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Kullu News: मलबे में दबी सड़क...रास्ते में मौत बनकर खड़ा पहाड़
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मणिकर्ण के घटीगढ़ में भुस्खलन की से मार्ग बंद हो गया।इस दौरान पैदल पार कर रहा व्यक्ति डर से ज
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कुल्लू। मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग घटीगढ़ के पास बुधवार को दूसरे दिन भी यातायात के लिए बंद रहा। यहां सड़क पूरी तरह से मलबे में दब गई है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों की राह में भी दरकता पहाड़ दीवार बन गया है। मंगलवार से यहां भारी मात्रा में भूस्खलन होने की वजह से मार्ग पूरी तरह से यातायात के लिए बंद पड़ा है। इससे बुधवार को भी घाटी के तोष, बरशैणी और कालगा क्षेत्रों में कई पर्यटक वाहन फंसे हुए हैं। इस सड़क से बस सेवा भी बंद हो गई है। लगातार हो रहे भूस्खलन से स्थानीय लोग और पर्यटन कारोबारी काफी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार भूस्खलन होने से जहां उनके जनजीवन पर बुरा असर पड़ रहा है तो वहीं पर्यटन कारोबार को भी क्षति पहुंच रही है।
जान जोखिम में डाल रहे लोग
अब आलम यह बना हुआ है कि मौके पर पहाड़ से मलबा बार-बार गिरने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर आरपार हो रहे हैं। घाटी में फंसे कई पर्यटक अपने वाहनों को क्षेत्र में छोड़कर पैदल ही मणिकर्ण की तरफ निकल गए हैं। कई सैलानी अभी गाड़ियों के साथ क्षेत्र के गेस्ट हाउस, होम-स्टे और होटलों में ठहरे हुए हैं। बुधवार को पर्यटक और क्षेत्र के लोग यहां से काफी मशक्कत के बाद आरपार हुए, जबकि पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का क्रम जारी है।
दो वाहन आ चुके हैं चपेट में
स्थानीय लोगों के मुताबिक दो साल के अंतराल में बार-बार दरक रही पहाड़ी की चपेट में दो गाड़ियां आ चुकी हैं। मंगलवार को एक जेसीबी मशीन पर भी चट्टान गिरी, जिससे उसके शीशे को नुकसान हुआ है लेकिन जेसीबी मशीन खाई में जाने से बच गई। लोगों का कहना है कि आने वाले समय में भी यहां पहाड़ी दरकने से हादसा होने का डर सता रहा है। विभाग, प्रशासन और सरकार को समय रहते इसका विकल्प तलाशना चाहिए।
दो वर्ष से उत्पन्न हुई भूस्खलन की समस्या को लेकर सरकार, प्रशासन और विभाग से कई बार आग्रह कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस कारण यहां लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक पहाड़ी दरकने से रुक नहीं जाती तब तक यहां एक बैली ब्रिज स्थापित किया जाना चाहिए जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। -रेखा गुलेरिया, पूर्व जिला परिषद सदस्य।
सड़क बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। यहां करीब दो सालों से भूस्खलन हो रहा है और सड़क बार-बार बंद हो जाती है। सरकार और विभाग से आग्रह है कि इस स्थान पर भूस्खलन को रोकने के लिए स्थायी समाधान तलाशा जाए, जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। -जयराम ठाकुर, पूर्व प्रधान, बरशैणी पंचायत
भूस्खलन से बंद सड़क को बहाल करने का कार्य चला हुआ है। भूस्खलन के चलते विभाग की जेसीबी मशीन को भी क्षति पहुंची है। उसके बावजूद मौके पर दो मशीनें लगाई गई हैं और मार्ग जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
बीसी नेगी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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जान जोखिम में डाल रहे लोग
अब आलम यह बना हुआ है कि मौके पर पहाड़ से मलबा बार-बार गिरने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर आरपार हो रहे हैं। घाटी में फंसे कई पर्यटक अपने वाहनों को क्षेत्र में छोड़कर पैदल ही मणिकर्ण की तरफ निकल गए हैं। कई सैलानी अभी गाड़ियों के साथ क्षेत्र के गेस्ट हाउस, होम-स्टे और होटलों में ठहरे हुए हैं। बुधवार को पर्यटक और क्षेत्र के लोग यहां से काफी मशक्कत के बाद आरपार हुए, जबकि पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का क्रम जारी है।
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दो वाहन आ चुके हैं चपेट में
स्थानीय लोगों के मुताबिक दो साल के अंतराल में बार-बार दरक रही पहाड़ी की चपेट में दो गाड़ियां आ चुकी हैं। मंगलवार को एक जेसीबी मशीन पर भी चट्टान गिरी, जिससे उसके शीशे को नुकसान हुआ है लेकिन जेसीबी मशीन खाई में जाने से बच गई। लोगों का कहना है कि आने वाले समय में भी यहां पहाड़ी दरकने से हादसा होने का डर सता रहा है। विभाग, प्रशासन और सरकार को समय रहते इसका विकल्प तलाशना चाहिए।
दो वर्ष से उत्पन्न हुई भूस्खलन की समस्या को लेकर सरकार, प्रशासन और विभाग से कई बार आग्रह कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस कारण यहां लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक पहाड़ी दरकने से रुक नहीं जाती तब तक यहां एक बैली ब्रिज स्थापित किया जाना चाहिए जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। -रेखा गुलेरिया, पूर्व जिला परिषद सदस्य।
सड़क बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। यहां करीब दो सालों से भूस्खलन हो रहा है और सड़क बार-बार बंद हो जाती है। सरकार और विभाग से आग्रह है कि इस स्थान पर भूस्खलन को रोकने के लिए स्थायी समाधान तलाशा जाए, जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। -जयराम ठाकुर, पूर्व प्रधान, बरशैणी पंचायत
भूस्खलन से बंद सड़क को बहाल करने का कार्य चला हुआ है। भूस्खलन के चलते विभाग की जेसीबी मशीन को भी क्षति पहुंची है। उसके बावजूद मौके पर दो मशीनें लगाई गई हैं और मार्ग जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
बीसी नेगी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
