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HP Vidhansabha Session: 70 फीसदी बढ़ गया हिमाचल का अनुपूरक बजट; विपक्ष ने उठाए सवाल, किया वाकआउट

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 20 Mar 2026 05:00 AM IST
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सार

प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 40,461.95 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया। 

HP Vidhansabha Session: Supplementary Budget of 40,461.95 Crore Passed; Opposition Creates Uproar,Walkout
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 हिमाचल प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को चालू वित्त के लिए 40,461.95 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया। कुल बजट का करीब 70 फीसदी अनुपूरक बजट होने पर विपक्ष ने कई सवाल उठाए। पिछले साल 2025-26 के लिए 58,514 करोड़ का बजट पेश किया था। गुरुवार को विधानसभा में 40,461.95 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित होने से अब आंकड़ा 98,975.95 करोड़ पहुंच गया है। इस पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा करने के बाद वाकआउट कर दिया। उधर, सरकार की ओर से कहा गया कि केंद्र की ओर से आरडीजी बंद होने से जनता पर न पड़े बोझ, इसलिए वेज एंड मींज के तहत ऋण लिया गया है।

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 भोजनावकाश से पहले सीएम ने अनुपूरक मांगों को सदन में रखा
बजट सत्र की बैठक में भोजनावकाश से पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 40,461.95 करोड़ की अनुपूरक मांगों को सदन के पटल पर रखा और इन्हें पारित कर दिया गया। उसके बाद विनियोग विधेयक को भी पारित किया गया। 40,461.95 करोड़ के अनुपूरक बजट में 36,374.61 करोड़ राज्य स्कीमों और 4087.34 करोड़ केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के लिए प्रावधान किया गया है। राज्य की स्कीमों में मुख्य रूप से 26,194.95 करोड़ रुपये वेज एंड मींस और ओवरड्राफ्ट के लिए प्रावधान किया गया। 4150.14 करोड़ रुपये का प्रावधान उपदान और बिजली को उदय योजना के तहत उपलब्ध करवाए गए ऋण को इक्विटी में बदलने, क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों की मरम्मत, 818.20 करोड़ प्राकृतिक आपदा राहत, 785.22 करोड़ जलापूर्ति एवं मल निकासी योजनाओं के लिए है। 

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मंत्री हर्षवर्धन ने ये कहा
केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के तहत अधिकतर राशि का चालू और नई विकास योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है। 2,453.97 करोड़ एनडीआरएफ से प्राप्त आपदा प्रबंधन, 688.40 करोड़ का प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, 352.18 करोड़ रेणुकाजी बांध विस्थापितों को मुआवजा देने, 82.45 करोड़ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), 68.30 करोड़ मनरेगा, 55.50 करोड़ फिना सिंह परियोजना, 36.66 करोड़ का प्रावधान राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए किया है। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि 40 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जब अनुपूरक बजट पेश किया गया उस समय विपक्ष को अपनी बात रखनी चाहिए थी। उस समय आप तैयार होकर नहीं आए। मुकेश ने कहा कि जयराम ठाकुर 6 बार के एमएलए और मुख्यमंत्री रहे हैं। जब डिमांड पर चर्चा हुई तो उन्होंने पढ़ा ही नहीं। आप तैयारी के साथ नहीं आए थे। गंभीर चूक हुई है। इस बीच विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी की।

सदन को अनुपूरक बजट की जानकारी नहीं : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में पारित अनुपूरक बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि 40,400 करोड़ का अनुपूरक बजट पास किया गया है लेकिन यह नहीं बताया गया कि इतना पैसा खर्च कहां हुआ। सदन में बजट की कॉपी भी उन्हें नहीं दी गई। सरकार चीजों को छिपा रही है। यह सदन की अवमानना है। सरकार इस पर स्पष्टीकरण दें। जब भी बजट प्रस्तुत होता है सदन को उसकी कॉपी दी जाती है। जयराम ने सदन के बाहर विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया।

सदस्यों को पारित करने से पहले चर्चा में भाग लेने को कहा था : पठानिया
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि अनुपूरक बजट विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। पठानिया ने रिकाॅर्ड निकाल कर पढ़ा। उन्होंने कहा कि इसमें साफ दर्ज था कि सदस्यगण चर्चा में भाग ले सकते हैं। उन्होंने चर्चा के लिए पूछा भी था। उन्होंने कहा कि विपक्ष को ध्यान देना चाहिए था।

वेज एंड मींस के कारण बढ़ा अनुपूरक बजट का आंकड़ा : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम उस समय सदन में नहीं थे जब अनुपूरक बजट पेश हो रहा था। कानूनी प्रावधान है कि अनुपूरक बजट विधानसभा में रखा जाता है। विधानसभा अध्यक्ष ने पूछा कोई इस विषय पर चर्चा करना चाहता है, उस समय किसी ने चर्चा में भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने पर जनता पर बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने वेज एंड मींज के तहत ऋण लिया। कहां खर्च किया, वह भी अनुपूरक बजट में बताया है। 98 हजार करोड़ का बजट नहीं है। हमने ऋण लिया और अगले दिन वापस कर दिया।

हिमकेयर, सहारा योजनाओं के लिए 657 करोड़
अनुपूरक बजट में हिमकेयर, सहारा योजना, चिकित्सा निकासी योजनाओं के लिए बजट रखा गया है। शिमला, टांडा, हमीरपुर, नेरचौक और एम्स चम्याणा में रोबोटिक सर्जरी, टांडा, हमीरपुर और एम्स चम्याणा में उन्नत परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना, हमीरपुर और टांडा के लिए पैट स्कैन की खरीद आदि के लिए 657.22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 555.89 करोड़ रुपये का प्रावधान शेष केंद्रीय सहायता के अंतर्गत सब्जी मंडी शिमला और नगर परिषद हमीरपुर में शॉपिंग, हमीरपुर में एचआरटीसी बस अड्डे, खलीनी शिमला में फ्लाई ओवर, छोटा शिमला से विल्ली पार्क तक अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट के निर्माण और स्कैंडल प्वाइंट पुस्तकालय के सुदृढ़ीकरण, 453.63 करोड़ सड़कों के रख-रखाव, पुलों, ग्रामीण सड़कों के निर्माण और मुआवजे, 443.33 करोड़ हिमाचल पथ परिवहन निगम को यात्रियों की विभिन्न श्रेणियों को किराये में दी जा रही छूट के एवज में उपदान, हमीरपुर में बस अड्डे और सिरमौर में भवन के निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के सुदृढ़ीकरण और 262.16 करोड़ 15वें वित्तायोग के अंतर्गत ग्रामीण स्थानीय निकायों को सहायता अनुदान के लिए किया गया।
 

सामुदायिक केंद्रों के निर्माण, 244.31 करोड़ स्कूल भवनों राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज सुलह, राजीव गांधी राजकीय अभियांत्रिकी कॉलेज और आईटीआई नगरोटा बगवां के भवनों तथा नादौन हमीरपुर, नाहन, बैजनाथ, कल्पा में इंडोर स्टेडियमों के निर्माण, 221.53 करोड़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं के मानदेय, मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना, लुथान कांगड़ा में सुख आश्रय परिसर एवं विभिन्न जिलों में शिशु देखभाल केंद्रों के निर्माण और पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति, 192.20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

एनडीआरएफ बटालियन मुख्यालय बैहना मंडी के लिए सड़क निर्माण, मशीनरी और उपकरणों की खरीद व 186.73 करोड़ राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय घंडल में न्यायिक अवसंरचना के उन्नयन, छात्रा छात्रावास, राजस्व भवनों, जेल भवनों, राज्य के विभिन्न स्थानों पर कार्यालय भवन, नई दिल्ली स्थित द्वारका में राज्य अतिथि गृह और हिमाचल भवन चंडीगढ़ के निर्माण के लिए किया गया। 148.24 करोड़ रुपये एनडीआरएफ बटालियन बैहना मंडी की स्थापना, 108.17 करोड़ न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में एसजीएसटी रिइंबर्समेंट और 104.65 करोड़ जीका, एमआईएस और एचपी शिवा परियोजना के लिए किया गया है।

अन्य विभागों को
 शहरी विकास 520.38 90.00, ग्रामीण विकास 563.59 2.27, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता 147.56 109.50, सिंचाई एवं जलापूर्ति 489.52 475.19, उद्योग विभाग 131.32 16.22, विद्युत विकास 1154.50 3042.75, सड़क एवं परिवहन 250.72 96.89 करोड़।

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