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Kullu News: डीसी ने पोरी मेले का पोस्टर किया जारी
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उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने जारी किया राज्य स्तरीय पोरी मेले का पोस्टर । संवाद
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल-स्पीति का धार्मिक, सांस्कृतिक एवं लोक परंपराओं का प्रतीक राज्यस्तरीय पोरी मेला 21 से 23 अगस्त तक मनाया जाएगा। मेले के लिए जिला प्रशासन और आयोजकों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मंगलवार को उपायुक्त किरण भड़ाना ने पोरी मेले का पोस्टर जारी किया। उन्होंने कहा कि पोरी मेला लाहौल-स्पीति की विशिष्ट धार्मिक आस्था, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सदियों पुरानी लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। भगवान त्रिलोकीनाथ से जुड़ी धार्मिक आस्था पोरी मेले की प्रमुख विशेषताओं में से एक है।
उदयपुर स्थित त्रिलोकीनाथ मंदिर हिंदू और बौद्ध दोनों समुदायों की साझा आस्था का प्रमुख केंद्र है। हिंदू श्रद्धालु भगवान त्रिलोकीनाथ को भगवान शिव के स्वरूप के रूप में तथा बौद्ध श्रद्धालु आर्य अवलोकितेश्वर के रूप में पूजते हैं। धार्मिक समन्वय की यह अनूठी परंपरा लाहौल-स्पीति की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक विशिष्ट बनाती है। मेले के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु त्रिलोकीनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान त्रिलोकीनाथ के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करते हैं।
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तीन दिवसीय मेले में खेल प्रतियोगिताएं, भव्य शोभा यात्रा तथा सांस्कृतिक संध्याएं मुख्य आकर्षण रहेंगी। शोभा यात्रा में लाहौल की पारंपरिक वेशभूषा, लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की मनमोहक झलक देखने को मिलेगी। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी (आईटीडीपी) अश्वनी कुमार, एसडीएम केलांग कुनिका एकर्स, नायब तहसीलदार विनय रशपा आदि उपस्थित रहे। संवाद
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मंगलवार को उपायुक्त किरण भड़ाना ने पोरी मेले का पोस्टर जारी किया। उन्होंने कहा कि पोरी मेला लाहौल-स्पीति की विशिष्ट धार्मिक आस्था, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सदियों पुरानी लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। भगवान त्रिलोकीनाथ से जुड़ी धार्मिक आस्था पोरी मेले की प्रमुख विशेषताओं में से एक है।
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उदयपुर स्थित त्रिलोकीनाथ मंदिर हिंदू और बौद्ध दोनों समुदायों की साझा आस्था का प्रमुख केंद्र है। हिंदू श्रद्धालु भगवान त्रिलोकीनाथ को भगवान शिव के स्वरूप के रूप में तथा बौद्ध श्रद्धालु आर्य अवलोकितेश्वर के रूप में पूजते हैं। धार्मिक समन्वय की यह अनूठी परंपरा लाहौल-स्पीति की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक विशिष्ट बनाती है। मेले के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु त्रिलोकीनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान त्रिलोकीनाथ के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करते हैं।
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तीन दिवसीय मेले में खेल प्रतियोगिताएं, भव्य शोभा यात्रा तथा सांस्कृतिक संध्याएं मुख्य आकर्षण रहेंगी। शोभा यात्रा में लाहौल की पारंपरिक वेशभूषा, लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की मनमोहक झलक देखने को मिलेगी। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी (आईटीडीपी) अश्वनी कुमार, एसडीएम केलांग कुनिका एकर्स, नायब तहसीलदार विनय रशपा आदि उपस्थित रहे। संवाद