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Mandi News: पति की अपील खारिज, पत्नी व बेटे को अंतरिम भरण-पोषण बरकरार
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सुंदरनगर की अदालत ने घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े मामले में पति की आपराधिक अपील खारिज कर दी है और ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा है। ट्रायल कोर्ट ने 8 अगस्त 2024 को पत्नी को 1000 रुपये और बेटे को 500 रुपये प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण देने का आदेश दिया था।
पति ने दलील दी कि वह पहले से ही धारा 125 सीआरपीसी के तहत 2500 रुपये प्रतिमाह दे रहा है और उसकी आय सीमित है, इसलिए अतिरिक्त राशि उचित नहीं है। अदालत ने पाया कि पूर्व भरण-पोषण पुरानी आय पर आधारित था, जबकि वर्तमान में आय और खर्च बढ़े हैं।
साथ ही पत्नी और बेटे को दिया गया अतिरिक्त भरण-पोषण उचित है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भरण-पोषण न देना घरेलू हिंसा की श्रेणी में आ सकता है और अलग रहने से घरेलू हिंसा का मामला समाप्त नहीं होता। अंततः अपील खारिज कर दी गई।
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मंडी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सुंदरनगर की अदालत ने घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े मामले में पति की आपराधिक अपील खारिज कर दी है और ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा है। ट्रायल कोर्ट ने 8 अगस्त 2024 को पत्नी को 1000 रुपये और बेटे को 500 रुपये प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण देने का आदेश दिया था।
पति ने दलील दी कि वह पहले से ही धारा 125 सीआरपीसी के तहत 2500 रुपये प्रतिमाह दे रहा है और उसकी आय सीमित है, इसलिए अतिरिक्त राशि उचित नहीं है। अदालत ने पाया कि पूर्व भरण-पोषण पुरानी आय पर आधारित था, जबकि वर्तमान में आय और खर्च बढ़े हैं।
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साथ ही पत्नी और बेटे को दिया गया अतिरिक्त भरण-पोषण उचित है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भरण-पोषण न देना घरेलू हिंसा की श्रेणी में आ सकता है और अलग रहने से घरेलू हिंसा का मामला समाप्त नहीं होता। अंततः अपील खारिज कर दी गई।
