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Kullu News: पीपल जातर मेले में रमेश के गीतों पर झूमे दर्शक
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पीपल जातर मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाते दर्शक। संवाद
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कुल्लू। पीपल जातर मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक रमेश ठाकुर ने खूब धमाल मचाया। उन्होंने पहाड़ी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। सैंज म्हारा होटल, मेरी बालमा, कोई मिल गया, तेरी नगरी, पांकी पौटू आलिए, छौता भूलू तेरे घौरा रे टाले सहित कई पहाड़ी और फिल्मी गीत पेश किए।
इसके अलावा सीएम तोषी ने भी किनौरिए कि सा तेरा ना, लाल परिये हो मेरी लाल परिये सहित एक से बढ़कर एक गीत पेश कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इससे पहले हेम राज भारद्वाज ने फिल्मी और पहाड़ी गीतों में इक हसीना थी, म्हारे दशा रा दिल, ओ बेलिया, तू मोही अच्छरिये, तू माने या ना माने दिलदारा, पाणी री टांकी हो भाई रामा आदि गीत पेश कर दर्शकों को नचाया। बीएन आनंद, अनिल सूर्यवंशी, रोजी शर्मा ने भी प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया।
पीपल जातर मेले के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि निदेशक शहरी विकास शिमला नीरज चड्ढा शामिल हुए। स्थानीय कलाकारों में विजय, पवन, सरस्वती, गौरा ठाकुर, सनी वर्मा, अंकुश ने भी गीत और नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके अलावा आनंद म्यूजिकल ग्रुप ने भी अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र की दर्शक दीर्घा में मौजूद कलाकारों को खूब झुमाया। पीपल जातर मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या का आगाज कुल्लवी नाटी से हुआ। इस दौरान सांस्कृतिक दल ने चोला टोपा और परंपरागत आभूषणों में सजकर लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया।
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देवता गौहरी के लौटते ही मेला संपन्न
देवता गौहरी के अपने देवालय लौटते ही तीन दिवसीय पीपल जातर मेला संपन्न हो गया। इस दौरान देवता तीन दिनों तक ढालपुर के प्रदर्शनी मैदान में लगाए अस्थायी शिविर में विराजमान रहे और श्रद्धालुओं ने देवता के समक्ष माथा टेका। वीरवार को देवता पूरे लाव लश्कर के साथ अपने ढालपुर स्थित मंदिर लौट गए हैं।
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इसके अलावा सीएम तोषी ने भी किनौरिए कि सा तेरा ना, लाल परिये हो मेरी लाल परिये सहित एक से बढ़कर एक गीत पेश कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इससे पहले हेम राज भारद्वाज ने फिल्मी और पहाड़ी गीतों में इक हसीना थी, म्हारे दशा रा दिल, ओ बेलिया, तू मोही अच्छरिये, तू माने या ना माने दिलदारा, पाणी री टांकी हो भाई रामा आदि गीत पेश कर दर्शकों को नचाया। बीएन आनंद, अनिल सूर्यवंशी, रोजी शर्मा ने भी प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया।
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पीपल जातर मेले के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि निदेशक शहरी विकास शिमला नीरज चड्ढा शामिल हुए। स्थानीय कलाकारों में विजय, पवन, सरस्वती, गौरा ठाकुर, सनी वर्मा, अंकुश ने भी गीत और नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके अलावा आनंद म्यूजिकल ग्रुप ने भी अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र की दर्शक दीर्घा में मौजूद कलाकारों को खूब झुमाया। पीपल जातर मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या का आगाज कुल्लवी नाटी से हुआ। इस दौरान सांस्कृतिक दल ने चोला टोपा और परंपरागत आभूषणों में सजकर लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया।
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देवता गौहरी के लौटते ही मेला संपन्न
देवता गौहरी के अपने देवालय लौटते ही तीन दिवसीय पीपल जातर मेला संपन्न हो गया। इस दौरान देवता तीन दिनों तक ढालपुर के प्रदर्शनी मैदान में लगाए अस्थायी शिविर में विराजमान रहे और श्रद्धालुओं ने देवता के समक्ष माथा टेका। वीरवार को देवता पूरे लाव लश्कर के साथ अपने ढालपुर स्थित मंदिर लौट गए हैं।
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