{"_id":"69a719f8181638d055077a82","slug":"gulal-was-thrown-in-abundance-and-gifts-of-happiness-were-distributed-kullu-news-c-89-1-klu1002-170451-2026-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: खूब उड़ा गुलाल...., बांटी खुशियों की सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: खूब उड़ा गुलाल...., बांटी खुशियों की सौगात
विज्ञापन
कुल्लू में कलाकेंद्र में होली उत्सव के दौरान झुमते युवा।-संवाद
विज्ञापन
कुल्लू। सुबह के आठ बजे से कुल्लू घाटी में रंगों का त्योहार शुरू हुआ। दिन चढ़ने के साथ होली मनाने वालों का काफिला भी धीरे-धीरे बढ़ता गया। करीब 10 बजे शहर की तमाम सड़कों, गलियों और चौराहों पर लोगों की टोलियां निकलतीं दिखाई दीं, जो एक दूसरे को रंग लगाकर होली उत्सव की मुबारकबाद दे रही थीं। उसके बाद टोलियां आगे बढ़ती गईं....होली गीतों पर नाचते झूमते हुए लोगों ने रंगों का जश्न मनाया। कुल्लू घाटी की होली खासकर भगवान रघुनाथ से जुड़ी हुई है। इस कारण रघुनाथपुर में सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। धीरे-धीरे यहां भी होली मनाने वालों की भीड़ बढ़ती गई। शाम तीन बजे मंदिर चंद्रग्रहण के चलते बंद कर दिया गया।
इधर, शहरभर में हर गलियों में लोगों ने ढोल नगाड़ों, ढोलक चिमटा लेकर तो कहीं पंजाबी ढोल पर जश्न मनाया। ढालपुर के ऐतिहासिक मैदान में युवाओं की टोलियां भी एक-दूसरे पर रंगों की बरसात करते दिखीं। जिला मुख्यालय कुल्लू में ढालपुर, सरवरी, अखाड़ा बाजार, सुल्तानपुर, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, चामुंडानगर, देवधार, शीशामाटी, लोरन आदि क्षेत्रों में लोगों ने होली उत्सव मनाया।
....
बैरागी समुदाय ने मनाई विशेष होली
कुल्लू घाटी में बैरागी समुदाय होली को अलग ही ढंग से मना रहा है। मंगलवार को भी इस समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर होली मनाई और शहर में अलग-अलग घरों में जाकर होली गायन किया। एक दूसरे के चरणों में गुलाल डालकर मुबारकबाद दी। बैरागी समुदाय की होली का भी भगवान रघुनाथ की होली से विशेष ताल्लुक है। उनका यह होली पर्व 40 दिनों तक चलता है जो बसंत उत्सव से शुरू होता है। आज मंगलवार को संपन्न हो गया है।
...
लोअर ढालपुर में ढोल नगाड़ों की थाप पर मनाई होली
जिला मुख्यालय कल्लू के लोअर ढालपुर में लोगों ने ढोल नगाड़ों की थाप पर होली उत्सव मनाया। यहां भी लोगों ने एक टोली बना कर घर-घर दस्तक दी और एक दूसरे के चरणों में गुलाल डालकर बधाई दी। लोगों ने होली के परंपरागत गीत गाकर नृत्य भी किया। टोली में आगे आगे एक झंडा लिए व्यक्ति और उसके पीछे ढोल नगाड़े और करनाल बजाकर लोगों की टोली आगे बढ़ती रही।
....
-कला केंद्र में डीजे की धुन पर नृत्य
जिला मुख्यालय कुल्लू स्थित लालचंद प्रार्थी कला केंद्र में डीजे की धुन पर होली मनाई गई। यहां सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने एकत्रित होकर डीजे पर गीत बजाकर गुलाल उड़ाया और नृत्य किया। यहां युवक-युवतियों ने फिल्मी और पहाड़ी गीतों पर दोपहर करीब 12 बजे से शाम तक नृत्य किया।
000
Trending Videos
इधर, शहरभर में हर गलियों में लोगों ने ढोल नगाड़ों, ढोलक चिमटा लेकर तो कहीं पंजाबी ढोल पर जश्न मनाया। ढालपुर के ऐतिहासिक मैदान में युवाओं की टोलियां भी एक-दूसरे पर रंगों की बरसात करते दिखीं। जिला मुख्यालय कुल्लू में ढालपुर, सरवरी, अखाड़ा बाजार, सुल्तानपुर, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, चामुंडानगर, देवधार, शीशामाटी, लोरन आदि क्षेत्रों में लोगों ने होली उत्सव मनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
....
बैरागी समुदाय ने मनाई विशेष होली
कुल्लू घाटी में बैरागी समुदाय होली को अलग ही ढंग से मना रहा है। मंगलवार को भी इस समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर होली मनाई और शहर में अलग-अलग घरों में जाकर होली गायन किया। एक दूसरे के चरणों में गुलाल डालकर मुबारकबाद दी। बैरागी समुदाय की होली का भी भगवान रघुनाथ की होली से विशेष ताल्लुक है। उनका यह होली पर्व 40 दिनों तक चलता है जो बसंत उत्सव से शुरू होता है। आज मंगलवार को संपन्न हो गया है।
...
लोअर ढालपुर में ढोल नगाड़ों की थाप पर मनाई होली
जिला मुख्यालय कल्लू के लोअर ढालपुर में लोगों ने ढोल नगाड़ों की थाप पर होली उत्सव मनाया। यहां भी लोगों ने एक टोली बना कर घर-घर दस्तक दी और एक दूसरे के चरणों में गुलाल डालकर बधाई दी। लोगों ने होली के परंपरागत गीत गाकर नृत्य भी किया। टोली में आगे आगे एक झंडा लिए व्यक्ति और उसके पीछे ढोल नगाड़े और करनाल बजाकर लोगों की टोली आगे बढ़ती रही।
....
-कला केंद्र में डीजे की धुन पर नृत्य
जिला मुख्यालय कुल्लू स्थित लालचंद प्रार्थी कला केंद्र में डीजे की धुन पर होली मनाई गई। यहां सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने एकत्रित होकर डीजे पर गीत बजाकर गुलाल उड़ाया और नृत्य किया। यहां युवक-युवतियों ने फिल्मी और पहाड़ी गीतों पर दोपहर करीब 12 बजे से शाम तक नृत्य किया।
000