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Rampur Bushahar News: बरकल-तकलेच सड़क का 9.35 करोड़ से हो रहा कायाकल्प
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रामपुर उपमंडल की 12/20 घाटी को जोड़ने वालीबरकल से तकलेच सड़क पर टारिंग कार्य प्रगति पर। संवाद
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विकास की बात : 11 किलोमीटर लंबी सड़क होगी दुरुस्त, चार पंचायतों के बागवानों, ग्रामीणों को मिलेगी सुविधा
. बीते कई वर्षों से बहुत खराब हालत में थी सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। तकलेच उपमंडल में लोक निर्माण विभाग बरकल-तकलेच सड़क का 9.35 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प कर रहा है। करीब 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर टारिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इस परियोजना से चार पंचायतों के हजारों ग्रामीणों और किसानों-बागवानों को बेहतर आवाजाही की सुविधा मिलेगी। यह सड़क बीते कई वर्षों से बहुत खराब हालत में थी। सेरीपुल से बरकल तक बरसात और सर्दियों में भूस्खलन के कारण यह सड़क क्षतिग्रस्त हो जाती थी। इससे वाहनों की आवाजाही काफी प्रभावित होती थी। कूहल, देवठी, मुनिश और काशापाट पंचायतों के हजारों लोगों को आवाजाही में भारी असुविधाएं होतीं थीं। पिछले दो साल में भारी बरसात के चलते ये पंचायतें दो से तीन माह तक शेष क्षेत्र से कटी रहती थीं। मुख्य सड़क बंद होने पर 12/20 घाटी के लोगों को डंसा, लालसा-बाहलीधार के रास्ते आवाजाही करनी पड़ती थी। सड़क बाधित होने से सेब बागवानों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। उन्हें सेब की लाखों पेटियों को मंडियों तक पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ती थी। वाहन चालक मनमाना किराया वसूल कर बागवानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते थे। सड़क के सुधारीकरण कार्य पर पूर्व प्रधानों और सैकड़ों लोगों ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग सड़क की खस्ताहालत से परेशान थे। लोक निर्माण विभाग तकलेच के सहायक अभियंता गोवर्धन शर्मा ने बताया कि कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने अब लोक निर्माण विभाग से एक और महत्वपूर्ण मांग की है। उन्होंने चारों पंचायतों से गुजरने वाली संपर्क सड़कों को भी दुरुस्त करने का आग्रह किया है। यह मांग विशेष रूप से सेब सीजन से पहले पूरी करने की है, ताकि सेब सीजन में बागवानों को अपनी उपज ले जाने में कोई परेशानी न हो।
. बीते कई वर्षों से बहुत खराब हालत में थी सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। तकलेच उपमंडल में लोक निर्माण विभाग बरकल-तकलेच सड़क का 9.35 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प कर रहा है। करीब 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर टारिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इस परियोजना से चार पंचायतों के हजारों ग्रामीणों और किसानों-बागवानों को बेहतर आवाजाही की सुविधा मिलेगी। यह सड़क बीते कई वर्षों से बहुत खराब हालत में थी। सेरीपुल से बरकल तक बरसात और सर्दियों में भूस्खलन के कारण यह सड़क क्षतिग्रस्त हो जाती थी। इससे वाहनों की आवाजाही काफी प्रभावित होती थी। कूहल, देवठी, मुनिश और काशापाट पंचायतों के हजारों लोगों को आवाजाही में भारी असुविधाएं होतीं थीं। पिछले दो साल में भारी बरसात के चलते ये पंचायतें दो से तीन माह तक शेष क्षेत्र से कटी रहती थीं। मुख्य सड़क बंद होने पर 12/20 घाटी के लोगों को डंसा, लालसा-बाहलीधार के रास्ते आवाजाही करनी पड़ती थी। सड़क बाधित होने से सेब बागवानों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती थी। उन्हें सेब की लाखों पेटियों को मंडियों तक पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ती थी। वाहन चालक मनमाना किराया वसूल कर बागवानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते थे। सड़क के सुधारीकरण कार्य पर पूर्व प्रधानों और सैकड़ों लोगों ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग सड़क की खस्ताहालत से परेशान थे। लोक निर्माण विभाग तकलेच के सहायक अभियंता गोवर्धन शर्मा ने बताया कि कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने अब लोक निर्माण विभाग से एक और महत्वपूर्ण मांग की है। उन्होंने चारों पंचायतों से गुजरने वाली संपर्क सड़कों को भी दुरुस्त करने का आग्रह किया है। यह मांग विशेष रूप से सेब सीजन से पहले पूरी करने की है, ताकि सेब सीजन में बागवानों को अपनी उपज ले जाने में कोई परेशानी न हो।