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Mandi News: सेरी मंच पर होंगे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन
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पांच अप्रैल को मंडी पहुंचेगी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की ओर से पांच अप्रैल को मंडी शहर के सेरी मंच पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। इसमें सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की पूजा-अर्चना कर इसे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा। हजार वर्ष बाद देशभर में ज्योतिर्लिंग यात्रा निकाली जा रही है, जो पांच अप्रैल को मंडी पहुंचेगी।
आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की संयोजक डॉ. दुर्गेश ठाकुर, महेश वालिया और सुरेश गुप्ता ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश और प्रदेश के लोगों विशेषकर युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, आध्यात्मिक शक्ति और आस्था के बारे में जागरूक करना है। पांच अप्रैल दोपहर डेढ़ बजे ज्योतिर्लिंग यात्रा संत महात्माओं की देखरेख में माधोराय मंदिर पहुंचेगी। संस्था और श्रद्धालुओं की ओर से ज्योतिर्लिंग यात्रा का स्वागत कर बाद में बाबा भूतनाथ मंदिर में दर्शन कर सेरी मंच पर विशेष पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए ज्योतिर्लिंग रखा जाएगा। संस्था के संयोजक महेश वालिया ने बताया कि यह यात्रा श्रीश्री रविशंकर की पहल है। सोमनाथ मंदिर का मुख्य शिवलिंग हजारों साल पहले आक्रमणकारियों ने खंडित कर दिया था। बाद में पंडितों ने खंडित ज्योतिर्लिंग के टुकड़ों को एकत्रित कर जोड़ते हुए हजार वर्ष ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा-अर्चना की। गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर का संकल्प यही है कि 12 ज्योर्तिलिंगों की पूजा कर यथावत स्थापना की जाएगी।
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मंडी। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की ओर से पांच अप्रैल को मंडी शहर के सेरी मंच पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। इसमें सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की पूजा-अर्चना कर इसे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा। हजार वर्ष बाद देशभर में ज्योतिर्लिंग यात्रा निकाली जा रही है, जो पांच अप्रैल को मंडी पहुंचेगी।
आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की संयोजक डॉ. दुर्गेश ठाकुर, महेश वालिया और सुरेश गुप्ता ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश और प्रदेश के लोगों विशेषकर युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, आध्यात्मिक शक्ति और आस्था के बारे में जागरूक करना है। पांच अप्रैल दोपहर डेढ़ बजे ज्योतिर्लिंग यात्रा संत महात्माओं की देखरेख में माधोराय मंदिर पहुंचेगी। संस्था और श्रद्धालुओं की ओर से ज्योतिर्लिंग यात्रा का स्वागत कर बाद में बाबा भूतनाथ मंदिर में दर्शन कर सेरी मंच पर विशेष पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए ज्योतिर्लिंग रखा जाएगा। संस्था के संयोजक महेश वालिया ने बताया कि यह यात्रा श्रीश्री रविशंकर की पहल है। सोमनाथ मंदिर का मुख्य शिवलिंग हजारों साल पहले आक्रमणकारियों ने खंडित कर दिया था। बाद में पंडितों ने खंडित ज्योतिर्लिंग के टुकड़ों को एकत्रित कर जोड़ते हुए हजार वर्ष ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा-अर्चना की। गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर का संकल्प यही है कि 12 ज्योर्तिलिंगों की पूजा कर यथावत स्थापना की जाएगी।
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