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Mandi News: संगम स्थल अवाहदेवी, पहचान बड़ी, सुविधाएं छोटी
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न ठहरने को सराय, न इलाज की व्यवस्था
आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में लोग उपचार के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
चोलथरा (मंडी)। मंडी और हमीरपुर जिलों की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं व्यावसायिक कस्बा अवाहदेवी आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यहां स्थित माता अवाह देवी (जालपा) का प्राचीन मंदिर दोनों जिलों के हजारों परिवारों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां सालभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।
धार्मिक पर्यटन और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बावजूद यह क्षेत्र प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं और रात्रि विश्राम गृह जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं से वंचित है। अवाहदेवी कस्बा आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र की भूमिका निभाता है। दूरदराज से आने वाले व्यापारियों को देर शाम बाजार बंद करने के बाद ठहरने के लिए यहां कोई सराय या विश्राम गृह उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें मजबूरन अतिरिक्त समय और खर्च कर हमीरपुर या भोरंज का रुख करना पड़ता है। इसके अलावा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोगों को उपचार के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय व्यापारियों ने इस समस्या को लेकर प्रदेश सरकार से जल्द कदम उठाने की मांग की है। अवाहदेवी बाजार मंडल के अध्यक्ष विनोद ठाकुर सहित व्यापारी पवन कुमार, तोशू ठाकुर, प्रवीण, राज कुमार, पुरुषोत्तम चंद और बलबीर ठाकुर ने मांग की है कि यहां उपलब्ध सरकारी भूमि पर लोक निर्माण विभाग या जल शक्ति विभाग के माध्यम से एक विश्राम गृह का निर्माण करवाया जाए।
व्यापारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और विश्राम गृह के निर्माण से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियां भी मजबूत होंगी। इससे आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को बेहतर सुविधाएं और बड़ी राहत मिल सकेगी।
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आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में लोग उपचार के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
चोलथरा (मंडी)। मंडी और हमीरपुर जिलों की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं व्यावसायिक कस्बा अवाहदेवी आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यहां स्थित माता अवाह देवी (जालपा) का प्राचीन मंदिर दोनों जिलों के हजारों परिवारों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां सालभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।
धार्मिक पर्यटन और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के बावजूद यह क्षेत्र प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं और रात्रि विश्राम गृह जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं से वंचित है। अवाहदेवी कस्बा आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र की भूमिका निभाता है। दूरदराज से आने वाले व्यापारियों को देर शाम बाजार बंद करने के बाद ठहरने के लिए यहां कोई सराय या विश्राम गृह उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें मजबूरन अतिरिक्त समय और खर्च कर हमीरपुर या भोरंज का रुख करना पड़ता है। इसके अलावा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोगों को उपचार के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय व्यापारियों ने इस समस्या को लेकर प्रदेश सरकार से जल्द कदम उठाने की मांग की है। अवाहदेवी बाजार मंडल के अध्यक्ष विनोद ठाकुर सहित व्यापारी पवन कुमार, तोशू ठाकुर, प्रवीण, राज कुमार, पुरुषोत्तम चंद और बलबीर ठाकुर ने मांग की है कि यहां उपलब्ध सरकारी भूमि पर लोक निर्माण विभाग या जल शक्ति विभाग के माध्यम से एक विश्राम गृह का निर्माण करवाया जाए।
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व्यापारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और विश्राम गृह के निर्माण से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियां भी मजबूत होंगी। इससे आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को बेहतर सुविधाएं और बड़ी राहत मिल सकेगी।