सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Separate standards should be set for hill states: Khushal Thakur

पहाड़ी राज्यों के लिए तय किए जाने चाहिए अलग मानक : खुशाल ठाकुर

संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sun, 03 May 2026 04:55 PM IST
विज्ञापन
Separate standards should be set for hill states: Khushal Thakur
सेवानिवृत खुशाल ब्रिगेडयर।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे से 40 और 75 मीटर तक गतिविधियों पर लगाई है रोक
Trending Videos

कहा, हिमाचलियों के हितों की रक्षा के लिए प्रदेश सरकार को आगे आना चाहिए

संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे निर्माण पर सख्ती के लिए सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्देशों ने पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में नई बहस छेड़ दी है। कोर्ट ने हाईवे के केंद्र से 40 मीटर तक आवासीय और 75 मीटर तक वाणिज्यिक गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं,लेकिन स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए इसे लागू करना न केवल मुश्किल बल्कि कई लोगों के अनुसार नामुमकिन नजर आ रहा है।
यह बात सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कही। कहा कि जहां जमीन ही नहीं, वहां नियम कैसे लागू होंगे। हिमाचल में अधिकांश आबादी नदियों और सड़कों के किनारे छोटी-छोटी पट्टियों पर बसी है। जबकि पहाड़ी राज्य में समतल भूमि बेहद सीमित है, गांव और बाजार हाईवे के साथ ही विकसित हुए हैं। ऐसे में 40 और 75 मीटर का प्रतिबंध लागू होने का मतलब होगा कि हजारों घर इसके दायरे में आएंगे। इस प्रक्रिया में छोटे दुकानदार, ढाबा संचालक और स्थानीय कारोबार प्रभावित होंगे। जबकि लोगों के पास पुनर्वास के लिए वैकल्पिक जमीन ही नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने इस मामले पर चिंता जताई है। कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में इन नियमों को ज्यों का त्यों लागू करना व्यावहारिक नहीं है। प्रदेश सरकार को तुरंत संज्ञान लेते हुए केंद्र और न्यायालय के समक्ष हिमाचलियों के हितों की मजबूती से पैरवी करनी चाहिए।
सरकार को चाहिए कि पहाड़ी राज्यों के लिए अलग मानक तय करवाए जाएं। प्रभावित लोगों के लिए व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाया जाए। प्रदेश सरकार केंद्र से विशेष छूट की मांग कर सकती है या पहाड़ी राज्यों के लिए अलग नीति बनाने की पैरवी कर सकती है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दो महीने बाद अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा तय की है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों को कोई राहत मिलती है या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed