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Mandi News: गड्ढों में भरी मिट्टी, लोगों की मुश्किलें बरकरार

Mon, 27 Jul 2026 12:37 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 12:37 AM IST
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Potholes filled with soil; people's woes persist.
जोगिंद्रनगर शहर के मंदिर सड़क पर रविवार को मिट्टी से की गई लिपापोती। संवाद
पीडब्ल्यूडी का कारनामा :
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मंदिर मार्ग पर दस साल से टारिंग का इंतजार, सरकाघाट रोड पर भी गड्ढों से लोग परेशान
डिजिटल पर न चलाएं...
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। शहरी क्षेत्र की सड़कों पर हादसों का खतरा बढ़ने के बाद विभाग ने एक बार फिर गड्ढों को मिट्टी और मलबे से भरकर औपचारिकता पूरी कर दी है। बारिश के दौरान यह मिट्टी बह जाती है, जिससे सड़कें पहले से अधिक कीचड़युक्त और खतरनाक हो जाती हैं। शहर की मंदिर सड़क पर पिछले करीब दस वर्षों से टारिंग नहीं हो पाई है। सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सरकाघाट सड़क पर भी गड्ढों की भरमार है। रेलवे स्टेशन चौक से रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क की खराब हालत लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है।
स्थानीय लोगों सविता, सुरेंद्र और मोहन लाल का कहना है कि कुछ दिन पहले भी विभाग ने गड्ढों में मिट्टी डाली थी, लेकिन बारिश के पानी के साथ वह बह गई। इसके बाद फिर उसी तरीके से सड़क की मरम्मत कर दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई संपर्क सड़कें कीचड़ से लबालब हैं, जिससे आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।
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स्थानीय निवासी रूपेश कुमार, विशाल और अनूप ने बताया कि वर्षों से सड़कों की स्थायी मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और कई बार चोटिल भी होना पड़ता है। उन्होंने विभाग से जल्द टारिंग करवाने की मांग की है।
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मानसून के बाद ही होगी स्थायी टारिंग : विभाग
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विद्यासागर ने बताया कि मानसून सीजन में सड़कों पर टारिंग करना संभव नहीं है। इसलिए गहरे गड्ढों को मलबे, पत्थर और मिट्टी से भरने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके। मौसम अनुकूल होने के बाद क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों पर टारिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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