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पेंशन कम्युटेशन की रिकवरी अवधि 12 साल करें : गुलशन
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 31 Jan 2026 10:34 PM IST
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वार्षिक आय की सीमा को 12 से बढ़ाकर 15 लाख करने की भी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। केंद्र सरकार की मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पेंशन कम्युटेशन की रिकवरी को 15 साल के बजाय 12 साल किया जाए।
पेंशनभोगी संघ के प्रदेशाध्यक्ष एलआर गुलशन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें अभी भी पेंशनरों से 180 महीनों की पेंशन कम्युटेशन की कटौती कर रही हैं। करीब 36 महीने ज्यादा कटौती कर पेंशनरों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों और पेंशनरों की आयकर मुक्त वार्षिक आय की सीमा को वर्तमान 12 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये किया जाना चाहिए। मानक कटौती 75 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल सरकार की अनावश्यक रूप से रोकी गई आर्थिक सहायता को तत्काल बहाल किया जाए क्योंकि प्रदेश सरकार खराब आर्थिक स्थिति के चलते पेंशनरों और कर्मचारियों की छठे वेतन आयोग की संशोधित वेतनमान की वित्तीय देनदारियों को देने में पहले की काफी विलंब कर चुकी है।
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कुल्लू। केंद्र सरकार की मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पेंशन कम्युटेशन की रिकवरी को 15 साल के बजाय 12 साल किया जाए।
पेंशनभोगी संघ के प्रदेशाध्यक्ष एलआर गुलशन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें अभी भी पेंशनरों से 180 महीनों की पेंशन कम्युटेशन की कटौती कर रही हैं। करीब 36 महीने ज्यादा कटौती कर पेंशनरों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों और पेंशनरों की आयकर मुक्त वार्षिक आय की सीमा को वर्तमान 12 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये किया जाना चाहिए। मानक कटौती 75 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल सरकार की अनावश्यक रूप से रोकी गई आर्थिक सहायता को तत्काल बहाल किया जाए क्योंकि प्रदेश सरकार खराब आर्थिक स्थिति के चलते पेंशनरों और कर्मचारियों की छठे वेतन आयोग की संशोधित वेतनमान की वित्तीय देनदारियों को देने में पहले की काफी विलंब कर चुकी है।
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