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Rampur Bushahar News: भूमि विवाद में लटका पुल, नाले का उफान, जोखिम में जान
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राणा क्यार नाले पर 25 लाख रुपये से होना है पुल का निर्माण
. पिछले वर्ष बहने से बचा था स्कूटी सवार, गर्भवती को जेसीबी से पार करवाया था नाला
. बरसात में नाले के उफान पर लोगों को जान जोखिम में डालकर करनी पड़ रही आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। पांवटा साहिब-नेरवा और फेड़ीजपल-नेरवा-शिमला मुख्य मार्ग पर राणा क्यार के पास नाला लोगों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। इस नाले पर 25 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण भूमि विवाद के कारण लटक गया है। बारिश के दौरान नाले का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे यातायात बाधित हो जाता है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर लोग उफान पर आए नाले को पार करते हैं। पिछले वर्ष एक स्कूटी सवार नाला पार करते समय तेज बहाव में बह गया था, जिसे पूर्व प्रधान तपेंद्र नेगी ने बचाया। इसी तरह, पिछले वर्ष प्रसव पीड़ा से पीड़ित एक महिला को जेसीबी की मदद से नाला पार कराया गया था। उस दौरान अस्पताल पहुंचने में देरी हो जाने के कारण नवजात शिशु को बचाया नहीं जा सका था। राणा क्यार निवासी तपेंद्र नेगी और राजेंद्र डोगरा ने बताया कि वर्ष 2019, 2021, 2023 और 2025 में इस नाले में भीषण बाढ़ आई थी। वर्ष 2019 की बाढ़ में लोकेंद्र नेगी, छज्जू राम मखराण, मोती सिंह नेगी, राजेंद्र डोगरा और तपेंद्र नेगी के मकानों को भी भारी क्षति पहुंची थी। उस समय तत्कालीन उपायुक्त शिमला और वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की टीम ने स्थिति का जायजा लिया था। ग्रामीणों ने तभी स्थायी पुल निर्माण की मांग उठाई थी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर बरसात में यह नाला जान और आवागमन दोनों के लिए खतरा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि भूमि विवाद का शीघ्र समाधान किया जाए। इससे पुल निर्माण का कार्य तुरंत शुरू हो सकेगा। यह वर्षों पुरानी समस्या से स्थायी राहत प्रदान करेगा।
नाले पर पुल के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये का टेंडर आवंटित किया जा चुका है। विभाग की ओर से करवाई गई भूमि की पैमाइश में निर्माण स्थल का एक हिस्सा स्थानीय निवासी की निजी भूमि में पाया गया है। संबंधित व्यक्ति अपनी भूमि पर निर्माण की अनुमति नहीं दे रहा है। इस कारण पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।-- सुनील शर्मा,
सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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. पिछले वर्ष बहने से बचा था स्कूटी सवार, गर्भवती को जेसीबी से पार करवाया था नाला
. बरसात में नाले के उफान पर लोगों को जान जोखिम में डालकर करनी पड़ रही आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। पांवटा साहिब-नेरवा और फेड़ीजपल-नेरवा-शिमला मुख्य मार्ग पर राणा क्यार के पास नाला लोगों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। इस नाले पर 25 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण भूमि विवाद के कारण लटक गया है। बारिश के दौरान नाले का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे यातायात बाधित हो जाता है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर लोग उफान पर आए नाले को पार करते हैं। पिछले वर्ष एक स्कूटी सवार नाला पार करते समय तेज बहाव में बह गया था, जिसे पूर्व प्रधान तपेंद्र नेगी ने बचाया। इसी तरह, पिछले वर्ष प्रसव पीड़ा से पीड़ित एक महिला को जेसीबी की मदद से नाला पार कराया गया था। उस दौरान अस्पताल पहुंचने में देरी हो जाने के कारण नवजात शिशु को बचाया नहीं जा सका था। राणा क्यार निवासी तपेंद्र नेगी और राजेंद्र डोगरा ने बताया कि वर्ष 2019, 2021, 2023 और 2025 में इस नाले में भीषण बाढ़ आई थी। वर्ष 2019 की बाढ़ में लोकेंद्र नेगी, छज्जू राम मखराण, मोती सिंह नेगी, राजेंद्र डोगरा और तपेंद्र नेगी के मकानों को भी भारी क्षति पहुंची थी। उस समय तत्कालीन उपायुक्त शिमला और वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की टीम ने स्थिति का जायजा लिया था। ग्रामीणों ने तभी स्थायी पुल निर्माण की मांग उठाई थी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर बरसात में यह नाला जान और आवागमन दोनों के लिए खतरा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि भूमि विवाद का शीघ्र समाधान किया जाए। इससे पुल निर्माण का कार्य तुरंत शुरू हो सकेगा। यह वर्षों पुरानी समस्या से स्थायी राहत प्रदान करेगा।
नाले पर पुल के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये का टेंडर आवंटित किया जा चुका है। विभाग की ओर से करवाई गई भूमि की पैमाइश में निर्माण स्थल का एक हिस्सा स्थानीय निवासी की निजी भूमि में पाया गया है। संबंधित व्यक्ति अपनी भूमि पर निर्माण की अनुमति नहीं दे रहा है। इस कारण पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
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सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग