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Mandi News: सोने पर बढ़ी ड्यूटी से बाजार में मंदी की आशंका
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आमजन की पहुंच से दूर हुआ सोना
प्रधानमंत्री की अपील के बाद ज्वेलर चिंतित, पेट्रोल-डीजल फिलहाल स्थिर
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। केंद्र सरकार की ओर से सोने पर कुल ड्यूटी बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद सराफा बाजार में चिंता का माहौल है। पहले जहां कुल आयात शुल्क 6 प्रतिशत था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। बेसिक कस्टम ड्यूटी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तथा एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किए जाने से सोना आमजन की पहुंच से और दूर होता जा रहा है। ज्वेलरों का कहना है कि पहले ही लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बाजार प्रभावित था। अब प्रधानमंत्री द्वारा एक वर्ष तक सोने के गहने न खरीदने की अपील के बाद कारोबार में और मंदी आने की आशंका बढ़ गई है। कारोबारियों का मानना है कि यदि घरों में संचित पुराने सोने को बाजार में लाने के लिए सरकार कोई नीति बनाए तो घरेलू स्तर पर सोने की उपलब्धता बढ़ सकती है और बाजार को कुछ राहत मिल सकती है। उधर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होने से सुंदरनगर के पेट्रोल पंपों पर सामान्य स्थिति बनी हुई है। हालांकि, सरकार द्वारा वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों पर चर्चा की संभावना के बीच लोगों में भविष्य में ईंधन महंगा होने का डर भी बना हुआ है। धनोटू पेट्रोल पंप के प्रबंधक सुनील ने बताया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की बिक्री सामान्य दिनों की तरह ही हो रही है।
बॉक्स
जिस तरह से प्रधानमंत्री ने एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील की है, उससे मंदी की आशंका और बढ़ गई है। पहले से ही ज्वेलर सोने के अत्यधिक बढ़े हुए दामों के कारण मंदी का सामना कर रहे थे। अब इस निर्णय के बाद ज्वेलर्स के लिए अपने कारीगरों को वेतन देना भी कठिन हो सकता है। सरकार को इस उद्योग को बचाने के लिए पुराने सोने को घरों से बाहर लाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। -साहिल सोनी, स्थानीय ज्वेलर, सुंदरनगर
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फिलहाल पेट्रोल के दाम स्थिर हैं। मैं रोज लगभग दस किलोमीटर बाइक से काम पर आता हूं। यदि पेट्रोल के दामों में अधिक वृद्धि होती है तो मुझे सार्वजनिक परिवहन के बारे में सोचना पड़ेगा। हालांकि मैं जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाता हूं। -विकास, प्रबंधक, निजी संस्थान, सुंदरनगर
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सोना-चांदी हर रस्म और परंपरा में उपयोग होता है। जिस तरह से सोने के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि अब आर्टिफिशियल गहने ही शादी-विवाह की रस्मों में आमजन की पहुंच तक रह जाएंगे। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे गहने आम लोगों की पहुंच में रहें और बाजार की गतिविधियां भी सुचारु रूप से चलती रहें। -अनीता, गृहिणी
प्रधानमंत्री की अपील के बाद ज्वेलर चिंतित, पेट्रोल-डीजल फिलहाल स्थिर
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। केंद्र सरकार की ओर से सोने पर कुल ड्यूटी बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद सराफा बाजार में चिंता का माहौल है। पहले जहां कुल आयात शुल्क 6 प्रतिशत था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। बेसिक कस्टम ड्यूटी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तथा एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किए जाने से सोना आमजन की पहुंच से और दूर होता जा रहा है। ज्वेलरों का कहना है कि पहले ही लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बाजार प्रभावित था। अब प्रधानमंत्री द्वारा एक वर्ष तक सोने के गहने न खरीदने की अपील के बाद कारोबार में और मंदी आने की आशंका बढ़ गई है। कारोबारियों का मानना है कि यदि घरों में संचित पुराने सोने को बाजार में लाने के लिए सरकार कोई नीति बनाए तो घरेलू स्तर पर सोने की उपलब्धता बढ़ सकती है और बाजार को कुछ राहत मिल सकती है। उधर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होने से सुंदरनगर के पेट्रोल पंपों पर सामान्य स्थिति बनी हुई है। हालांकि, सरकार द्वारा वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों पर चर्चा की संभावना के बीच लोगों में भविष्य में ईंधन महंगा होने का डर भी बना हुआ है। धनोटू पेट्रोल पंप के प्रबंधक सुनील ने बताया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की बिक्री सामान्य दिनों की तरह ही हो रही है।
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जिस तरह से प्रधानमंत्री ने एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील की है, उससे मंदी की आशंका और बढ़ गई है। पहले से ही ज्वेलर सोने के अत्यधिक बढ़े हुए दामों के कारण मंदी का सामना कर रहे थे। अब इस निर्णय के बाद ज्वेलर्स के लिए अपने कारीगरों को वेतन देना भी कठिन हो सकता है। सरकार को इस उद्योग को बचाने के लिए पुराने सोने को घरों से बाहर लाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। -साहिल सोनी, स्थानीय ज्वेलर, सुंदरनगर
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फिलहाल पेट्रोल के दाम स्थिर हैं। मैं रोज लगभग दस किलोमीटर बाइक से काम पर आता हूं। यदि पेट्रोल के दामों में अधिक वृद्धि होती है तो मुझे सार्वजनिक परिवहन के बारे में सोचना पड़ेगा। हालांकि मैं जरूरत के अनुसार ही ईंधन भरवाता हूं। -विकास, प्रबंधक, निजी संस्थान, सुंदरनगर
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सोना-चांदी हर रस्म और परंपरा में उपयोग होता है। जिस तरह से सोने के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि अब आर्टिफिशियल गहने ही शादी-विवाह की रस्मों में आमजन की पहुंच तक रह जाएंगे। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे गहने आम लोगों की पहुंच में रहें और बाजार की गतिविधियां भी सुचारु रूप से चलती रहें। -अनीता, गृहिणी