{"_id":"69cd1ee55ae08febf7095679","slug":"himachals-daughters-returned-from-the-women-farmers-mahakumbh-mandi-news-c-90-1-mnd1023-191327-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: महिला किसान महाकुंभ से लौटीं हिमाचल की बेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: महिला किसान महाकुंभ से लौटीं हिमाचल की बेटियां
विज्ञापन
आईआईटी दिल्ली में आयोजित महिला उद्यमी किसान कुंभ-2026 में भाग लेती किसान महिलाएं। स्रोत जागरूक
विज्ञापन
मंडी। कृषि व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आईआईटी दिल्ली में आयोजित महिला उद्यमी किसान कुंभ-2026 में हिमाचल प्रदेश की बेटियों ने अपने हुनर और नवाचार का लोहा मनवाया।
30 और 31 मार्च को काउट्रिशन फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय महाकुंभ में देशभर की महिला किसानों और उद्यमियों ने भाग लिया।
इसमें हिमाचल की लीना शर्मा, ममता शर्मा और पूनम शर्मा की प्रभावशाली उपस्थिति विशेष रूप से चर्चा का विषय रही।
कार्यक्रम के पहले दिन 30 मार्च को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि दूसरे दिन, 31 मार्च को मिजोरम के राज्यपाल जनरल डॉ. विजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत की।
दिग्गजों की मौजूदगी में लीना शर्मा ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने सफल प्रयोग साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे पहाड़ी क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों में भी टिकाऊ और लाभकारी खेती के माध्यम से आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है। राष्ट्रीय मंच पर लीना शर्मा ने यह भी रेखांकित किया कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों का त्याग अनिवार्य है। उनका मानना है कि पुरानी पारंपरिक पद्धतियों और आधुनिक नवाचार का संयोजन ही कृषि के भविष्य की कुंजी है। संवाद
Trending Videos
30 और 31 मार्च को काउट्रिशन फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय महाकुंभ में देशभर की महिला किसानों और उद्यमियों ने भाग लिया।
इसमें हिमाचल की लीना शर्मा, ममता शर्मा और पूनम शर्मा की प्रभावशाली उपस्थिति विशेष रूप से चर्चा का विषय रही।
कार्यक्रम के पहले दिन 30 मार्च को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि दूसरे दिन, 31 मार्च को मिजोरम के राज्यपाल जनरल डॉ. विजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिग्गजों की मौजूदगी में लीना शर्मा ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने सफल प्रयोग साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे पहाड़ी क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों में भी टिकाऊ और लाभकारी खेती के माध्यम से आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है। राष्ट्रीय मंच पर लीना शर्मा ने यह भी रेखांकित किया कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों का त्याग अनिवार्य है। उनका मानना है कि पुरानी पारंपरिक पद्धतियों और आधुनिक नवाचार का संयोजन ही कृषि के भविष्य की कुंजी है। संवाद
