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Rampur Bushahar News: भारी बरसात में सुंडा भूस्खलन प्वाइंट पर वाहन चलाना जोखिमभरा
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कई साल से सुरक्षा के लिहाज से लोक निर्माण विभाग नहीं कर पाया पुख्ता इंतजाम
पहाड़ी से हर साल करीब 150 मीटर का हिस्सा आ रहा भूस्खलन की चपेट में
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
हर साल बरसात की भेंट चढ़ रहे सुंडा प्वाइंट पर वाहन चलाना जोखिमभरा बना हुआ है। बरसात शुरू होते ही सुंडा-सनेई सड़क पर भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्रामीण खतरे के साये में आवाजाही करने को मजबूर हैं। शुक्रवार सुबह भी पहाड़ी से पत्थरों के साथ मलबा गिरा। कुछ समय के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस को रोकना पड़ा और सवारियों ने सड़क पर गिरे पत्थरों को उठाया। इसके बाद बस की सकुशल आवाजाही हुई। रामपुर उपमंडल की डंसा पंचायत के ऊपरी गांवों से गुजरने वाली सुंडा-सनेई सड़क से हजारों ग्रामीण लाभान्वित होते हैं। इस सड़क पर सुंडा गांव के ठीक ऊपर से गुजरने वाली पहाड़ी से हर साल करीब डेढ़ सौ मीटर का हिस्सा भूस्खलन की चपेट चढ़ता आया है। इसका न तो वन विभाग और न ही लोक निर्माण विभाग स्थायी समाधान ढूंढ पाया है। नतीजतन, इसका खामियाजा हर साल लोगों को भुगतना पड़ रहा है। भारी बरसात में सुंडा प्वाइंट पर सड़क संकरी हो जाती है और जलभराव से दलदल की स्थिति बन जाती है। इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से पत्थर और मलबे का गिरना शुरू हो चुका है। भारी बारिश के दौरान सड़क बंद होने से वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर किसानों, बागवानों और पशुपालन व्यवसाय से जुड़े लोगों को उठाना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग को समय रहते इस सड़क पर हो रहे भूस्खलन के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। सड़क पर पानी जमा होने से दलदल वाली जगह पर डंगे ढह जाने की आशंका बढ़ गई है। सूरत राम, चेत राम, शीशी राम, कुशाल, गोकल राम, अजय कुमार, सुरजीत, लायक राम, भगत राम, सुंदर सिंह, राकेश, अनिल नेगी, भूषण, गोवर्धन, बिहारी लाल, योग राज और पवन कुमार सहित कई ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से किसानों-बागवानों और पशु पालकों के हितों के मद्देनजर उक्त भूस्खलन वाली जगह को सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग उठाई है, ताकि कोई हादसा पेश न आए।
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पहाड़ी से हर साल करीब 150 मीटर का हिस्सा आ रहा भूस्खलन की चपेट में
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
हर साल बरसात की भेंट चढ़ रहे सुंडा प्वाइंट पर वाहन चलाना जोखिमभरा बना हुआ है। बरसात शुरू होते ही सुंडा-सनेई सड़क पर भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्रामीण खतरे के साये में आवाजाही करने को मजबूर हैं। शुक्रवार सुबह भी पहाड़ी से पत्थरों के साथ मलबा गिरा। कुछ समय के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस को रोकना पड़ा और सवारियों ने सड़क पर गिरे पत्थरों को उठाया। इसके बाद बस की सकुशल आवाजाही हुई। रामपुर उपमंडल की डंसा पंचायत के ऊपरी गांवों से गुजरने वाली सुंडा-सनेई सड़क से हजारों ग्रामीण लाभान्वित होते हैं। इस सड़क पर सुंडा गांव के ठीक ऊपर से गुजरने वाली पहाड़ी से हर साल करीब डेढ़ सौ मीटर का हिस्सा भूस्खलन की चपेट चढ़ता आया है। इसका न तो वन विभाग और न ही लोक निर्माण विभाग स्थायी समाधान ढूंढ पाया है। नतीजतन, इसका खामियाजा हर साल लोगों को भुगतना पड़ रहा है। भारी बरसात में सुंडा प्वाइंट पर सड़क संकरी हो जाती है और जलभराव से दलदल की स्थिति बन जाती है। इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से पत्थर और मलबे का गिरना शुरू हो चुका है। भारी बारिश के दौरान सड़क बंद होने से वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर किसानों, बागवानों और पशुपालन व्यवसाय से जुड़े लोगों को उठाना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग को समय रहते इस सड़क पर हो रहे भूस्खलन के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। सड़क पर पानी जमा होने से दलदल वाली जगह पर डंगे ढह जाने की आशंका बढ़ गई है। सूरत राम, चेत राम, शीशी राम, कुशाल, गोकल राम, अजय कुमार, सुरजीत, लायक राम, भगत राम, सुंदर सिंह, राकेश, अनिल नेगी, भूषण, गोवर्धन, बिहारी लाल, योग राज और पवन कुमार सहित कई ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से किसानों-बागवानों और पशु पालकों के हितों के मद्देनजर उक्त भूस्खलन वाली जगह को सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग उठाई है, ताकि कोई हादसा पेश न आए।