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Mandi News: कांगणीधार में नए न्यायिक परिसर की सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने रखी आधारशिला
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मंडी के कांगणीधार में बनने वाले न्यायिक परिसर का सीएम सुक्खू की मौजूदगी में शिलान्यास करते हुए
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9.6 हेक्टेयर भूमि में 152 करोड़ से बनकर तैयार होगा नया न्यायिक परिसर, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
डिजिटल पर न चलाएं.....
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला मुख्यालय के कांगणीधार में लगभग 152 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए न्यायिक परिसर की आधारशिला रविवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में रखी। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। करीब 9.6 हेक्टेयर यानी लगभग 120 बीघा भूमि पर बनने वाले इस न्यायिक परिसर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परिसर की योजना इस प्रकार तैयार की गई है कि न्यायिक गतिविधियों का संचालन अधिक सुव्यवस्थित और कुशल तरीके से हो सके। पूरे परिसर का मुख्य कार्यात्मक क्षेत्र एक केंद्रीय कोर्टयार्ड के आसपास विकसित किया जाएगा, जिसके चारों ओर अपीलेट कोर्ट, अन्य अदालतें और वकीलों के ब्लॉक स्थित होंगे। यह साझा सार्वजनिक स्थान विभिन्न न्यायिक इकाइयों को आपस में जोड़ते हुए परिसर के भीतर सुगम आवाजाही सुनिश्चित करेगा।
कोर्ट ब्लॉक में जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के लिए पांच आधुनिक कोर्ट रूम बनाए जाएंगे। प्रत्येक कोर्ट रूम को सुरक्षा, गोपनीयता और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। स्टाफ कार्यालयों और प्रशासनिक कार्यों के लिए भी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त अन्य अदालती ब्लॉक में छह और न्यायालयों का भी प्रावधान किया गया है। परिसर में वकीलों और आम लोगों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
जुवेनाइल और वल्नरेबल विटनेस कोर्ट के लिए अलग ब्लॉक
संवेदनशील मामलों को ध्यान में रखते हुए जुवेनाइल और वल्नरेबल विटनेस कोर्ट के लिए अलग ब्लॉक बनाया जाएगा। यहां बच्चों, महिलाओं और अन्य संवेदनशील गवाहों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी भय या दबाव के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सकें। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए परिसर में अतिरिक्त कोर्ट ब्लॉक के लिए भी स्थान आरक्षित रखा गया है, जिससे आने वाले वर्षों में न्यायालयों का विस्तार आसानी से किया जा सके।
ये सुविधाएं भी रहेंगी मौजूद
परिसर में एक रिकॉर्ड ब्लॉक भी बनाया जाएगा, जहां सभी न्यायिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जा सकेंगे। इसके अलावा 500 लोगों की क्षमता वाला एक ऑडिटोरियम भी होगा, जहां विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। लोगों की सुविधा के लिए परिसर में बैंक, डाकघर, एटीएम, मेडिकल सुविधा केंद्र और क्रेच की व्यवस्था भी होगी। इसके साथ ही 150 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। भवनों में प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन की व्यवस्था होगी, वहीं छतों पर सोलर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।
प्रदेश ही नहीं, देश का बेहतरीन सुविधाओं वाला परिसर
स्वागत भाषण देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने कहा कि मंडी में बनने जा रहा यह नया न्यायिक परिसर न केवल प्रदेश बल्कि देश के बेहतरीन सुविधाओं से युक्त परिसरों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला मुख्यालय के कांगणीधार में लगभग 152 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए न्यायिक परिसर की आधारशिला रविवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में रखी। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। करीब 9.6 हेक्टेयर यानी लगभग 120 बीघा भूमि पर बनने वाले इस न्यायिक परिसर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परिसर की योजना इस प्रकार तैयार की गई है कि न्यायिक गतिविधियों का संचालन अधिक सुव्यवस्थित और कुशल तरीके से हो सके। पूरे परिसर का मुख्य कार्यात्मक क्षेत्र एक केंद्रीय कोर्टयार्ड के आसपास विकसित किया जाएगा, जिसके चारों ओर अपीलेट कोर्ट, अन्य अदालतें और वकीलों के ब्लॉक स्थित होंगे। यह साझा सार्वजनिक स्थान विभिन्न न्यायिक इकाइयों को आपस में जोड़ते हुए परिसर के भीतर सुगम आवाजाही सुनिश्चित करेगा।
कोर्ट ब्लॉक में जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के लिए पांच आधुनिक कोर्ट रूम बनाए जाएंगे। प्रत्येक कोर्ट रूम को सुरक्षा, गोपनीयता और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। स्टाफ कार्यालयों और प्रशासनिक कार्यों के लिए भी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त अन्य अदालती ब्लॉक में छह और न्यायालयों का भी प्रावधान किया गया है। परिसर में वकीलों और आम लोगों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
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जुवेनाइल और वल्नरेबल विटनेस कोर्ट के लिए अलग ब्लॉक
संवेदनशील मामलों को ध्यान में रखते हुए जुवेनाइल और वल्नरेबल विटनेस कोर्ट के लिए अलग ब्लॉक बनाया जाएगा। यहां बच्चों, महिलाओं और अन्य संवेदनशील गवाहों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी भय या दबाव के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सकें। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए परिसर में अतिरिक्त कोर्ट ब्लॉक के लिए भी स्थान आरक्षित रखा गया है, जिससे आने वाले वर्षों में न्यायालयों का विस्तार आसानी से किया जा सके।
ये सुविधाएं भी रहेंगी मौजूद
परिसर में एक रिकॉर्ड ब्लॉक भी बनाया जाएगा, जहां सभी न्यायिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जा सकेंगे। इसके अलावा 500 लोगों की क्षमता वाला एक ऑडिटोरियम भी होगा, जहां विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। लोगों की सुविधा के लिए परिसर में बैंक, डाकघर, एटीएम, मेडिकल सुविधा केंद्र और क्रेच की व्यवस्था भी होगी। इसके साथ ही 150 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। भवनों में प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन की व्यवस्था होगी, वहीं छतों पर सोलर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।
प्रदेश ही नहीं, देश का बेहतरीन सुविधाओं वाला परिसर
स्वागत भाषण देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने कहा कि मंडी में बनने जा रहा यह नया न्यायिक परिसर न केवल प्रदेश बल्कि देश के बेहतरीन सुविधाओं से युक्त परिसरों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।