{"_id":"69823de7a87425ecf80cac2d","slug":"fertile-land-drenched-by-snow-and-rain-kullu-news-c-89-1-ssml1012-168103-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: बर्फबारी और बारिश से तर हो गई उपजाऊ भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: बर्फबारी और बारिश से तर हो गई उपजाऊ भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 04 Feb 2026 06:52 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
कुल्लू। 23 जनवरी से लेकर जिला कुल्लू में चार बार बर्फबारी व बारिश हुई है। जिससे किसान-बागवानों के चेहरे भी खिल गए हैं। जिले में करीब 50,000 हेक्टेयर भूमि पूरी तरह से तर हो गई है। 30 हजार हेक्टेयर भूमि में बागवानी को संजीवनी मिली है जबकि 20 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में कोंपलें फूट पड़ी हैं। खेत खलिहानों में अच्छी नमी होने से बागवानी के साथ रबी की फसल की पैदावार बढ़ेगी।
करीब पौने चार माह तक बारिश न होने से किसानों-बागवानों से चेहरे लटक गए थे। कई जगह तो लहसुन के साथ जौ व गेहूं की फसल पीली भी पड़ना शुरू हो गई थी। लहसुन को छोड़कर अन्य फसलों की बिजाई का काम रुक गया। अब 12 दिनों से जिला में चार बार जमकर बर्फ व बारिश हो रही है। किसान-बागवान खुशी से झूम उठे हैं। बर्फ की चांदी से 30 हजार हेक्टेयर में लगाए सेब, प्लम, नाशपाती, खुमानी, आडू व जापानी के आगामी सीजन में अच्छी फसल की बागवानों का आस है। सेब के उत्पादन के लिए बर्फबारी को अच्छा माना जाता है।
बागवान शेर सिंह, मोती राम, तेज राम, गुमत राम, लीला प्रसाद, खेम राज, नरोतम सिंह और निक्का राम ने बताया कि बर्फबारी सेब के पौधे में लगने वाली कई बीमारियों को खत्म करती है। बागवानी के लिए बर्फ रामबाण से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि 12 दिनों में चार से बार हुई बर्फबारी व बारिश से खेत खलिहान तर हो गए हैं। लहसुन के साथ मटर व गेहूं का उत्पादन अच्छा होगा।
बर्फबारी-बारिश से खेत पूरी तरह से तर हो गए हैं। कृषि में नई जान आई है। सूखे जैसे हालत पूरी तरह से धुल गए हैं। विभाग को उम्मीद है कि रबी सीजन में फसल की अच्छी उपज होगी।
-डॉ. ऋतु गुप्ता उपनिदेशक कृषि विभाग कुल्लू
बागवान अब तौलिए के साथ नए बगीचे लगाने के लिए गड्ढों को बना सकेंगे। खाद व गोबर डालने के लिए भी नमी हो गई है। सेब में लगने वाली कई बीमारियां भी दूर होंगी।
-राज कुमार, उपनिदेशक बागवानी विभाग कुल्लू।
Trending Videos
करीब पौने चार माह तक बारिश न होने से किसानों-बागवानों से चेहरे लटक गए थे। कई जगह तो लहसुन के साथ जौ व गेहूं की फसल पीली भी पड़ना शुरू हो गई थी। लहसुन को छोड़कर अन्य फसलों की बिजाई का काम रुक गया। अब 12 दिनों से जिला में चार बार जमकर बर्फ व बारिश हो रही है। किसान-बागवान खुशी से झूम उठे हैं। बर्फ की चांदी से 30 हजार हेक्टेयर में लगाए सेब, प्लम, नाशपाती, खुमानी, आडू व जापानी के आगामी सीजन में अच्छी फसल की बागवानों का आस है। सेब के उत्पादन के लिए बर्फबारी को अच्छा माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बागवान शेर सिंह, मोती राम, तेज राम, गुमत राम, लीला प्रसाद, खेम राज, नरोतम सिंह और निक्का राम ने बताया कि बर्फबारी सेब के पौधे में लगने वाली कई बीमारियों को खत्म करती है। बागवानी के लिए बर्फ रामबाण से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि 12 दिनों में चार से बार हुई बर्फबारी व बारिश से खेत खलिहान तर हो गए हैं। लहसुन के साथ मटर व गेहूं का उत्पादन अच्छा होगा।
बर्फबारी-बारिश से खेत पूरी तरह से तर हो गए हैं। कृषि में नई जान आई है। सूखे जैसे हालत पूरी तरह से धुल गए हैं। विभाग को उम्मीद है कि रबी सीजन में फसल की अच्छी उपज होगी।
-डॉ. ऋतु गुप्ता उपनिदेशक कृषि विभाग कुल्लू
बागवान अब तौलिए के साथ नए बगीचे लगाने के लिए गड्ढों को बना सकेंगे। खाद व गोबर डालने के लिए भी नमी हो गई है। सेब में लगने वाली कई बीमारियां भी दूर होंगी।
-राज कुमार, उपनिदेशक बागवानी विभाग कुल्लू।
