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Rampur Bushahar News: गांवपानी में भूस्खलन से बढ़ा खतरा, तीन दिन से सरपारा पंचायत का कटा सड़क संपर्क
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समेज-सरपारा सडक़ पर गांवपानी में भूमि धंसने से यातायात हुआ बाधित। संवाद
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समेज-सरपारा सड़क के 60 मीटर लंबे हिस्से पर लगातार हो रहा भूस्खलन
सड़क बाधित होने से सेब बागवानों को फसल मंडी पहुंचाने की बढ़ी चिंता
समस्या को स्थायी समाधान नहीं कर पाया लोक निर्माण विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के दुर्गम क्षेत्र 15/20 की सरपारा पंचायत के ग्रामीणों की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रहीं। पंचायत को जोड़ने वाली समेज-सरपारा सड़क पर गांवपानी में फिर से भूस्खलन का क्रम शुरू हो गया है। सरपारा पंचायत का तीन दिन से जिला और उपमंडल से सड़क संपर्क कटा हुआ है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। ऐसे में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। भूस्खलन को रोकने के लिए तीन वर्ष बाद भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हुए। विभाग यहां अस्थायी इंतजाम कर यातायात व्यवस्था बना रहा है लेकिन यह व्यवस्था भी लंबे समय तक नहीं टिक पा रही। अब क्षेत्र में सेब सीजन शुरू होने वाला है और यातायात बाधित होने से बागवानों को अपनी नकदी फसल मंडी तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। गांवपानी में सड़क के करीब 60 मीटर लंबे हिस्से पर भूमि धंस रही है। वर्ष 2024 में समेज गांव में आई बाढ़ से खासी क्षति पहुंची थी। इस बाढ़ की चपेट में सरपारा पंचायत को जोड़ने वाली सड़क भी आ गई थी। तीन दिन पूर्व क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण यहां भूस्खलन का सिलसिला बढ़ गया है। सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग ने यहां सुरक्षा के इंतजाम किए, लेकिन अस्थायी व्यवस्था भी लंबे समय तक नहीं चल पाई। यातायात बहाली के लिए लोक निर्माण विभाग ने यहां कंक्रीट वॉल और क्रेटें भी लगाईं, लेकिन सिंकिंग जोन बने गांवपानी में भूस्खलन को रोकने के लिए कारगर साबित नहीं हुए। आपदा प्रभावित इस सड़क के ऊपर भी जमीन से पानी का रिसाव हो रहा है। इस कारण अधिक भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है। सड़क बाधित होने से ग्रामीणों को खाद्य सामग्री, जरूरत का सामान गांव पहुंचाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं।
स्थायी समाधान की उठाई मांग
सरपारा पंचायत के बागवान पवन कुमार, पदमजीत, देवी सिंह, सुनील, राकेश कुमार, अशोक कुमार, आलोक कुमार, संदीप, कुलदीप, प्रदीप कुमार, योगेश कुमार, कृपाल सिंह, ध्यान सिंह, सुरजीत कुमार सहित अन्य का कहना है कि हर वर्ष यह सड़क बरसात के दौरान भूस्खलन के कारण बाधित हो रही है। वर्षों बाद भी यहां समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई है।
गांवपानी में सड़क को बहाल करने के लिए फिलिंग की जा रही है। जल्द ही सड़क वाहनों के लिए बहाल कर दी जाएगी। मिटिगेशन के लिए यहां सॉइल स्टेबलाइजेशन का कार्य प्रस्तावित है। बरसात समाप्त होते ही कार्य शुरू हो पाएगा।
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-- अंकुश जम्वाल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग रामपुर
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सड़क बाधित होने से सेब बागवानों को फसल मंडी पहुंचाने की बढ़ी चिंता
समस्या को स्थायी समाधान नहीं कर पाया लोक निर्माण विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के दुर्गम क्षेत्र 15/20 की सरपारा पंचायत के ग्रामीणों की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रहीं। पंचायत को जोड़ने वाली समेज-सरपारा सड़क पर गांवपानी में फिर से भूस्खलन का क्रम शुरू हो गया है। सरपारा पंचायत का तीन दिन से जिला और उपमंडल से सड़क संपर्क कटा हुआ है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है। ऐसे में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। भूस्खलन को रोकने के लिए तीन वर्ष बाद भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हुए। विभाग यहां अस्थायी इंतजाम कर यातायात व्यवस्था बना रहा है लेकिन यह व्यवस्था भी लंबे समय तक नहीं टिक पा रही। अब क्षेत्र में सेब सीजन शुरू होने वाला है और यातायात बाधित होने से बागवानों को अपनी नकदी फसल मंडी तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। गांवपानी में सड़क के करीब 60 मीटर लंबे हिस्से पर भूमि धंस रही है। वर्ष 2024 में समेज गांव में आई बाढ़ से खासी क्षति पहुंची थी। इस बाढ़ की चपेट में सरपारा पंचायत को जोड़ने वाली सड़क भी आ गई थी। तीन दिन पूर्व क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण यहां भूस्खलन का सिलसिला बढ़ गया है। सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग ने यहां सुरक्षा के इंतजाम किए, लेकिन अस्थायी व्यवस्था भी लंबे समय तक नहीं चल पाई। यातायात बहाली के लिए लोक निर्माण विभाग ने यहां कंक्रीट वॉल और क्रेटें भी लगाईं, लेकिन सिंकिंग जोन बने गांवपानी में भूस्खलन को रोकने के लिए कारगर साबित नहीं हुए। आपदा प्रभावित इस सड़क के ऊपर भी जमीन से पानी का रिसाव हो रहा है। इस कारण अधिक भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है। सड़क बाधित होने से ग्रामीणों को खाद्य सामग्री, जरूरत का सामान गांव पहुंचाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं।
स्थायी समाधान की उठाई मांग
सरपारा पंचायत के बागवान पवन कुमार, पदमजीत, देवी सिंह, सुनील, राकेश कुमार, अशोक कुमार, आलोक कुमार, संदीप, कुलदीप, प्रदीप कुमार, योगेश कुमार, कृपाल सिंह, ध्यान सिंह, सुरजीत कुमार सहित अन्य का कहना है कि हर वर्ष यह सड़क बरसात के दौरान भूस्खलन के कारण बाधित हो रही है। वर्षों बाद भी यहां समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई है।
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गांवपानी में सड़क को बहाल करने के लिए फिलिंग की जा रही है। जल्द ही सड़क वाहनों के लिए बहाल कर दी जाएगी। मिटिगेशन के लिए यहां सॉइल स्टेबलाइजेशन का कार्य प्रस्तावित है। बरसात समाप्त होते ही कार्य शुरू हो पाएगा।
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समेज-सरपारा सडक़ पर गांवपानी में भूमि धंसने से यातायात हुआ बाधित। संवाद