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Rampur Bushahar News: नारकंडा और कुमारसैन की चार पंचायतों में ओलावृष्टि ने बरपाया कहर

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2026 11:40 PM IST
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Hailstorm wreaks havoc in four panchayats of Narkanda and Kumarsain
कुमारसैन में सोमवार दोपहर बाद ओलावृष्टि ने मचाया कहर। संवाद
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. क्षेत्र के बागवानों पर कहर बनकर टूटा मौसम, बेहतर फसल की टूट रही उम्मीद
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बागवानों को भारी नुकसान, छाई मायूसी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन(रामपुर बुशहर)। प्रदेश में मौसम फिर अपना कहर बरपाने लगा है। सेब बहुल इलाकों में मौसम के बदलाव से बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है। सोमवार दोपहर बाद नारकंडा समेत कुमारसैन उपमंडल की चार पंचायतों में ओलावृष्टि ने अपना कहर बरपाया। ठियोग में भी ओलावृष्टि हुई। वहीं, रामपुर, रोहड़ू, आनी, नारकंडा और किन्नौर जिले में बारिश हुई। ओलावृष्टि से बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। बागवानों की वर्ष भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। नगर पंचायत नारकंडा समेत क्षेत्र की पंचायत जार, करेवथी और मलैंडी सहित आसपास के कई क्षेत्रों में तेज ओलावृष्टि हुई। तेज हवाओं के साथ भारी ओले गिरे। देखते ही देखते खेतों और बगीचों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। ओलों की इस तेज मार से सेब के पेड़ों पर लगी नाजुक कलियों और फूलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। इस समय सेब के बगीचों में फ्लॉवरिंग (पिंकबड स्टेज) का दौर चल रहा है, जिसे बागवानी के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण समय माना जाता है। स्थानीय बागवानों का कहना है कि सेब की फसल के लिए यह समय बहुत नाजुक होता है। यदि इस दौरान ओलावृष्टि या खराब मौसम हो जाए, तो कलियां झड़ने लगती हैं और फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। कई बागवानों ने बताया कि ओलों की तेज मार के कारण पेड़ों की कोमल टहनियों और फूलों को नुकसान पहुंचा है। इससे आने वाली फसल के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। क्षेत्र के कई बागवानों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के कारण उन्हें अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन अचानक हुई इस ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों को झटका दे दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकतर लोग सेब की खेती पर ही निर्भर रहते हैं और उनकी आजीविका का मुख्य साधन बागवानी ही है। ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को नुकसान होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति भी पैदा हो सकती है। पूर्व पंचायत प्रधान करेवथी, विनोद कंवर, राकेश काल्टा, मीनू पाटिल सहित अन्य बागवानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे करवाया जाए ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सके और जरूरत पड़ने पर बागवानों को उचित राहत प्रदान की जा सके। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को समय रहते कदम उठाने चाहिए। वहीं, क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि के बाद किसानों और बागवानों के चेहरों पर मायूसी साफ देखने को मिल रही है।

कुमारसैन में सोमवार दोपहर बाद ओलावृष्टि ने मचाया कहर। संवाद

कुमारसैन में सोमवार दोपहर बाद ओलावृष्टि ने मचाया कहर। संवाद

कुमारसैन में सोमवार दोपहर बाद ओलावृष्टि ने मचाया कहर। संवाद

कुमारसैन में सोमवार दोपहर बाद ओलावृष्टि ने मचाया कहर। संवाद

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