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शिक्षण संस्थानों को बंद कर रही सरकार : संघ
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संकाय बंद कर छात्रों को शिक्षा से वंचित कर रही सरकार: संघ
सैंज में वाणिज्य संकाय बंद करने के निर्णय का जताया विरोध
सैंज कॉलेज में वाणिज्य संकाय को जारी रखने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
लारजी (कुल्लू)। पूर्व छात्र संघ सैंज के सदस्य प्रशांत नेगी, डूर सिंह, दर्शन और बॉबी ने कहा कि प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा विभाग छात्र विरोधी निर्णय ले रहे हैं। सोमवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि सैंज महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय को सुनियोजित तरीके से बंद किया जा रहा है। शिक्षकों के रिक्त पद न भरना और छात्रों की कमी का बहाना बनाकर शिक्षण संस्थान बंद करना सरकार की नीति बन गई है।
कहा कि सैंज महाविद्यालय में क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थी वाणिज्य संकाय में उच्च शिक्षा ले रहे हैं। सैंज घाटी में कई गांव दुर्गम क्षेत्रों में हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए दूरदराज के महाविद्यालयों में जाकर पढ़ाई करना संभव नहीं है। महाविद्यालय में विभिन्न विषयों के अनेक पद वर्षों से रिक्त हैं। कॉलेज महज पांच प्रोफेसरों के सहारे चल रहा है। कहा कि पूर्व छात्र संघ एवं अन्य छात्र संगठनों ने एक स्वर में मांग की है कि वाणिज्य संकाय को तत्काल प्रभाव से जारी रखा जाए। रिक्त पदों पर शीघ्र स्थायी नियुक्तियां की जाएं। संवाद
सैंज में वाणिज्य संकाय बंद करने के निर्णय का जताया विरोध
सैंज कॉलेज में वाणिज्य संकाय को जारी रखने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
लारजी (कुल्लू)। पूर्व छात्र संघ सैंज के सदस्य प्रशांत नेगी, डूर सिंह, दर्शन और बॉबी ने कहा कि प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा विभाग छात्र विरोधी निर्णय ले रहे हैं। सोमवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि सैंज महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय को सुनियोजित तरीके से बंद किया जा रहा है। शिक्षकों के रिक्त पद न भरना और छात्रों की कमी का बहाना बनाकर शिक्षण संस्थान बंद करना सरकार की नीति बन गई है।
कहा कि सैंज महाविद्यालय में क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थी वाणिज्य संकाय में उच्च शिक्षा ले रहे हैं। सैंज घाटी में कई गांव दुर्गम क्षेत्रों में हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए दूरदराज के महाविद्यालयों में जाकर पढ़ाई करना संभव नहीं है। महाविद्यालय में विभिन्न विषयों के अनेक पद वर्षों से रिक्त हैं। कॉलेज महज पांच प्रोफेसरों के सहारे चल रहा है। कहा कि पूर्व छात्र संघ एवं अन्य छात्र संगठनों ने एक स्वर में मांग की है कि वाणिज्य संकाय को तत्काल प्रभाव से जारी रखा जाए। रिक्त पदों पर शीघ्र स्थायी नियुक्तियां की जाएं। संवाद
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