशि खर्च नहीं कर पाई सरकार : संजय
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स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत पर्यटन हब बनने का सपना टूटा
तकनीकी व प्रशासनिक देरी से स्थानीय युवाओं के रोजगार पर असर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरियाल (कांगड़ा)। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजय गुलेरिया ने कहा कि प्रदेश सरकार एक तरफ कह रही कि केंद्र सरकार कोई मदद नहीं कर रही। जबकि, हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर देने वाली स्वदेश दर्शन 02 योजना के तहत पौंग झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए केंद्र से दी गई 100 करोड़ की राशि को खर्च नहीं कर पाई। केंद्र ने इसी कारण इस राशि को स्वदेश दर्शन से प्रसाद योजना में स्थानांतरित कर दिया। इससे स्थानीय युवाओं के रोजगार के सपनों को झटका लगा है।
इस योजना के अंतर्गत पौंग झील के चार प्रमुख क्षेत्रों देहरा, नगरोटा सूरियां, बाथू की लड़ी (जवाली) और खटियाड़ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना था। योजना का उद्देश्य पौंग झील को इको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करना, बर्ड वॉचिंग को बढ़ावा देना और बुनियादी ढांचे में सुधार करना था। पक्षी प्रेमी आनंद साहिल का कहना है कि स्वदेश दर्शन 02 योजना से बर्ड वाचिंग एवं टूरिज्म गतिविधियों से जुड़कर स्थानीय युवा आजीविका कमा सकते थे। जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि उन्होंने स्वदेश दर्शन 02 योजना के तहत पौंग झील के चिह्नित क्षेत्रों का प्रारूप समय पर केंद्र को भेज दिया था। अब किन कारणों से राशि को स्थानांतरित किया है, इसके बारे में बताना मुश्किल है। पौंग झील को पर्यटन कि दृष्टि से विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग प्रयासरत रहेगा।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि इसके बारे में जानकारी हासिल कर पौंग झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना स्वदेश दर्शन की राशि स्थानांतरित नहीं होने दी जाएगी।
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तकनीकी व प्रशासनिक देरी से स्थानीय युवाओं के रोजगार पर असर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरियाल (कांगड़ा)। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजय गुलेरिया ने कहा कि प्रदेश सरकार एक तरफ कह रही कि केंद्र सरकार कोई मदद नहीं कर रही। जबकि, हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर देने वाली स्वदेश दर्शन 02 योजना के तहत पौंग झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए केंद्र से दी गई 100 करोड़ की राशि को खर्च नहीं कर पाई। केंद्र ने इसी कारण इस राशि को स्वदेश दर्शन से प्रसाद योजना में स्थानांतरित कर दिया। इससे स्थानीय युवाओं के रोजगार के सपनों को झटका लगा है।
इस योजना के अंतर्गत पौंग झील के चार प्रमुख क्षेत्रों देहरा, नगरोटा सूरियां, बाथू की लड़ी (जवाली) और खटियाड़ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना था। योजना का उद्देश्य पौंग झील को इको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करना, बर्ड वॉचिंग को बढ़ावा देना और बुनियादी ढांचे में सुधार करना था। पक्षी प्रेमी आनंद साहिल का कहना है कि स्वदेश दर्शन 02 योजना से बर्ड वाचिंग एवं टूरिज्म गतिविधियों से जुड़कर स्थानीय युवा आजीविका कमा सकते थे। जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि उन्होंने स्वदेश दर्शन 02 योजना के तहत पौंग झील के चिह्नित क्षेत्रों का प्रारूप समय पर केंद्र को भेज दिया था। अब किन कारणों से राशि को स्थानांतरित किया है, इसके बारे में बताना मुश्किल है। पौंग झील को पर्यटन कि दृष्टि से विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग प्रयासरत रहेगा।
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कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि इसके बारे में जानकारी हासिल कर पौंग झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना स्वदेश दर्शन की राशि स्थानांतरित नहीं होने दी जाएगी।