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Mandi News: शिक्षा को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का दिया प्रशिक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। समग्र शिक्षा के तहत आयोजित कार्यशाला में बुधवार को शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा हुई। इसका मुख्य विषय कार्य शिक्षा से वोकेशनल शिक्षा तक का विकास और उसका महत्व रहा। अब व्यावसायिक शिक्षा को अधिक व्यवस्थित और रोजगारोन्मुख बनाया गया है, जिसमें आईटी, रिटेल, हेल्थकेयर, टूरिज्म और ऑटोमोबाइल जैसे ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
व्यावसायिक शिक्षा के राज्य समन्वयक ऋषव सरस्वती, रिसोर्स पर्सन विजय शर्मा और समन्वयक डाॅ. दिनेश ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा 6 से ही छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया गया है, ताकि वे अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकसित कर सकें। साथ ही इंटर्नशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि यह बदलाव केवल पाठ्यक्रम का नहीं, बल्कि सोच का परिवर्तन है, जो शिक्षा को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ता है। अंत में प्रतिभागियों को स्कूल स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। इसमें मंडी, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और कांगड़ा के प्रशिक्षक शामिल रहे।
बॉक्स
कार्यशाला में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 98 वोकेशनल ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में इन वोकेशनल ट्रेनर को छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
मीना राठौर,उपनिदेशक, गुणवत्ता नियंत्रक, शिक्षा विभाग
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मंडी। समग्र शिक्षा के तहत आयोजित कार्यशाला में बुधवार को शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा हुई। इसका मुख्य विषय कार्य शिक्षा से वोकेशनल शिक्षा तक का विकास और उसका महत्व रहा। अब व्यावसायिक शिक्षा को अधिक व्यवस्थित और रोजगारोन्मुख बनाया गया है, जिसमें आईटी, रिटेल, हेल्थकेयर, टूरिज्म और ऑटोमोबाइल जैसे ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
व्यावसायिक शिक्षा के राज्य समन्वयक ऋषव सरस्वती, रिसोर्स पर्सन विजय शर्मा और समन्वयक डाॅ. दिनेश ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा 6 से ही छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया गया है, ताकि वे अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकसित कर सकें। साथ ही इंटर्नशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि यह बदलाव केवल पाठ्यक्रम का नहीं, बल्कि सोच का परिवर्तन है, जो शिक्षा को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ता है। अंत में प्रतिभागियों को स्कूल स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। इसमें मंडी, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और कांगड़ा के प्रशिक्षक शामिल रहे।
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कार्यशाला में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 98 वोकेशनल ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में इन वोकेशनल ट्रेनर को छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
मीना राठौर,उपनिदेशक, गुणवत्ता नियंत्रक, शिक्षा विभाग