{"_id":"6a7dc1294211b6f3ca0d4ead","slug":"bhangrotu-sports-grounds-existence-under-threat-mandi-news-c-90-1-mnd1023-209028-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: भंगरोटू खेल मैदान के अस्तित्व पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: भंगरोटू खेल मैदान के अस्तित्व पर संकट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन ने मैदान को बचाने के लिए भरी हुंकार
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भंगरोटू में ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष कुलदीप गुलेरिया की अध्यक्षता में वीरवार को हुई। इसमें प्रधानाचार्य रणजीत सिंह भी मौजूद रहे।
अध्यक्ष कुलदीप गुलेरिया ने कहा कि विद्यालय मैदान का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। राजाओं के समय का प्रसिद्ध नलवाड़ मेला इसी मैदान से शुरू हुआ था, जो आज देव-परंपरा और देवता मेले के रूप में जनआस्था का प्रमुख केंद्र है।
उन्होंने कहा कि कोविड काल में आपात स्थिति के चलते तत्कालीन सरकार ने मैदान स्वास्थ्य विभाग को सौंपकर यहां मेकशिफ्ट अस्पताल बनाया था। उस समय हालात सामान्य होने पर मैदान को मूल स्वरूप में लौटाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के बावजूद अस्पताल का ढांचा जर्जर हो रहा है। मैदान को स्थायी रूप से स्वास्थ्य विभाग को सौंपने की चर्चाओं से स्थानीय जनता, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों में रोष है। एसोसिएशन के सचिव घनश्याम चौहान ने कहा कि इस मैदान ने कई होनहार खिलाड़ी दिए हैं और यहां राष्ट्रीय स्तर की हैंडबाल प्रतियोगिताएं भी आयोजित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मैदान को मूल स्वरूप में बहाल करने के लिए एसोसिएशन जनता और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भंगरोटू में ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष कुलदीप गुलेरिया की अध्यक्षता में वीरवार को हुई। इसमें प्रधानाचार्य रणजीत सिंह भी मौजूद रहे।
अध्यक्ष कुलदीप गुलेरिया ने कहा कि विद्यालय मैदान का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। राजाओं के समय का प्रसिद्ध नलवाड़ मेला इसी मैदान से शुरू हुआ था, जो आज देव-परंपरा और देवता मेले के रूप में जनआस्था का प्रमुख केंद्र है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कोविड काल में आपात स्थिति के चलते तत्कालीन सरकार ने मैदान स्वास्थ्य विभाग को सौंपकर यहां मेकशिफ्ट अस्पताल बनाया था। उस समय हालात सामान्य होने पर मैदान को मूल स्वरूप में लौटाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के बावजूद अस्पताल का ढांचा जर्जर हो रहा है। मैदान को स्थायी रूप से स्वास्थ्य विभाग को सौंपने की चर्चाओं से स्थानीय जनता, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों में रोष है। एसोसिएशन के सचिव घनश्याम चौहान ने कहा कि इस मैदान ने कई होनहार खिलाड़ी दिए हैं और यहां राष्ट्रीय स्तर की हैंडबाल प्रतियोगिताएं भी आयोजित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मैदान को मूल स्वरूप में बहाल करने के लिए एसोसिएशन जनता और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष करेगी।
विज्ञापन