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Mandi News: जोगिंद्रनगर अस्पताल की ओपीडी में नहीं मिले चिकित्सक, बढ़ा मर्ज
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अस्पताल के एसएमओ को खुद मोर्चा संभालना पड़ा
मरीजों को लंबे समय तक करना पड़ा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में चिकित्सकों की कमी के कारण बुधवार को मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। सामान्य और विशेषज्ञ ओपीडी में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। हालात ऐसे बने कि अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास नाथ को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। उन्होंने अकेले 80 से अधिक मरीजों का उपचार किया। अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं की जिम्मेदारी डॉ. प्रियंका ने संभाली, जबकि एसएमओ और एक अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक ओपीडी में मरीजों का इलाज करते रहे। दिनभर में करीब 200 मरीज अस्पताल पहुंचे। तीमारदारों ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से उपचार में देरी हुई। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 19 चिकित्सकों के स्वीकृत पद हैं, जिनमें 11 रिक्त हैं। वर्तमान में आठ चिकित्सक कार्यरत हैं लेकिन बुधवार को एक डॉक्टर नाइट ऑफ, एक न्यायालय संबंधी कार्य और एक अवकाश पर होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए जिला व प्रदेश स्वास्थ्य विभाग आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।
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मरीजों को लंबे समय तक करना पड़ा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में चिकित्सकों की कमी के कारण बुधवार को मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। सामान्य और विशेषज्ञ ओपीडी में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। हालात ऐसे बने कि अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास नाथ को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। उन्होंने अकेले 80 से अधिक मरीजों का उपचार किया। अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं की जिम्मेदारी डॉ. प्रियंका ने संभाली, जबकि एसएमओ और एक अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक ओपीडी में मरीजों का इलाज करते रहे। दिनभर में करीब 200 मरीज अस्पताल पहुंचे। तीमारदारों ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से उपचार में देरी हुई। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 19 चिकित्सकों के स्वीकृत पद हैं, जिनमें 11 रिक्त हैं। वर्तमान में आठ चिकित्सक कार्यरत हैं लेकिन बुधवार को एक डॉक्टर नाइट ऑफ, एक न्यायालय संबंधी कार्य और एक अवकाश पर होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए जिला व प्रदेश स्वास्थ्य विभाग आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।