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Mandi News: मंडी में व्यावसायिक गैस सिलिंडर को लेकर असमंजस
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मौखिक निर्देश मिले, आदेश आते ही बनेगी व्यवस्था
ढाबा और होटल संचालकों ने जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मंडी शहर में व्यावसायिक गैस सिलिंडर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। गैस एजेंसियों को अभी तक केवल मौखिक निर्देश ही मिले हैं, जबकि लिखित आदेश न मिलने के कारण होटल, ढाबा और फास्ट फूड संचालकों को बड़े सिलिंडर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इससे कारोबारियों को अपना कामकाज चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी के कई कारोबारियों ने व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर चिंता जताई है। पंजाबी ढाबा संचालक मातुल वर्मा, हाट बाजार में स्टॉल चलाने वाली जय मां जालपा स्वयं सहायता समूह की विद्या ठाकुर, रामनगर निवासी संदीप और कारोबारी तारा चंद ने बताया कि सरकार ने ढाबा, होटल और फास्ट फूड संचालकों को बड़े गैस सिलिंडर देने का निर्णय लिया है, लेकिन एजेंसियों तक लिखित आदेश न पहुंचने के कारण सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
कारोबारी यह भी बताते हैं कि फिलहाल रोटियां पकाने के लिए कोयले का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जबकि अन्य भोजन तैयार करने के लिए गैस सिलिंडर की आवश्यकता होती है। उनका कहना है कि यदि दो से तीन दिन के भीतर सिलिंडर उपलब्ध नहीं हुए तो परेशानी और बढ़ सकती है, हालांकि अभी किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
टारना गैस एजेंसी की प्रबंधक सीमा बावा और राव गैस एजेंसी की प्रबंधक सविता राव ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर के संबंध में अभी तक केवल मौखिक निर्देश ही मिले हैं। लिखित आदेश मिलने के बाद ही एजेंसियां नई व्यवस्था के अनुसार सिलिंडर वितरण कर पाएंगी।
जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (डीएफसी) ब्रजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि मंडी जिला में गैस या पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। जिला के लिए मिट्टी तेल के कोटे की मांग की गई है और होटल, ढाबा तथा फास्ट फूड संचालकों को आवश्यकता के अनुसार मिट्टी तेल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि निरीक्षण टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और गैस सिलिंडर का वितरण ओटीपी और बुकिंग के आधार पर किया जा रहा है, जिससे अवैध या चोर बाजारी की संभावना नहीं है।
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ढाबा और होटल संचालकों ने जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मंडी शहर में व्यावसायिक गैस सिलिंडर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। गैस एजेंसियों को अभी तक केवल मौखिक निर्देश ही मिले हैं, जबकि लिखित आदेश न मिलने के कारण होटल, ढाबा और फास्ट फूड संचालकों को बड़े सिलिंडर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इससे कारोबारियों को अपना कामकाज चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी के कई कारोबारियों ने व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर चिंता जताई है। पंजाबी ढाबा संचालक मातुल वर्मा, हाट बाजार में स्टॉल चलाने वाली जय मां जालपा स्वयं सहायता समूह की विद्या ठाकुर, रामनगर निवासी संदीप और कारोबारी तारा चंद ने बताया कि सरकार ने ढाबा, होटल और फास्ट फूड संचालकों को बड़े गैस सिलिंडर देने का निर्णय लिया है, लेकिन एजेंसियों तक लिखित आदेश न पहुंचने के कारण सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
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कारोबारी यह भी बताते हैं कि फिलहाल रोटियां पकाने के लिए कोयले का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जबकि अन्य भोजन तैयार करने के लिए गैस सिलिंडर की आवश्यकता होती है। उनका कहना है कि यदि दो से तीन दिन के भीतर सिलिंडर उपलब्ध नहीं हुए तो परेशानी और बढ़ सकती है, हालांकि अभी किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
टारना गैस एजेंसी की प्रबंधक सीमा बावा और राव गैस एजेंसी की प्रबंधक सविता राव ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर के संबंध में अभी तक केवल मौखिक निर्देश ही मिले हैं। लिखित आदेश मिलने के बाद ही एजेंसियां नई व्यवस्था के अनुसार सिलिंडर वितरण कर पाएंगी।
जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (डीएफसी) ब्रजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि मंडी जिला में गैस या पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। जिला के लिए मिट्टी तेल के कोटे की मांग की गई है और होटल, ढाबा तथा फास्ट फूड संचालकों को आवश्यकता के अनुसार मिट्टी तेल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि निरीक्षण टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और गैस सिलिंडर का वितरण ओटीपी और बुकिंग के आधार पर किया जा रहा है, जिससे अवैध या चोर बाजारी की संभावना नहीं है।