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Mandi News: नोगी कोठी में देव महासू की प्रतिष्ठा, 32 देवी-देवताओं की खुमड़ी ने बढ़ाई भव्यता
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 02 May 2026 05:29 AM IST
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देव महासू के पुश्तैनी गूर रामचुराम को कंधे पर उठाकर खुशी मनाते श्रद्धालु। स्त्रोत- जागरूक पाठक
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सुकेत-मंडी सीमा पर दो दिवसीय आयोजन संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया भंडारे का प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसीमंडी। सुकेत और मंडी सीमा पर कुटवाहची स्थित नोगी कोठी में देव महासू की नव-निर्मित कोठी की प्रतिष्ठा विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। दो दिवसीय इस भव्य आयोजन में क्षेत्रभर से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की विशेषता रही 32 देवी-देवताओं की खुमड़ी (देव प्रतिनिधि) की उपस्थिति, जिसने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
देव महासू प्रतिष्ठा समिति और देव महासू कारदार समिति के तत्वावधान में गणपति पूजन, कलश स्थापना, विशाल कुरंड स्थापना और देवता स्वागत जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इसके बाद आकाश पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
काष्ठकुणी शैली में निर्मित नोगी कोठी का ऐतिहासिक महत्व भी है। माना जाता है कि इसका निर्माण 1269-70 में सुकेत शासक मदन सेन ने करवाया था। पुनर्निर्माण के बाद अब इसकी विधिवत प्रतिष्ठा की गई है। यह मंदिर अपनी लकड़ी की नक्काशी, ढलवा छत और पारंपरिक स्थापत्य शैली के लिए विशेष पहचान रखता है।
कार्यक्रम में नाचन विधायक विनोद कुमार, करसोग विधायक दीपराज भंथल, कांग्रेस नेता नरेश चौहान और भारती देवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल आज भी मंडी और सुकेत क्षेत्र की साझा आस्था का प्रमुख केंद्र है।
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संवाद न्यूज एजेंसीमंडी। सुकेत और मंडी सीमा पर कुटवाहची स्थित नोगी कोठी में देव महासू की नव-निर्मित कोठी की प्रतिष्ठा विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। दो दिवसीय इस भव्य आयोजन में क्षेत्रभर से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की विशेषता रही 32 देवी-देवताओं की खुमड़ी (देव प्रतिनिधि) की उपस्थिति, जिसने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
देव महासू प्रतिष्ठा समिति और देव महासू कारदार समिति के तत्वावधान में गणपति पूजन, कलश स्थापना, विशाल कुरंड स्थापना और देवता स्वागत जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इसके बाद आकाश पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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काष्ठकुणी शैली में निर्मित नोगी कोठी का ऐतिहासिक महत्व भी है। माना जाता है कि इसका निर्माण 1269-70 में सुकेत शासक मदन सेन ने करवाया था। पुनर्निर्माण के बाद अब इसकी विधिवत प्रतिष्ठा की गई है। यह मंदिर अपनी लकड़ी की नक्काशी, ढलवा छत और पारंपरिक स्थापत्य शैली के लिए विशेष पहचान रखता है।
कार्यक्रम में नाचन विधायक विनोद कुमार, करसोग विधायक दीपराज भंथल, कांग्रेस नेता नरेश चौहान और भारती देवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल आज भी मंडी और सुकेत क्षेत्र की साझा आस्था का प्रमुख केंद्र है।
