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Mandi News: लावारिस गोवंश के गोबर से बनेगी ऊर्जा

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2026 07:04 AM IST
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Energy will be generated from the dung of stray cattle
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आईआईटी मंडी लगाएगा 20 किलोवाट बायोगैस पावर प्लांट
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मीथेन से हाइड्रोजन और हाइड्रोजन फ्यूल से बिजली उत्पादन की तैयारी
40 लावारिस गायों को दिया आश्रय, आसपास से भी खरीदा जाएगा गोबर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सड़कों पर भटकते लावारिस गोवंश की समस्या के बीच आईआईटी मंडी ने एक अनूठी पहल शुरू की है। संस्थान अब इन गायों के गोबर से ऊर्जा उत्पादन करेगा। इसके तहत परिसर में 20 किलोवाट क्षमता का बायोगैस वेस्ट-टू-पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इससे न केवल संस्थान की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी बल्कि भविष्य में मंडी शहर को भी इससे बिजली आपूर्ति की योजना है। कमांद क्षेत्र में लावारिस घूम रहे गोवंश को आश्रय देकर इस परियोजना की शुरुआत की गई है। फिलहाल, परिसर में 40 गायों को शेल्टर दिया गया है, जिनसे प्राप्त गोबर इस परियोजना का आधार बनेगा।
उन्होंने बताया कि इस प्लांट में सबसे पहले गोबर से बायोगैस तैयार होगी। इससे मीथेन गैस अलग की जाएगी। इसके बाद मीथेन से हाइड्रोजन निकाली जाएगी और फिर हाइड्रोजन फ्यूल तैयार कर उसे ऊर्जा में परिवर्तित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी और इसका खर्च संस्थान स्वयं वहन करेगा। गोबर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आसपास के क्षेत्रों के पशुपालकों से भी गोबर खरीदा जाएगा। इससे जहां स्थानीय लोगों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा, वहीं परियोजना को निरंतर कच्चा माल भी मिलता रहेगा। आईआईटी मंडी की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि लावारिस गोवंश की समस्या का समाधान निकालने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक मॉडल बन सकती है। आने वाले समय में यदि यह परियोजना सफल रहती है तो मंडी शहर को भी इसी पावर प्लांट से ऊर्जा आपूर्ति कर आत्मनिर्भर बनाने की योजना है।
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लावारिस गोवंश के गोबर से बायोगैस पावर प्लांट संचालित किया जाएगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है। फिलहाल, संस्थान की क्षमता के अनुसार 40 गोवंश को सहारा दिया गया है। इनके गाेबर से यह परियोजना संचालित की जाएगी। मौजूदा परियोजना को संस्थान अपने फंड से ही संचालित करने जा रहा है।
-प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा, निदेशक, आईआईटी मंडी
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