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Mandi News: चुनाव मैदान में जो प्रत्याशी उतरेगा उसका होगा बहिष्कार
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नगर निगम चुनाव के विरोध में अपनी सहमति जताते ग्रामीण। संवाद
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गांव का हित पार्टी बाजी से ऊपर, चक्का जाम के लिए भी लोग तैयार
बैहना में निगम चुनाव के विरोध में आयोजित बैठक में उपस्थित लोगों ने खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बैहना (मंडी)। नगर निगम चुनाव को लेकर वार्ड नंबर 14 बैहना के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को बैहना में आयोजित बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे नगर निगम चुनाव नहीं चाहते और सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई प्रत्याशी चुनाव में उतरता है तो उसका बहिष्कार किया जाएगा। सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक बीरबल शर्मा ने कहा कि लोगों को घर-घर जाकर नगर निगम के प्रभावों और संभावित नुकसान के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण की अनुमति (नक्शा पास) के लिए भारी खर्च आता है, जो दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों के लिए कठिन है। इसके अलावा विभिन्न करों का बोझ आम नागरिक की आर्थिक स्थिति पर असर डाल रहा है। अनिल वालिया ने कहा कि जब से बैहना वार्ड को नगर निगम में शामिल किया गया है, तब से गांव का विकास प्रभावित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की प्राथमिकता गांव का हित है, न कि किसी राजनीतिक दल का समर्थन, और इस मुद्दे पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होगी।
लेखराज रावत, निवासी बैहना का कहना है कि बैहना वार्ड के लोग नगर निगम चुनावों का बहिष्कार करेंगे। विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष वार्ड को निगम से बाहर करने की मांग रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि वार्ड को निगम से बाहर किया जाएगा, इसलिए अब इस आश्वासन को पूरा किया जाना चाहिए। सोहन सिंह का कहना है कि लोगों को विकास के नाम पर ठगा गया है। नगर निगम में किसानों और पशुपालकों के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है, जबकि पंचायत व्यवस्था में कई सुविधाएं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो चक्का जाम जैसे आंदोलन के लिए भी तैयार रहेंगे।
मीरा रावत निवासी बैहना ने कहा कि यदि कोई प्रत्याशी चुनाव में खड़ा होता है तो उसे ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मांग की है कि बैहना वार्ड को नगर निगम से बाहर किया जाए। सुरेंद्र सिंह का कहना है कि नगर निगम से लोग परेशान हैं। एनओसी लेने के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सड़कों और नालियों की स्थिति खराब है, और पिछले वर्षों में विकास कार्यों की कमी रही है। केवल लाइटें लगना और कूड़ा उठाना ही मुख्य कार्य रहे हैं। प्रेम सिंह राठौर ने बताया कि नगर निगम में शामिल होने के बाद लोगों की समस्याएं बढ़ी हैं। छोटे-छोटे कार्यों के लिए मंडी जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।
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बैहना में निगम चुनाव के विरोध में आयोजित बैठक में उपस्थित लोगों ने खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बैहना (मंडी)। नगर निगम चुनाव को लेकर वार्ड नंबर 14 बैहना के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को बैहना में आयोजित बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे नगर निगम चुनाव नहीं चाहते और सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि कोई प्रत्याशी चुनाव में उतरता है तो उसका बहिष्कार किया जाएगा। सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक बीरबल शर्मा ने कहा कि लोगों को घर-घर जाकर नगर निगम के प्रभावों और संभावित नुकसान के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण की अनुमति (नक्शा पास) के लिए भारी खर्च आता है, जो दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों के लिए कठिन है। इसके अलावा विभिन्न करों का बोझ आम नागरिक की आर्थिक स्थिति पर असर डाल रहा है। अनिल वालिया ने कहा कि जब से बैहना वार्ड को नगर निगम में शामिल किया गया है, तब से गांव का विकास प्रभावित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की प्राथमिकता गांव का हित है, न कि किसी राजनीतिक दल का समर्थन, और इस मुद्दे पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होगी।
लेखराज रावत, निवासी बैहना का कहना है कि बैहना वार्ड के लोग नगर निगम चुनावों का बहिष्कार करेंगे। विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष वार्ड को निगम से बाहर करने की मांग रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि वार्ड को निगम से बाहर किया जाएगा, इसलिए अब इस आश्वासन को पूरा किया जाना चाहिए। सोहन सिंह का कहना है कि लोगों को विकास के नाम पर ठगा गया है। नगर निगम में किसानों और पशुपालकों के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं है, जबकि पंचायत व्यवस्था में कई सुविधाएं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो चक्का जाम जैसे आंदोलन के लिए भी तैयार रहेंगे।
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मीरा रावत निवासी बैहना ने कहा कि यदि कोई प्रत्याशी चुनाव में खड़ा होता है तो उसे ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मांग की है कि बैहना वार्ड को नगर निगम से बाहर किया जाए। सुरेंद्र सिंह का कहना है कि नगर निगम से लोग परेशान हैं। एनओसी लेने के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सड़कों और नालियों की स्थिति खराब है, और पिछले वर्षों में विकास कार्यों की कमी रही है। केवल लाइटें लगना और कूड़ा उठाना ही मुख्य कार्य रहे हैं। प्रेम सिंह राठौर ने बताया कि नगर निगम में शामिल होने के बाद लोगों की समस्याएं बढ़ी हैं। छोटे-छोटे कार्यों के लिए मंडी जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

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