{"_id":"69cbae19936339bd570862cb","slug":"we-dont-need-new-roads-just-improve-the-old-system-prakash-rana-mandi-news-c-90-1-mnd1020-191087-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई सड़कें नहीं चाहिए, बस पुराना सिस्टम सुधार दो : प्रकाश राणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई सड़कें नहीं चाहिए, बस पुराना सिस्टम सुधार दो : प्रकाश राणा
विज्ञापन
विज्ञापन
जोगिंद्रनगर विधायक ने विधानसभा में उठाया खराब सड़कों का मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
लडभड़ोल (मंडी)। जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने विधानसभा सत्र के दौरान अपने चुनाव क्षेत्र की सड़कों की दयनीय स्थिति, लोक निर्माण विभाग की लापरवाही और टेंडरों में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने विभाग के एक अधिशासी अभियंता पर करोड़ों रुपये के फंड का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सदन को बताया कि ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए करीब 85 किलोमीटर सड़क और पक्की नालियों को 4-5 फीट गहरा खोदा गया था। कंपनी और राज्य सरकार से विभाग को करीब 17.80 करोड़ रुपये मिले, लेकिन 5 किलोमीटर नालियों का भी पुनर्निर्माण नहीं किया गया। इसके परिणामस्वरूप 2023 की बरसात में जलभराव से सड़कें, डंगे और लोगों के घर तक बह गए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि पता ही नहीं चलता कि सड़क गड्ढों में है या गड्ढों में सड़क है। भ्रष्टाचार के आंकड़े रखते हुए राणा ने बताया कि पिछले दो साल में विभाग के पास 40 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड आया। अकेले एक अधिशासी अभियंता ने अपने 3 साल के कार्यकाल में 3000 से ज्यादा टेंडर लगा दिए। सारा पैसा खर्च हो गया, लेकिन सड़कों की हालत बदतर ही हुई। उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंक्वायरी के बावजूद उसी दागी अधिकारी को वापस कुर्सी पर बैठा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नेर-घरवासडा, बनोह और बस्सी जैसी पंचायतों में भूस्खलन के कारण मुख्य सड़कें लंबे समय से बंद हैं। जबकि विभाग महज एक-एक लाख के शिलान्यासों में व्यस्त है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उन्हें नई सड़कें नहीं चाहिए, बस पुराने सिस्टम और खस्ताहाल हो चुकी सड़कों को ही दुरुस्त कर दिया जाए।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
लडभड़ोल (मंडी)। जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने विधानसभा सत्र के दौरान अपने चुनाव क्षेत्र की सड़कों की दयनीय स्थिति, लोक निर्माण विभाग की लापरवाही और टेंडरों में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने विभाग के एक अधिशासी अभियंता पर करोड़ों रुपये के फंड का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सदन को बताया कि ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए करीब 85 किलोमीटर सड़क और पक्की नालियों को 4-5 फीट गहरा खोदा गया था। कंपनी और राज्य सरकार से विभाग को करीब 17.80 करोड़ रुपये मिले, लेकिन 5 किलोमीटर नालियों का भी पुनर्निर्माण नहीं किया गया। इसके परिणामस्वरूप 2023 की बरसात में जलभराव से सड़कें, डंगे और लोगों के घर तक बह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि पता ही नहीं चलता कि सड़क गड्ढों में है या गड्ढों में सड़क है। भ्रष्टाचार के आंकड़े रखते हुए राणा ने बताया कि पिछले दो साल में विभाग के पास 40 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड आया। अकेले एक अधिशासी अभियंता ने अपने 3 साल के कार्यकाल में 3000 से ज्यादा टेंडर लगा दिए। सारा पैसा खर्च हो गया, लेकिन सड़कों की हालत बदतर ही हुई। उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंक्वायरी के बावजूद उसी दागी अधिकारी को वापस कुर्सी पर बैठा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नेर-घरवासडा, बनोह और बस्सी जैसी पंचायतों में भूस्खलन के कारण मुख्य सड़कें लंबे समय से बंद हैं। जबकि विभाग महज एक-एक लाख के शिलान्यासों में व्यस्त है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उन्हें नई सड़कें नहीं चाहिए, बस पुराने सिस्टम और खस्ताहाल हो चुकी सड़कों को ही दुरुस्त कर दिया जाए।