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Mandi News: शानन और बस्सी विद्यत परियोजना में बढ़ा विद्युत उत्पादन
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 08 Apr 2026 07:24 AM IST
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बरोट स्थित बस्सी व ऊहल विद्युत परियोजना की शानन रिजर्वायर में बढ़ा जल स्तर। स्रोत जागरूक पाठक
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ऊहल और लंबाडग नदियों में जलस्तर बढ़ते ही विद्युत परियोजनाओं के पहिए घूमे, लाखों का फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। शानन विद्युत परियोजना बरोट स्थित रिजर्वायर में विद्युत उत्पादन के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से जोगिंद्रनगर उपमंडल की तीन पन विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन बढ़ने से रोजाना लाखों की आमदनी हो रही है। 16.2 मिलियन क्यूसिक फीट की बरोट स्थित पुरानी और नई रिजर्वायर में वर्षा से एकत्रित पानी की क्षमता बढ़ने से पंजाब राज्य की शानन परियोजना में 50 मेगावाट उत्पादन शुरू होने से पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड को रोजाना करीब 50 लाख से अधिक की आमदनी हो रही है।
हिमाचल राज्य की 66 मेगावाट पन विद्युत परियोजना बस्सी में 6 मिलियन यूनिट उत्पादन होने से हिमाचल राज्य को रोजाना 20 लाख की आमदनी हो रही है। जबकि ऊहल पन विद्युत परियोजना में भी रोजाना 30 मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन शुरू होने से ब्यास वैली कार्पोरेशन के उपक्रम में लाखों की आमदनी हो रही है।
इससे पहले जोगिंद्रनगर हलके की तीनों पन विद्युत परियोजनाओं में जनवरी से मार्च माह तक बिजली उत्पादन में गिरावट आने से तीनों परियोजनाओं में मासिक लक्ष्य पूरा करना चुनौती बन गया था। पंजाब राज्य की शानन परियोजना में जनवरी माह में 15, फरवरी माह में 25 और मार्च माह में 30 मेगावाट तक का उत्पादन हो रहा था। इसी तरह हिमाचल राज्य की बस्सी परियोजना जनवरी में 9, फरवरी में 12 और मार्च माह में 20 मेगावाट तक विद्युत उत्पादन सिमट चुका था।
शानन विद्युत परियोजना के आरई सुखविंद्र सिंह ने बताया कि पंजाब राज्य की शानन पन विद्युत परियोजना में 50 मेगावाट विद्युत उत्पादन होने से लाखों की आमदनी शुरू हुई है। बरोट स्थित रिजर्वायर में पानी की क्षमता बढ़ने से विद्युत उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है।
इधर बस्सी परियोजना के आरई दीप्ति भट्ट का कहना है कि 66 मेगावाट बस्सी परियोजना में प्रतिदिन 6 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होने से प्रदेश सरकार को रोजाना लाखों की आमदनी हो रही है।
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। शानन विद्युत परियोजना बरोट स्थित रिजर्वायर में विद्युत उत्पादन के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से जोगिंद्रनगर उपमंडल की तीन पन विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन बढ़ने से रोजाना लाखों की आमदनी हो रही है। 16.2 मिलियन क्यूसिक फीट की बरोट स्थित पुरानी और नई रिजर्वायर में वर्षा से एकत्रित पानी की क्षमता बढ़ने से पंजाब राज्य की शानन परियोजना में 50 मेगावाट उत्पादन शुरू होने से पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड को रोजाना करीब 50 लाख से अधिक की आमदनी हो रही है।
हिमाचल राज्य की 66 मेगावाट पन विद्युत परियोजना बस्सी में 6 मिलियन यूनिट उत्पादन होने से हिमाचल राज्य को रोजाना 20 लाख की आमदनी हो रही है। जबकि ऊहल पन विद्युत परियोजना में भी रोजाना 30 मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन शुरू होने से ब्यास वैली कार्पोरेशन के उपक्रम में लाखों की आमदनी हो रही है।
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इससे पहले जोगिंद्रनगर हलके की तीनों पन विद्युत परियोजनाओं में जनवरी से मार्च माह तक बिजली उत्पादन में गिरावट आने से तीनों परियोजनाओं में मासिक लक्ष्य पूरा करना चुनौती बन गया था। पंजाब राज्य की शानन परियोजना में जनवरी माह में 15, फरवरी माह में 25 और मार्च माह में 30 मेगावाट तक का उत्पादन हो रहा था। इसी तरह हिमाचल राज्य की बस्सी परियोजना जनवरी में 9, फरवरी में 12 और मार्च माह में 20 मेगावाट तक विद्युत उत्पादन सिमट चुका था।
शानन विद्युत परियोजना के आरई सुखविंद्र सिंह ने बताया कि पंजाब राज्य की शानन पन विद्युत परियोजना में 50 मेगावाट विद्युत उत्पादन होने से लाखों की आमदनी शुरू हुई है। बरोट स्थित रिजर्वायर में पानी की क्षमता बढ़ने से विद्युत उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है।
इधर बस्सी परियोजना के आरई दीप्ति भट्ट का कहना है कि 66 मेगावाट बस्सी परियोजना में प्रतिदिन 6 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होने से प्रदेश सरकार को रोजाना लाखों की आमदनी हो रही है।

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