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Kullu News: तीन बार यूपीएससी में चूके, अब किताब में पिरोया संघर्ष
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कुल्लू। जनजातीय क्षेत्र पांगी के पुंटो गांव के युवा लेखराज शर्मा (अक्षित) ने यूपीएससी में तीन बार असफल होने के अपने संघर्ष को किताब का रूप दिया है। चार साल की तैयारी के दौरान वह हर बार मामूली अंकों से चूकते रहे। उन्होंने अपने अनुभवों को लाइफ आफ्टर 3 यूपीएससी फेलियर पुस्तक में समेटा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मार्गदर्शक बनेगी। लेखराज का कहना है कि यह किताब सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि उस मानसिक संघर्ष की कहानी है, जिससे हर अभ्यर्थी गुजरता है। पुस्तक में 82 पेज हैं जिसमें 9 अध्याय शामिल है। पुस्तक अमेजॉन पर भी उपलब्ध है।
हमीरपुर से कुल्लू तक का सफर
बीए के बाद 2022 में वह पांगी से हमीरपुर तैयारी के लिए पहुंचे। 2023 में कुल्लू आकर जिला पुस्तकालय में पढ़ाई जारी रखी। तीन प्रयासों में असफल रहने के बाद उन्होंने अपने अनुभव को शब्द देने का निर्णय लिया। पहली बार उन्होंने 2023 में यूपीएससी परीक्षा दी थी और उसके बाद लगातार 2024 और 2025 में भी किस्मत आजमाई। चार भाई-बहनों में सबसे बड़े लेखराज के माता-पिता खेतीबाड़ी करते हैं। उनका मानना है कि असफलता के बाद गलत रास्तों पर जाने के बजाय ऊर्जा को सही दिशा में लगाना चाहिए।
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युवाओं के लिए संदेश
पुस्तक में अपनी गलतियां, सीख और अनुभव साझा किए हैं। यह दिखाती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि इंसान को मजबूत बनाने की प्रक्रिया है। उनका कहना है कि आप किसी भी क्षेत्र में संघर्ष कर रहे हैं और उसमें असफल हो रहे हैं तो भी पीछे न हटें। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं और आगे बढ़ें।
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बीए के बाद 2022 में वह पांगी से हमीरपुर तैयारी के लिए पहुंचे। 2023 में कुल्लू आकर जिला पुस्तकालय में पढ़ाई जारी रखी। तीन प्रयासों में असफल रहने के बाद उन्होंने अपने अनुभव को शब्द देने का निर्णय लिया। पहली बार उन्होंने 2023 में यूपीएससी परीक्षा दी थी और उसके बाद लगातार 2024 और 2025 में भी किस्मत आजमाई। चार भाई-बहनों में सबसे बड़े लेखराज के माता-पिता खेतीबाड़ी करते हैं। उनका मानना है कि असफलता के बाद गलत रास्तों पर जाने के बजाय ऊर्जा को सही दिशा में लगाना चाहिए।
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युवाओं के लिए संदेश
पुस्तक में अपनी गलतियां, सीख और अनुभव साझा किए हैं। यह दिखाती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि इंसान को मजबूत बनाने की प्रक्रिया है। उनका कहना है कि आप किसी भी क्षेत्र में संघर्ष कर रहे हैं और उसमें असफल हो रहे हैं तो भी पीछे न हटें। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं और आगे बढ़ें।
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