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Rampur Bushahar News: जर्जर स्कूल भवन में खौफ का साया, बच्चे ढूंढ रहे भविष्य की रोशनी

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2026 11:56 PM IST
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Balu School, damaged in landslide, still hasn't received budget even after 8 months
आनी की प्राथमिक पाठशाला बालू की एक कमरे में चल रही कक्षाएं। संवाद
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असुरक्षित स्कूल में बच्चे संवार रहे अपना भविष्य
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भूस्खलन में क्षतिग्रस्त बालू स्कूल को 8 महीने बाद भी नहीं मिला बजट
एक कमरे में चल रहीं 8 कक्षाएं, कैसे संवरेगा भविष्य
स्कूल में 47 बच्चे नामांकित हैं और प्रवेश प्रक्रिया अभी भी जारी
अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी खंड की करशेईगाड़ पंचायत के दुर्गम गांव बालू स्थित प्राथमिक स्कूल आठ महीनों से बदहाल स्थिति में है। जर्जर स्कूल भवन में खौफ का साया पसरा हुआ है और बच्चे अपने भविष्य की रोशनी ढूंढ रहे हैं। बीते वर्ष 5 अगस्त को हुई भारी बारिश के दौरान स्कूल भवन भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। गनीमत यह रही कि घटना अवकाश के दिन हुई अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। आपदा के तुरंत बाद स्कूल में पढ़ने वाले 42 बच्चों को पास की सराय में शिफ्ट किया गया था ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। हालांकि, अब स्कूल का केवल एक कमरा ही सुरक्षित बचा है, जिसमें वर्तमान में प्री प्राइमरी से लेकर पांचवीं तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। वर्तमान में स्कूल में 47 बच्चे नामांकित हैं और प्रवेश प्रक्रिया अभी भी जारी है। एक ही कमरे में आठ कक्षाओं का संचालन करना स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सीमित जगह, बैठने की समस्या और अलग-अलग कक्षाओं को एक साथ पढ़ाने की मजबूरी से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। स्कूल प्रबंधन समिति की अध्यक्ष रूमा देवी ने बताया कि भवन निर्माण के लिए शिक्षा विभाग को कई बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं और सभी आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल भवन को डिजास्टर में भी शामिल किया गया है। इसके बावजूद अब तक बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्र होने के कारण बच्चों के पास अन्य विकल्प भी नहीं हैं। ऐसे में जल्द नए भवन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर बजट जारी करने की मांग की है, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

विभाग की ओर से सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। जैसे ही बजट प्राप्त होगा, भवन निर्माण की आगामी कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी। - सुनील दत्त ठाकुर,
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उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा
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