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Mandi News: महिलाओं के न्याय की आवाज बनीं अधिवक्ता सुचित्रा
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राज्य बार कौंसिल में पहली महिला सदस्य के रूप में चुनकर रचा है इतिहास
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में दे रहीं सेवाएं
देवेंद्र गुप्ता
सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर की अदालत से लेकर उच्च न्यायालय तक महिला अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली अधिवक्ता सुचित्रा ठाकुर गुलेरिया वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रही हैं। सुचित्रा ने हाल ही में प्रदेश की राज्य बार कौंसिल के चुनाव में जीत दर्ज कर बार कौंसिल की पहली महिला अधिवक्ता सदस्य बनकर इतिहास रचा है। सुचित्रा ने वर्ष 1999 में राजस्थान के अजमेर विश्वविद्यालय से विधि (कानून) की पढ़ाई पूरी की तथा इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। इनके पति डॉ. अरुण गुलेरिया हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। एक वकील के रूप में अपनी प्रैक्टिस जारी रखते हुए वे कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़ी रही हैं।
वे सदैव कमजोर वर्गों और महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करती रही हैं। वर्तमान में वे केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इसके अतिरिक्त वे राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं।
बॉक्स
सुचित्रा ठाकुर गुलेरिया महिलाओं और बेटियों पर हो रहे अत्याचारों जैसे तेजाब हमले, जानलेवा हमले तथा अन्य प्रकार की हिंसा के मामलों में भी मुखर रूप से महिलाओं की पैरवी करती हैं। हाल ही में मंडी जिले के चर्चित सिया हत्याकांड में भी उन्होंने इस जघन्य अपराध की समयबद्ध जांच कराने तथा फास्ट-ट्रैक न्यायालय के माध्यम से छह माह के भीतर मामले के निपटारे की मांग उठाई है।
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मुझे हमेशा ही महिला न्याय के प्रति आवाज़ बुलंद करने का अवसर जहां भी मिलता है, मैं उनके अधिकारों के लिए मुखर होकर न्याय दिलाने का प्रयास करती हूं। इसी उद्देश्य के साथ मैं वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में भी प्रैक्टिस कर रही हूं। -सुचित्रा ठाकुर गुलेरिया, अधिवक्ता एवं राज्य सदस्य, बार कौंसिल
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केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में दे रहीं सेवाएं
देवेंद्र गुप्ता
सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर की अदालत से लेकर उच्च न्यायालय तक महिला अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली अधिवक्ता सुचित्रा ठाकुर गुलेरिया वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रही हैं। सुचित्रा ने हाल ही में प्रदेश की राज्य बार कौंसिल के चुनाव में जीत दर्ज कर बार कौंसिल की पहली महिला अधिवक्ता सदस्य बनकर इतिहास रचा है। सुचित्रा ने वर्ष 1999 में राजस्थान के अजमेर विश्वविद्यालय से विधि (कानून) की पढ़ाई पूरी की तथा इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। इनके पति डॉ. अरुण गुलेरिया हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। एक वकील के रूप में अपनी प्रैक्टिस जारी रखते हुए वे कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़ी रही हैं।
वे सदैव कमजोर वर्गों और महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करती रही हैं। वर्तमान में वे केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इसके अतिरिक्त वे राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं।
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सुचित्रा ठाकुर गुलेरिया महिलाओं और बेटियों पर हो रहे अत्याचारों जैसे तेजाब हमले, जानलेवा हमले तथा अन्य प्रकार की हिंसा के मामलों में भी मुखर रूप से महिलाओं की पैरवी करती हैं। हाल ही में मंडी जिले के चर्चित सिया हत्याकांड में भी उन्होंने इस जघन्य अपराध की समयबद्ध जांच कराने तथा फास्ट-ट्रैक न्यायालय के माध्यम से छह माह के भीतर मामले के निपटारे की मांग उठाई है।
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मुझे हमेशा ही महिला न्याय के प्रति आवाज़ बुलंद करने का अवसर जहां भी मिलता है, मैं उनके अधिकारों के लिए मुखर होकर न्याय दिलाने का प्रयास करती हूं। इसी उद्देश्य के साथ मैं वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में भी प्रैक्टिस कर रही हूं। -सुचित्रा ठाकुर गुलेरिया, अधिवक्ता एवं राज्य सदस्य, बार कौंसिल
