{"_id":"69550bfb247087c6600be7b4","slug":"21-kg-butter-will-be-offered-at-bhootnath-temple-on-tara-ratri-mandi-news-c-90-1-ssml1024-181110-2025-12-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: भूतनाथ मंदिर में तारा रात्रि पर चढ़ाया जाएगा 21 किलो मक्खन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: भूतनाथ मंदिर में तारा रात्रि पर चढ़ाया जाएगा 21 किलो मक्खन
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 01 Jan 2026 05:11 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राचीनकाल से निभाई जा रही परंपरा, आज से एकत्रित होगा मक्खन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। भूतनाथ मंदिर में तारा रात्रि पर 21 किलो मक्खन शिवलिंग पर चढ़ाया जाएगा। यह परंपरा प्राचीनकाल से निभाई जा रही है। मंडी स्थित बाबा भूतनाथ मंदिर में तारा रात्रि को घृत रूपी मक्खन में बाबा के दर्शन होंगे। पहली जनवरी से मक्खन एकत्र किया जाएगा।
16 जनवरी को आने वाली तारा रात्रि से मक्खन को शिवलिंग पर चढ़ाया जाएगा। पहले दिन गाय के 21 किलो मक्खन से शिवलिंग पर शृंगार किया जाएगा। पहले शिवलिंग पर मक्खन ही चढ़ाया जाता था, शृंगार नहीं किया जाता था। अब मक्खन से शिवलिंग का शृंगार किया जाता है। देश के प्रसिद्ध मंदिरों में विराजमान भोलेनाथ का रूप उकेरा जाएगा। शिवरात्रि तक यानी एक महीना तक शिवलिंग पर मक्खन से भोलेनाथ के विभिन्न रूप उकेरे जाएंगे।
मान्यता है कि मक्खन को घृत मंडल के रूप में शिव भगवान को चढ़ाया जाता था। आध्यात्मिक दृष्टि से भगवान को 11 महीने तक जल चढ़ाया जाता है। एक महीना जल की गागर को उतारकर मक्खन चढ़ाया जाता है। बाबा भूतनाथ मंदिर में विभिन्न श्रद्धालु इस परंपरा में भाग लेते हैं। उधर, बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि मंदिर में प्राचीन समय से चली आ रही मक्खन चढ़ाने की परंपरा को विधि विधान के साथ निभाया जाएगा।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। भूतनाथ मंदिर में तारा रात्रि पर 21 किलो मक्खन शिवलिंग पर चढ़ाया जाएगा। यह परंपरा प्राचीनकाल से निभाई जा रही है। मंडी स्थित बाबा भूतनाथ मंदिर में तारा रात्रि को घृत रूपी मक्खन में बाबा के दर्शन होंगे। पहली जनवरी से मक्खन एकत्र किया जाएगा।
16 जनवरी को आने वाली तारा रात्रि से मक्खन को शिवलिंग पर चढ़ाया जाएगा। पहले दिन गाय के 21 किलो मक्खन से शिवलिंग पर शृंगार किया जाएगा। पहले शिवलिंग पर मक्खन ही चढ़ाया जाता था, शृंगार नहीं किया जाता था। अब मक्खन से शिवलिंग का शृंगार किया जाता है। देश के प्रसिद्ध मंदिरों में विराजमान भोलेनाथ का रूप उकेरा जाएगा। शिवरात्रि तक यानी एक महीना तक शिवलिंग पर मक्खन से भोलेनाथ के विभिन्न रूप उकेरे जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मान्यता है कि मक्खन को घृत मंडल के रूप में शिव भगवान को चढ़ाया जाता था। आध्यात्मिक दृष्टि से भगवान को 11 महीने तक जल चढ़ाया जाता है। एक महीना जल की गागर को उतारकर मक्खन चढ़ाया जाता है। बाबा भूतनाथ मंदिर में विभिन्न श्रद्धालु इस परंपरा में भाग लेते हैं। उधर, बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि मंदिर में प्राचीन समय से चली आ रही मक्खन चढ़ाने की परंपरा को विधि विधान के साथ निभाया जाएगा।