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Rampur Bushahar News: अब एक क्लिक पर मिलेगी नगर परिषद रामपुर क्षेत्र की हर संपत्ति की जानकारी
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हाउस टैक्स, कचरा एकत्रिकरण शुल्क, प्रमाण पत्रों से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी
नगर परिषद क्षेत्र में संपत्ति कर निर्धारण को लेकर सर्वे शुरू
लोगों को ऑनलाइन मिलेगी सभी सेवाएं, नहीं लगाने होंगे कार्यालय के चक्कर
ट्रू गूगल से तैयार हुआ नगर परिषद का सेटेलाइट मैप, जल्द बनेगी नप की वेबसाइट
हिमकॉस्ट की टीम घरों, दुकानों और दफ्तरों का कर रही सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर से जुड़ी हर तरह की जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध होगी। बस एक क्लिक पर नगर परिषद क्षेत्र के घर, दुकान, कार्यालय, सड़क, योजनाएं, पार्क, पार्किंग सहित सभी तरह की संपत्ति की जानकारी लोग ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार हर नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में संपत्ति कर निर्धारण को लेकर सर्वे किया जा रहा है। इससे जहां संपत्ति का सही निर्धारण होगा, वहीं नगर परिषद की आय में भी वृद्धि होगी। नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी नगर परिषद से संबंधित सभी सेवाएं ऑनलाइन मिलेंगी और उन्हें अपने कार्यों के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
प्रदेश की विभिन्न नगर परिषद की तर्ज पर रामपुर नगर परिषद में भी संपत्ति कर के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना के तहत नगर परिषद के सभी वार्डों में जल्द ही घर, कार्यालय, दुकानों सहित विभिन्न योजनाओं की सटीक जानकारी सर्वे कर एकत्र की जाएगी। इसका उद्देश्य नगर परिषद की सभी संपत्तियों की सही जानकारी हासिल करना है, ताकि उस लिहाज से गृहकर सहित अन्य योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। सरकार ने सर्वे का कार्य हिमकॉस्ट को सौंपा है। वर्तमान समय में हिमकॉस्ट की टीम ने रामपुर नगर परिषद क्षेत्र का ट्रू गूगल के जरिये सेटेलाइट नक्शा तैयार कर लिया है। टीम ने समूचे नप क्षेत्र की सीमाएं निर्धारित कर ली हैं। अब टीम मौके पर जाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और नगर परिषद का सभी तरह की जानकारी ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। इसके बाद नगर परिषद की वेबसाइट तैयार की जाएगी। वेबसाइट बनने के बाद नप क्षेत्र से जुड़ी हर संपत्ति की जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। यहीं नहीं नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाली जनता गृहकर, कचरा और अन्य शुल्क, प्रमाण पत्रों सहित अन्य तरह की सेवाएं घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। अब पूर्व की भांति नगर परिषद कार्यालय पहुंचने और अधिकारी कर्मचारी न होने जैसी समस्याओं से नहीं जूझना पड़ेगा। निकट भविष्य में नगर परिषद के सभी घरों और संपत्तियों को क्यूआर कोड से भी जोड़ा जाएगा और इस कोड के जरिये लोग अपने शुल्क, सेवाओं संबंधी जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। नगर परिषद को भी इस नई प्रणाली से संपत्ति कर में वृद्धि होगी। यहां गौर करने वाली बात है कि इस सर्वे में कब्जाई गई सरकारी भूमि को भी शामिल किया जाएगा।
इनसेट
संपत्ति कर के लिए बनेगा सर्किल रेट
संपत्ति कर निर्धारण के वक्त रामपुर मुख्य शहर और विभिन्न वार्डों के लिए सर्किल रेट तैयार किए जाएंगे। सर्वे के तहत मुख्य शहर बाजार सहित सभी वार्डों के घरों, दुकानों और कार्यालयों को दूरी और मौके की स्थिति अनुसार ए, बी, सी और डी श्रेणी में बांटा जाएगा। इसी हिसाब से संपत्ति कर निर्धारित होगा। साथ ही भवनों की आयु के हिसाब से भी कर निर्धारण किया जाना प्रस्तावित है।
कोट
नगर परिषद रामपुर के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में संपत्ति कर के निर्धारण को लेकर हिमकॉस्ट की ओर से घरों, दुकानों और कार्यालय में जाकर सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने नप क्षेत्र की जनता से इस सर्वे पूर्ण करने में हिमकॉस्ट की टीम का सहयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि दो माह के भीतर नगर परिषद के सभी वार्डों में यह सर्वे पूरा किया जाएगा। इसके बाद सभी वार्डों की जनता को ऑनलाइन सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। आम जनता को इससे काफी राहत मिलेगी।
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नगर परिषद क्षेत्र में संपत्ति कर निर्धारण को लेकर सर्वे शुरू
लोगों को ऑनलाइन मिलेगी सभी सेवाएं, नहीं लगाने होंगे कार्यालय के चक्कर
ट्रू गूगल से तैयार हुआ नगर परिषद का सेटेलाइट मैप, जल्द बनेगी नप की वेबसाइट
हिमकॉस्ट की टीम घरों, दुकानों और दफ्तरों का कर रही सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर से जुड़ी हर तरह की जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध होगी। बस एक क्लिक पर नगर परिषद क्षेत्र के घर, दुकान, कार्यालय, सड़क, योजनाएं, पार्क, पार्किंग सहित सभी तरह की संपत्ति की जानकारी लोग ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार हर नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में संपत्ति कर निर्धारण को लेकर सर्वे किया जा रहा है। इससे जहां संपत्ति का सही निर्धारण होगा, वहीं नगर परिषद की आय में भी वृद्धि होगी। नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी नगर परिषद से संबंधित सभी सेवाएं ऑनलाइन मिलेंगी और उन्हें अपने कार्यों के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
प्रदेश की विभिन्न नगर परिषद की तर्ज पर रामपुर नगर परिषद में भी संपत्ति कर के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना के तहत नगर परिषद के सभी वार्डों में जल्द ही घर, कार्यालय, दुकानों सहित विभिन्न योजनाओं की सटीक जानकारी सर्वे कर एकत्र की जाएगी। इसका उद्देश्य नगर परिषद की सभी संपत्तियों की सही जानकारी हासिल करना है, ताकि उस लिहाज से गृहकर सहित अन्य योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। सरकार ने सर्वे का कार्य हिमकॉस्ट को सौंपा है। वर्तमान समय में हिमकॉस्ट की टीम ने रामपुर नगर परिषद क्षेत्र का ट्रू गूगल के जरिये सेटेलाइट नक्शा तैयार कर लिया है। टीम ने समूचे नप क्षेत्र की सीमाएं निर्धारित कर ली हैं। अब टीम मौके पर जाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और नगर परिषद का सभी तरह की जानकारी ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। इसके बाद नगर परिषद की वेबसाइट तैयार की जाएगी। वेबसाइट बनने के बाद नप क्षेत्र से जुड़ी हर संपत्ति की जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। यहीं नहीं नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाली जनता गृहकर, कचरा और अन्य शुल्क, प्रमाण पत्रों सहित अन्य तरह की सेवाएं घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। अब पूर्व की भांति नगर परिषद कार्यालय पहुंचने और अधिकारी कर्मचारी न होने जैसी समस्याओं से नहीं जूझना पड़ेगा। निकट भविष्य में नगर परिषद के सभी घरों और संपत्तियों को क्यूआर कोड से भी जोड़ा जाएगा और इस कोड के जरिये लोग अपने शुल्क, सेवाओं संबंधी जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। नगर परिषद को भी इस नई प्रणाली से संपत्ति कर में वृद्धि होगी। यहां गौर करने वाली बात है कि इस सर्वे में कब्जाई गई सरकारी भूमि को भी शामिल किया जाएगा।
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संपत्ति कर के लिए बनेगा सर्किल रेट
संपत्ति कर निर्धारण के वक्त रामपुर मुख्य शहर और विभिन्न वार्डों के लिए सर्किल रेट तैयार किए जाएंगे। सर्वे के तहत मुख्य शहर बाजार सहित सभी वार्डों के घरों, दुकानों और कार्यालयों को दूरी और मौके की स्थिति अनुसार ए, बी, सी और डी श्रेणी में बांटा जाएगा। इसी हिसाब से संपत्ति कर निर्धारित होगा। साथ ही भवनों की आयु के हिसाब से भी कर निर्धारण किया जाना प्रस्तावित है।
कोट
नगर परिषद रामपुर के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में संपत्ति कर के निर्धारण को लेकर हिमकॉस्ट की ओर से घरों, दुकानों और कार्यालय में जाकर सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने नप क्षेत्र की जनता से इस सर्वे पूर्ण करने में हिमकॉस्ट की टीम का सहयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि दो माह के भीतर नगर परिषद के सभी वार्डों में यह सर्वे पूरा किया जाएगा। इसके बाद सभी वार्डों की जनता को ऑनलाइन सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। आम जनता को इससे काफी राहत मिलेगी।