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Kullu News: फायर एनओसी नियमों में राहत की मांग, होटलियर्स ने सौंपा ज्ञापन
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल होटलियर्स एसोसिएशन ने जनजातीय एवं शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों के लिए अग्निशमन विभाग की फायर एनओसी संबंधी शर्तों में व्यावहारिक राहत देने की मांग उठाई है। इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष तंजिन करपा ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं एसडीएम केलांग कुनिका एकर्स को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश अग्निशमन विभाग ने नए पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए फायर एनओसी के संशोधित मानदंड लागू किए हैं। लाहौल जैसे जनजातीय एवं शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां इन नियमों के पालन में बड़ी बाधा बन रही हैं। घाटी में सर्दियों के दौरान पांच से छह माह तक तापमान शून्य से नीचे रहता है, जिससे निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाता है।
एसोसिएशन का कहना है कि दुर्गम भौगोलिक स्थिति और अत्यधिक ठंड को देखते हुए इन क्षेत्रों के लिए अलग और व्यवहारिक मानदंड तय किए जाने चाहिए। होटलियर्स एसोसिएशन ने प्रशासन से फायर एनओसी के नियमों की समीक्षा कर जनजातीय एवं कोल्ड डेजर्ट क्षेत्रों के लिए विशेष छूट और व्यावहारिक संशोधन लागू करने की मांग की है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करेगा, जिससे पर्यटन उद्योग और स्थानीय होटल व्यवसायियों को राहत मिल सके। संवाद
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ज्ञापन में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश अग्निशमन विभाग ने नए पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए फायर एनओसी के संशोधित मानदंड लागू किए हैं। लाहौल जैसे जनजातीय एवं शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां इन नियमों के पालन में बड़ी बाधा बन रही हैं। घाटी में सर्दियों के दौरान पांच से छह माह तक तापमान शून्य से नीचे रहता है, जिससे निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाता है।
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एसोसिएशन का कहना है कि दुर्गम भौगोलिक स्थिति और अत्यधिक ठंड को देखते हुए इन क्षेत्रों के लिए अलग और व्यवहारिक मानदंड तय किए जाने चाहिए। होटलियर्स एसोसिएशन ने प्रशासन से फायर एनओसी के नियमों की समीक्षा कर जनजातीय एवं कोल्ड डेजर्ट क्षेत्रों के लिए विशेष छूट और व्यावहारिक संशोधन लागू करने की मांग की है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करेगा, जिससे पर्यटन उद्योग और स्थानीय होटल व्यवसायियों को राहत मिल सके। संवाद
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