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Mandi News: स्टेम एजुकेशन से खुल रहा वैश्विक मंच तक पहुंच का रास्ता
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सरकारी स्कूलों के छात्र नवाचार और तकनीक के दम पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दर्ज करा रहे पहचान
मंडी के छात्र ऋषभ और शिवांग ने आउट ऑफ द बॉक्स आइडिया अवार्ड हासिल कर बढ़ाया गौरव
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत चल रहे स्टेम शिक्षा कार्यक्रम का प्रभाव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। मंडी के विद्यार्थियों की जकार्ता में आयोजित कोडएवोर 7.0 प्रतियोगिता में मिली सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूलों के छात्र भी नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना सकते हैं। यह कार्यक्रम बुनियादी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित को एकीकृत करता है। सीबीएसई स्कूल मंडी के छात्र ऋषभ ठाकुर और शिवांग कश्यप ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित कोडएवोर 7.0 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में आउट ऑफ द बॉक्स आइडिया अवार्ड हासिल कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित आधारित (स्टेम) गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें मॉडल निर्माण, कोडिंग, रोबोटिक्स और समस्या-समाधान आधारित प्रोजेक्ट्स पर काम करने के अवसर भी दिए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है।
स्टेम एजुकेशन के जिला समन्वयक विजय शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम मई 2025 में शुरू किया गया था, जिसके तहत जिले के 121 स्कूलों का चयन किया गया था। इस वर्ष 15 और स्कूलों को इसमें जोड़ा जाएगा। वहीं समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि मंडी के विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर हिमाचल का नाम रोशन किया है और एक नई मिसाल पेश की है।
कैसे विश्व मंच तक पहुंच बना रहे छात्र
-स्कूल स्तर पर कोडिंग, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी
-जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक अवसर
-नवाचार आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन
-सरकारी स्कूलों के छात्रों में विज्ञान और तकनीक के प्रति बढ़ता रुझान
-स्टेम लैब और हैकाथॉन जैसी गतिविधियां प्रतिभाओं को नई पहचान दे रही हैं
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मंडी के छात्र ऋषभ और शिवांग ने आउट ऑफ द बॉक्स आइडिया अवार्ड हासिल कर बढ़ाया गौरव
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत चल रहे स्टेम शिक्षा कार्यक्रम का प्रभाव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। मंडी के विद्यार्थियों की जकार्ता में आयोजित कोडएवोर 7.0 प्रतियोगिता में मिली सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूलों के छात्र भी नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना सकते हैं। यह कार्यक्रम बुनियादी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित को एकीकृत करता है। सीबीएसई स्कूल मंडी के छात्र ऋषभ ठाकुर और शिवांग कश्यप ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित कोडएवोर 7.0 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में आउट ऑफ द बॉक्स आइडिया अवार्ड हासिल कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित आधारित (स्टेम) गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें मॉडल निर्माण, कोडिंग, रोबोटिक्स और समस्या-समाधान आधारित प्रोजेक्ट्स पर काम करने के अवसर भी दिए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है।
स्टेम एजुकेशन के जिला समन्वयक विजय शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम मई 2025 में शुरू किया गया था, जिसके तहत जिले के 121 स्कूलों का चयन किया गया था। इस वर्ष 15 और स्कूलों को इसमें जोड़ा जाएगा। वहीं समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि मंडी के विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर हिमाचल का नाम रोशन किया है और एक नई मिसाल पेश की है।
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कैसे विश्व मंच तक पहुंच बना रहे छात्र
-स्कूल स्तर पर कोडिंग, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित गतिविधियों में बढ़ती भागीदारी
-जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक अवसर
-नवाचार आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन
-सरकारी स्कूलों के छात्रों में विज्ञान और तकनीक के प्रति बढ़ता रुझान
-स्टेम लैब और हैकाथॉन जैसी गतिविधियां प्रतिभाओं को नई पहचान दे रही हैं