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Rampur Bushahar News: दमुख देवता के मंदिर के निर्माण में जाइयों ने दिया अंशदान
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डंसा के जगूणी गांव की महिलाओं ने देवता दमुख डंसा के मंदिर निर्माण को भेंट की राशि। संवाद
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करोड़ों की लागत से डंसा में हो रहा भव्य मंदिर निर्माण
मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा साल के अंत में प्रस्तावित
जगूणी गांव की जाइयाें ने देवता साहिब को डेढ़ लाख नकद राशि की भेंट
. मंदिर में शीश नवाया और सुख समृद्धि का लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
भगवान परशुराम की चार ठहरियों में शुमार डंसा के डमयापुरी में नोग घोड़ी देव अधिष्ठाता दमुख के मंदिर का करोड़ों की लागत से निर्माण हो रहा है। निर्माणाधीन नई भव्य कोठी (मंदिर) की प्राण प्रतिष्ठा इस साल के अंत तक प्रस्तावित है। इस मंदिर के निर्माण में ग्रामीण, कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अलावा गांव की जाइयां (गांव से बाहर विवाहित महिलाएं) भी अंशदान दे रही हैं। रविवार को जगूणी गांव की जाइयों ने देवता साहिब के दरबार में पहुंच कर इष्ट देवता के सम्मान में शीश नवाया और 135 जाइयों ने करीब डेढ़ लाख रुपये नकद राशि दान स्वरूप भेंट की। परशुराम मंदिर समिति पदाधिकारियों और सदस्यों ने इस पुनीत कार्य के लिए जाइयों का आभार जताया है। प्रस्तावित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर परशुराम मंदिर समिति डंसा तैयारियों में जुट गई है। समिति ने दशोटी के आह्वान पर हर घर से सहायता राशि जुटाने की प्रक्रिया भी युद्ध स्तर पर शुरू करवा दी है। नौकरीपेशा और सरकारी पेंशन भोगी लोगों से करीब 15 हजार और अन्य से 10 हजार की सहायता राशि लेने का बीड़ा उठाया है। इसके अलावा श्रद्धालु स्वेच्छा से राशि दान के रूप में सचिव मंदिर समिति कार्यालय पहुंच कर भी राशि जमा करवा सकते हैं। जल्द ही गूगल पे के माध्यम से मंदिर समिति खाते को स्कैन कर या लिंक नंबर पर लोग अंशदान राशि जमा करवा सकेंगे। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेल चंद नेगी, उप प्रधान गौरी दत्त नेगी, महासचिव जीएल डमालू और कोषाध्यक्ष दुर्गा दत्त शर्मा ने कहा कि मंदिर के निर्माण कार्य में बेशकीमती लकड़ियों की नक्काशी के साथ काष्ठकुणी शैली में कुशल कारीगरों के सहयोग से भव्य कोठी का निर्माण किया जा रहा है। कोठी का बाहरी काम लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर के भीतर कार्य को पूरा करवाने की प्रक्रिया जारी है। कोठी की छत में मंडी सराज में स्थापित स्लेटों की खान का पत्थर और स्लेट निर्माण प्रक्रिया के तहत इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि कोठी निर्माण कार्य में दशोटी की जनता का भरपूर सहयोग मिला है। इसके अलावा भाषा कला, संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन ने भी सहायता प्रदान की है।
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मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा साल के अंत में प्रस्तावित
जगूणी गांव की जाइयाें ने देवता साहिब को डेढ़ लाख नकद राशि की भेंट
. मंदिर में शीश नवाया और सुख समृद्धि का लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
भगवान परशुराम की चार ठहरियों में शुमार डंसा के डमयापुरी में नोग घोड़ी देव अधिष्ठाता दमुख के मंदिर का करोड़ों की लागत से निर्माण हो रहा है। निर्माणाधीन नई भव्य कोठी (मंदिर) की प्राण प्रतिष्ठा इस साल के अंत तक प्रस्तावित है। इस मंदिर के निर्माण में ग्रामीण, कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अलावा गांव की जाइयां (गांव से बाहर विवाहित महिलाएं) भी अंशदान दे रही हैं। रविवार को जगूणी गांव की जाइयों ने देवता साहिब के दरबार में पहुंच कर इष्ट देवता के सम्मान में शीश नवाया और 135 जाइयों ने करीब डेढ़ लाख रुपये नकद राशि दान स्वरूप भेंट की। परशुराम मंदिर समिति पदाधिकारियों और सदस्यों ने इस पुनीत कार्य के लिए जाइयों का आभार जताया है। प्रस्तावित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर परशुराम मंदिर समिति डंसा तैयारियों में जुट गई है। समिति ने दशोटी के आह्वान पर हर घर से सहायता राशि जुटाने की प्रक्रिया भी युद्ध स्तर पर शुरू करवा दी है। नौकरीपेशा और सरकारी पेंशन भोगी लोगों से करीब 15 हजार और अन्य से 10 हजार की सहायता राशि लेने का बीड़ा उठाया है। इसके अलावा श्रद्धालु स्वेच्छा से राशि दान के रूप में सचिव मंदिर समिति कार्यालय पहुंच कर भी राशि जमा करवा सकते हैं। जल्द ही गूगल पे के माध्यम से मंदिर समिति खाते को स्कैन कर या लिंक नंबर पर लोग अंशदान राशि जमा करवा सकेंगे। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेल चंद नेगी, उप प्रधान गौरी दत्त नेगी, महासचिव जीएल डमालू और कोषाध्यक्ष दुर्गा दत्त शर्मा ने कहा कि मंदिर के निर्माण कार्य में बेशकीमती लकड़ियों की नक्काशी के साथ काष्ठकुणी शैली में कुशल कारीगरों के सहयोग से भव्य कोठी का निर्माण किया जा रहा है। कोठी का बाहरी काम लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर के भीतर कार्य को पूरा करवाने की प्रक्रिया जारी है। कोठी की छत में मंडी सराज में स्थापित स्लेटों की खान का पत्थर और स्लेट निर्माण प्रक्रिया के तहत इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि कोठी निर्माण कार्य में दशोटी की जनता का भरपूर सहयोग मिला है। इसके अलावा भाषा कला, संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन ने भी सहायता प्रदान की है।

डंसा के जगूणी गांव की महिलाओं ने देवता दमुख डंसा के मंदिर निर्माण को भेंट की राशि। संवाद