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मोबाइल के अधिक प्रयोग से सूख रही आंखों की नमी : डॉ. सुधीर
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सफेद और काला मोतिया के मरीजों में लक्षण देखकर जारी की एडवायजरी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। रोटरी क्लब जोगिंद्रनगर एवं मारंडा अस्पताल कांगड़ा के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को मच्छयाल में निशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया गया। शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को परामर्श देते हुए उन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जो नियमित रूप से मोबाइल फोन का अधिक उपयोग करते हैं। चिकित्सकों के अनुसार मोबाइल स्क्रीन पर लंबे समय तक देखने से पलक झपकने की दर कम हो जाती है, जिससे आंखों की नमी घटती है और सूखापन व जलन की समस्या उत्पन्न होती है।
मारंडा नेत्र अस्पताल के निदेशक एवं विशेषज्ञ डॉ. सुधीर सल्होत्रा ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) से पीड़ित मरीजों में आंखों की रोशनी पर खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप के कारण आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो गंभीर नेत्र रोगों का कारण बन सकते हैं।
शिविर में लगभग 150 लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें करीब 20 मरीजों में सफेद मोतिया (मोतियाबिंद) तथा 8 मरीजों में काला मोतिया (ग्लूकोमा) की पुष्टि हुई। नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम में डॉ. सुशांत, डॉ. संदीप जैन और डॉ. अजय ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं उपचार संबंधी सलाह प्रदान की। इस स्वास्थ्य शिविर के मुख्य आयोजक रोटरी क्लब के सचिव अधिवक्ता रणजीत चौहान रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। रोटरी क्लब जोगिंद्रनगर एवं मारंडा अस्पताल कांगड़ा के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को मच्छयाल में निशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया गया। शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को परामर्श देते हुए उन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जो नियमित रूप से मोबाइल फोन का अधिक उपयोग करते हैं। चिकित्सकों के अनुसार मोबाइल स्क्रीन पर लंबे समय तक देखने से पलक झपकने की दर कम हो जाती है, जिससे आंखों की नमी घटती है और सूखापन व जलन की समस्या उत्पन्न होती है।
मारंडा नेत्र अस्पताल के निदेशक एवं विशेषज्ञ डॉ. सुधीर सल्होत्रा ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) से पीड़ित मरीजों में आंखों की रोशनी पर खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप के कारण आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो गंभीर नेत्र रोगों का कारण बन सकते हैं।
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शिविर में लगभग 150 लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें करीब 20 मरीजों में सफेद मोतिया (मोतियाबिंद) तथा 8 मरीजों में काला मोतिया (ग्लूकोमा) की पुष्टि हुई। नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम में डॉ. सुशांत, डॉ. संदीप जैन और डॉ. अजय ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं उपचार संबंधी सलाह प्रदान की। इस स्वास्थ्य शिविर के मुख्य आयोजक रोटरी क्लब के सचिव अधिवक्ता रणजीत चौहान रहे।
