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Mandi News: आयुष सुगमता केंद्र को सोलन स्थानांतरित करने का विरोध
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जोगिंद्रनगर में तालाबंदी की अधिसूचना पर भड़कीं संस्थाएं
केंद्र सरकार से की फैसला बदलने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में स्थित उत्तर भारत के पहले आयुष सुगमता केंद्र को बंद कर सोलन स्थानांतरित करने के आदेशों पर विवाद गहरा गया है। नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड की इस कार्रवाई के खिलाफ जोगिंद्रनगर और मंडी की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में गहरा आक्रोश फैला है। 31 अगस्त तक केंद्र को बंद करने की अधिसूचना जारी होने के बाद स्थानीय संस्थाएं और राजनीतिक दल विरोध में उतर आए हैं।
रोटरी क्लब जोगिंद्रनगर ने इस संबंध में उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन के माध्यम से केंद्रीय आयुष मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा है। रोटरी क्लब के वरिष्ठ सदस्य अजय ठाकुर, अध्यक्ष विनोद राठौर, नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर और व्यापार मंडल अध्यक्ष भास्कर गुप्ता ने कहा कि यह संस्थान हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और चंडीगढ़ सहित सात राज्यों के लगभग 25 हजार किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रहा था। 120 बीघा में फैले हर्बल गार्डन और पुरानी आयुर्वेदिक फार्मेसी के बीच स्थित इस केंद्र के माध्यम से दुर्लभ जड़ी-बूटियों पर शोध और हर्बल उत्पादों की बिक्री से किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे थे।
जिला कांग्रेस कमेटी मंडी के मीडिया प्रभारी गुरुशरण परमार ने मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रणौत और केंद्रीय आयुष मंत्रालय से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संस्थान को स्थानांतरित करने की कवायद नहीं रोकी गई तो क्षेत्र के लोगों को साथ लेकर केंद्रीय आयुष विभाग और सरकार के खिलाफ व्यापक स्तर पर धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
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केंद्र सरकार से की फैसला बदलने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में स्थित उत्तर भारत के पहले आयुष सुगमता केंद्र को बंद कर सोलन स्थानांतरित करने के आदेशों पर विवाद गहरा गया है। नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड की इस कार्रवाई के खिलाफ जोगिंद्रनगर और मंडी की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में गहरा आक्रोश फैला है। 31 अगस्त तक केंद्र को बंद करने की अधिसूचना जारी होने के बाद स्थानीय संस्थाएं और राजनीतिक दल विरोध में उतर आए हैं।
रोटरी क्लब जोगिंद्रनगर ने इस संबंध में उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन के माध्यम से केंद्रीय आयुष मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा है। रोटरी क्लब के वरिष्ठ सदस्य अजय ठाकुर, अध्यक्ष विनोद राठौर, नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर और व्यापार मंडल अध्यक्ष भास्कर गुप्ता ने कहा कि यह संस्थान हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और चंडीगढ़ सहित सात राज्यों के लगभग 25 हजार किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रहा था। 120 बीघा में फैले हर्बल गार्डन और पुरानी आयुर्वेदिक फार्मेसी के बीच स्थित इस केंद्र के माध्यम से दुर्लभ जड़ी-बूटियों पर शोध और हर्बल उत्पादों की बिक्री से किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे थे।
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जिला कांग्रेस कमेटी मंडी के मीडिया प्रभारी गुरुशरण परमार ने मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रणौत और केंद्रीय आयुष मंत्रालय से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संस्थान को स्थानांतरित करने की कवायद नहीं रोकी गई तो क्षेत्र के लोगों को साथ लेकर केंद्रीय आयुष विभाग और सरकार के खिलाफ व्यापक स्तर पर धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
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