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Rampur Bushahar News: देवरी घाट में ठोडा का रण, खिलाड़ियों में तीरों के साथ चले शब्दों के बाण
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पहाड़ी बोली में चुटीले, व्यंग्य कसे, दर्शकों ने लगाए ठहाके
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। देवरी घाट, जोधपुर में चल रहा पारंपरिक ठोडा मेला शनिवार को रोमांच और जोश से भरपूर नजर आया। शाठी और पाशी दलों के बीच मुकाबलों ने मैदान को मानो रणभूमि में बदल दिया, जहां खिलाड़ी सिर्फ तीर ही नहीं चला रहे थे, बल्कि अपने शब्दों के बाण से भी विपक्षियों को ललकारते दिखाई दिए।
हर तीर के साथ माहौल और गरमाता गया। जैसे ही निशाना लगता खिलाड़ी पहाड़ी बोली में चुटीले, व्यंग्य कसते, जिस पर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग ठहाके लगाते नजर आए। यही ठोडा खेल की खास पहचान है, जहां वीरता के साथ हास्य का अनोखा संगम देखने को मिलता है। मेले में स्थानीय नेता देवकांत प्रकाश खाची की मौजूदगी रही। शाम के समय बारिश ने कुछ देर के लिए खेल में व्यवधान डाला, लेकिन दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ और लोग अंत तक मैदान में डटे रहे। देवरी घाट का यह मेला एक बार फिर दिखा रहा है कि ठोडा सिर्फ खेल नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और जोश का जीवंत प्रतीक है, जो हर साल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस तीन दिवसीय मेले का समापन रविवार को होगा। अंतिम दिन रस्साकसी सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। देवरी घाट, जोधपुर में चल रहा पारंपरिक ठोडा मेला शनिवार को रोमांच और जोश से भरपूर नजर आया। शाठी और पाशी दलों के बीच मुकाबलों ने मैदान को मानो रणभूमि में बदल दिया, जहां खिलाड़ी सिर्फ तीर ही नहीं चला रहे थे, बल्कि अपने शब्दों के बाण से भी विपक्षियों को ललकारते दिखाई दिए।
हर तीर के साथ माहौल और गरमाता गया। जैसे ही निशाना लगता खिलाड़ी पहाड़ी बोली में चुटीले, व्यंग्य कसते, जिस पर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग ठहाके लगाते नजर आए। यही ठोडा खेल की खास पहचान है, जहां वीरता के साथ हास्य का अनोखा संगम देखने को मिलता है। मेले में स्थानीय नेता देवकांत प्रकाश खाची की मौजूदगी रही। शाम के समय बारिश ने कुछ देर के लिए खेल में व्यवधान डाला, लेकिन दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ और लोग अंत तक मैदान में डटे रहे। देवरी घाट का यह मेला एक बार फिर दिखा रहा है कि ठोडा सिर्फ खेल नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और जोश का जीवंत प्रतीक है, जो हर साल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस तीन दिवसीय मेले का समापन रविवार को होगा। अंतिम दिन रस्साकसी सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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