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Rampur Bushahar News: राजपुरा परियोजना को एनओसी देने के विरोध में उतरे ग्रामीण
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रोजगार, लाडा और मुआवजे की राशि जारी करने की उठाई मांग
ग्राम सभा से प्रस्ताव किया पारित, परियोजना प्रबंधन पर प्रभावितों के हक दबाने का लगाया आरोप
एनओसी के लिए पंचायत में आएं अधिकारी, प्रशासन न दे दखल
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर विकास खंड की भड़ावली पंचायत के ग्रामीणों ने राजपुरा जल विद्युत परियोजना प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और परियोजना को एनओसी न देने के बारे में ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया।
ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना की मनमानी का प्रभावित कई साल से शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने एकमत होकर परियोजना को पंचायत की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र न देने की मांग की। साथ ही उन्होंने परियोजना की ओर से देय रोजगार, मुआवजा और लाडा राशि के भुगतान की मांग उठाई। ग्रामीणों ने परियोजना अधिकारियों से पंचायत आकर एनओसी लेने के लिए कहा। उन्होंने एनओसी के लिए प्रशासन की ओर से दिए जा रहे दखल पर चिंता जताई।
वीरवार को भड़ावली पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। पंचायत प्रधान रक्षा देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सबसे अहम मुद्दा राजपुरा परियोजना को अनापत्ति प्रमाण पत्र न देने का रहा। बैठक में पहुंचे ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि परियोजना प्रशासन के जरिये एनओसी क्यों मांग रही है, जबकि संबंधित पंचायत से एनओसी लेने के लिए परियोजना के अधिकारी स्वयं पंचायत क्यों नहीं आ रहे। कई साल से परियोजना नियमों के विपरीत बिना एनओसी के कार्य कर रही है। प्रभावितों ने कहा कि परियोजना की ओर से विकास के नाम पर पंचायत क्षेत्र में एक ईंट तक नहीं लगाई गई है। परियोजना में रोजगार के नाम पर स्थानीय युवाओं से ठगी हुई है। न तो रोजगार मिला और न ही परियोजना लाडा की राशि जारी कर रही है। परियोजना में हो रही विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत राशि का भी ग्रामीणों को आज दिन तक भुगतान नहीं हो पाया है। परियोजना प्रबंधन युवाओं को रोजगार देने बजाय प्रभावितों को डरा-धमका रहा है। विरोध जताने वाले कई युवाओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दायर किया गया और अब ये युवा कोर्ट के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि परियोजना की ओर से दायर किए गए झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने परियोजना में स्थायी रोजगार देने, लाडा की राशि जमा करवाने, फसलों और दरारों का मुआवजा देने, देवता साहिब नरेशर मंदिर कुमसू और लंकड़ावीर मंदिर निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए राशि मुहैया करवाने की मांग उठाई।
उप प्रधान बुद्धि सिंह, वार्ड सदस्य मान सिंह, केके चौहान, ग्रामीण संजय, मोहन सिंह, राकेश चौहान, रवि, तिलक राज खिमटा, गोविंद सिंह, पृथ्वी राज सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब तक परियोजना के अधिकारी पंचायत के पास प्रस्ताव लेने नहीं आते, तब तक पंचायत की ओर से एनओसी जारी नहीं की जाएगी।
कोट
पंचायत प्रधान रक्षा देवी ने कहा कि वीरवार को ग्राम सभा का कोरम पूरा हुआ है। ग्रामीणों ने राजपुरा परियोजना को एनओसी जारी करने पर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों की मांगों को एसडीएम रामपुर के समक्ष रखा जाएगा। वीरवार को आयोजित ग्राम सभा में नशा निवारण और स्वच्छता के बारे में भी जागरूक किया गया।
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ग्राम सभा से प्रस्ताव किया पारित, परियोजना प्रबंधन पर प्रभावितों के हक दबाने का लगाया आरोप
एनओसी के लिए पंचायत में आएं अधिकारी, प्रशासन न दे दखल
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर विकास खंड की भड़ावली पंचायत के ग्रामीणों ने राजपुरा जल विद्युत परियोजना प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और परियोजना को एनओसी न देने के बारे में ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया।
ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना की मनमानी का प्रभावित कई साल से शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने एकमत होकर परियोजना को पंचायत की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र न देने की मांग की। साथ ही उन्होंने परियोजना की ओर से देय रोजगार, मुआवजा और लाडा राशि के भुगतान की मांग उठाई। ग्रामीणों ने परियोजना अधिकारियों से पंचायत आकर एनओसी लेने के लिए कहा। उन्होंने एनओसी के लिए प्रशासन की ओर से दिए जा रहे दखल पर चिंता जताई।
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वीरवार को भड़ावली पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। पंचायत प्रधान रक्षा देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सबसे अहम मुद्दा राजपुरा परियोजना को अनापत्ति प्रमाण पत्र न देने का रहा। बैठक में पहुंचे ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि परियोजना प्रशासन के जरिये एनओसी क्यों मांग रही है, जबकि संबंधित पंचायत से एनओसी लेने के लिए परियोजना के अधिकारी स्वयं पंचायत क्यों नहीं आ रहे। कई साल से परियोजना नियमों के विपरीत बिना एनओसी के कार्य कर रही है। प्रभावितों ने कहा कि परियोजना की ओर से विकास के नाम पर पंचायत क्षेत्र में एक ईंट तक नहीं लगाई गई है। परियोजना में रोजगार के नाम पर स्थानीय युवाओं से ठगी हुई है। न तो रोजगार मिला और न ही परियोजना लाडा की राशि जारी कर रही है। परियोजना में हो रही विद्युत उत्पादन की एक प्रतिशत राशि का भी ग्रामीणों को आज दिन तक भुगतान नहीं हो पाया है। परियोजना प्रबंधन युवाओं को रोजगार देने बजाय प्रभावितों को डरा-धमका रहा है। विरोध जताने वाले कई युवाओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दायर किया गया और अब ये युवा कोर्ट के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि परियोजना की ओर से दायर किए गए झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने परियोजना में स्थायी रोजगार देने, लाडा की राशि जमा करवाने, फसलों और दरारों का मुआवजा देने, देवता साहिब नरेशर मंदिर कुमसू और लंकड़ावीर मंदिर निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए राशि मुहैया करवाने की मांग उठाई।
उप प्रधान बुद्धि सिंह, वार्ड सदस्य मान सिंह, केके चौहान, ग्रामीण संजय, मोहन सिंह, राकेश चौहान, रवि, तिलक राज खिमटा, गोविंद सिंह, पृथ्वी राज सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब तक परियोजना के अधिकारी पंचायत के पास प्रस्ताव लेने नहीं आते, तब तक पंचायत की ओर से एनओसी जारी नहीं की जाएगी।
कोट
पंचायत प्रधान रक्षा देवी ने कहा कि वीरवार को ग्राम सभा का कोरम पूरा हुआ है। ग्रामीणों ने राजपुरा परियोजना को एनओसी जारी करने पर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों की मांगों को एसडीएम रामपुर के समक्ष रखा जाएगा। वीरवार को आयोजित ग्राम सभा में नशा निवारण और स्वच्छता के बारे में भी जागरूक किया गया।