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Mandi News: मौसम में बदलाव, मई में दिसंबर का अहसास, किसानों की चिंता बढ़ी
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बल्ह घाटी में गेहूं की फसल पककर तैयार, बारिश ने डाला खलल
गेहूं की फसल खराब होने का खतरा
टमाटर की पौध को भी बीमारी की बढ़ी आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मंडी जिले में बार-बार बदलते मौसम के कारण लोगों को मई में दिसंबर जैसी ठंडक का अहसास हो रहा है। रविवार सुबह हुई बारिश के बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बल्ह घाटी में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते टमाटर की पौध में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। मई महीने में बार-बार हो रही रिमझिम बारिश के कारण गेहूं की कटाई भी प्रभावित हो रही है। इस वर्ष समय पर बारिश न होने के कारण कई किसानों ने बिना सिंचाई के ही खेतों में गेहूं की बुवाई कर दी थी। बाद में हुई बारिश से फसल तो अच्छी हुई, लेकिन अब जब फसल पूरी तरह पककर तैयार है, तब लगातार हो रही बारिश कटाई में बाधा बन रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
तापमान में लगातार बदलाव के कारण टमाटर की फसल पर भी रोग लगने का खतरा मंडरा रहा है। बल्ह घाटी के किसान मंगत राम, प्रताप चंद, खेम सिंह, राजेंद्र कुमार, उधम सिंह, संजय सैनी, रमेश चौधरी और सुरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि इस बार टमाटर की बंपर फसल की उम्मीद है। इस समय फसल में फूल आ रहे हैं और जिन किसानों ने समय पर पौध रोपण किया था, वहां टमाटर का आकार भी बनने लगा है। कृषि उपनिदेशक राम चंद्र चौधरी ने बताया कि इन दिनों जिले की बल्ह घाटी में गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार है। यदि आने वाले दिनों में मौसम का यही मिजाज बना रहा, तो फसल को नुकसान होने की आशंका है।
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गेहूं की फसल खराब होने का खतरा
टमाटर की पौध को भी बीमारी की बढ़ी आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मंडी जिले में बार-बार बदलते मौसम के कारण लोगों को मई में दिसंबर जैसी ठंडक का अहसास हो रहा है। रविवार सुबह हुई बारिश के बाद मौसम ने अचानक करवट बदल ली। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बल्ह घाटी में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते टमाटर की पौध में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। मई महीने में बार-बार हो रही रिमझिम बारिश के कारण गेहूं की कटाई भी प्रभावित हो रही है। इस वर्ष समय पर बारिश न होने के कारण कई किसानों ने बिना सिंचाई के ही खेतों में गेहूं की बुवाई कर दी थी। बाद में हुई बारिश से फसल तो अच्छी हुई, लेकिन अब जब फसल पूरी तरह पककर तैयार है, तब लगातार हो रही बारिश कटाई में बाधा बन रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
तापमान में लगातार बदलाव के कारण टमाटर की फसल पर भी रोग लगने का खतरा मंडरा रहा है। बल्ह घाटी के किसान मंगत राम, प्रताप चंद, खेम सिंह, राजेंद्र कुमार, उधम सिंह, संजय सैनी, रमेश चौधरी और सुरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि इस बार टमाटर की बंपर फसल की उम्मीद है। इस समय फसल में फूल आ रहे हैं और जिन किसानों ने समय पर पौध रोपण किया था, वहां टमाटर का आकार भी बनने लगा है। कृषि उपनिदेशक राम चंद्र चौधरी ने बताया कि इन दिनों जिले की बल्ह घाटी में गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार है। यदि आने वाले दिनों में मौसम का यही मिजाज बना रहा, तो फसल को नुकसान होने की आशंका है।
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