{"_id":"698b6a5b5375309b560299f7","slug":"capacity-building-of-vocational-trainers-kullu-news-c-89-1-ssml1015-168684-2026-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: व्यावसायिक प्रशिक्षकों की क्षमता को होगा संवर्धन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: व्यावसायिक प्रशिक्षकों की क्षमता को होगा संवर्धन
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 11 Feb 2026 06:56 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
कुल्लू। राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के तहत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम (टीओटी) का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 11 फरवरी से पांच मार्च तक चार बैच में आयोजित होगा। कार्यक्रम का प्रथम बैच 11 फरवरी से पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र के व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए आरंभ किया जाएगा। इसके पश्चात तीन अतिरिक्त बैच क्रमशः 17 से 21 फरवरी, 23 से 27 फरवरी तथा एक से पांच मार्च तक आयोजित किए जाएंगे।
हालांकि, इन बैच में इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान (अपैरल), मीडिया, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर एवं प्लंबिंग जैसे विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों के प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षकों की क्षमता संवर्धन करना है। प्रशिक्षण मॉड्यूल में व्यावसायिक शिक्षा का अवलोकन, कॅरिअर मार्गदर्शन, डिजिटल पोर्टलों का उपयोग, व्यावसायिक फंड प्रबंधन, आकलन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया, उद्योग-विद्यालय समन्वय तथा ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) जैसे विषयों को शामिल किया गया है। इस संबंध में टीओटी कार्यक्रम के समन्वयक (प्रधानाचार्य स्कूल) अमित मेहता ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के सरकारी विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
Trending Videos
हालांकि, इन बैच में इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान (अपैरल), मीडिया, फूड प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर एवं प्लंबिंग जैसे विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों के प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षकों की क्षमता संवर्धन करना है। प्रशिक्षण मॉड्यूल में व्यावसायिक शिक्षा का अवलोकन, कॅरिअर मार्गदर्शन, डिजिटल पोर्टलों का उपयोग, व्यावसायिक फंड प्रबंधन, आकलन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया, उद्योग-विद्यालय समन्वय तथा ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) जैसे विषयों को शामिल किया गया है। इस संबंध में टीओटी कार्यक्रम के समन्वयक (प्रधानाचार्य स्कूल) अमित मेहता ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के सरकारी विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
विज्ञापन
विज्ञापन