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Rampur Bushahar News: घोषणाओं का अग्निशमन केंद्र आज तक नहीं बना और न सुधरी सड़कों की हालत
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क्याव निवासी अशोक कुमार। संवाद
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चुनावी मुद्दा : जिला परिषद वार्ड-1 त्यावल-ज्यूरी
जिला परिषद वार्ड नंबर-1 में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टाफ की चल रही कमी
18 पंचायतों के हजारों ग्रामीण वर्षों से झेल रहे परेशानी
चुनावी दौर में मतदाताओं ने विभिन्न मुद्दों के समाधान की उठाई मांग
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
रामपुर विधानसभा क्षेत्र के जिला परिषद वार्ड नंबर-1 में कई मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाएगा। 18 पंचायतों के सबसे बड़े जिला परिषद वार्ड में कोई भी अग्निशमन केंद्र न होना, एक बड़ा मुद्दा रहेगा। यहां अग्निशमन केंद्र खोलने की घोषणा तो हुई, लेकिन अभी तक बना नहीं। इसके अलावा सेब बहुल क्षेत्रों की सड़कों की हालत बेहद खराब है। वहीं, चरमराई स्वास्थ्य सुविधाएं और इंजीनियरिंग कॉलेज कोटला में स्टाफ की कमी जैसे मुद्दे आज तक समाधान की राह ताक रहे हैं। इस बार के चुनाव में मतदाता ऐसे प्रत्याशी का चुनाव करेंगे, जो उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करेगा। जिला शिमला का जिला परिषद वार्ड नंबर-1 ज्यूरी-त्यावल सबसे बड़ा वार्ड है। इस वार्ड में करीब 18 पंचायतें आती हैं। इन पंचायतों का मुख्यालय ज्यूरी है, जहां वर्षों से अग्निशमन केंद्र बनाने की मांग उठ रही है। सरकार और नेताओं की घोषणाओं के बावजूद लोगों को आज तक अग्निशमन केंद्र की सुविधा नहीं मिल पाई है। क्षेत्र में आग की घटना होने पर रामपुर से आग बुझाने के लिए अग्निशमन वाहन पहुंचते हैं। आग की सूचना मिलने के बाद रामपुर से अग्निशमन वाहन दुर्गम क्षेत्र 15/20 क्षेत्र तक चार से पांच घंटे बाद ही पहुंच पाता हैं, तब तक सब कुछ जलकर राख हो जाता है। वहीं, कोटला ज्यूरी में महात्मा गांधी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टाफ की कमी है। यहां सुविधाओं के अभाव में छात्र काफी कम संख्या में आ रहे हैं। सरकार की अनदेखी के कारण यहां पर ट्रेड सिविल और मेकेनिकल की ज्यादातर सीटें खाली हैं। इसका मुख्य कारण कॉलेज में प्रोफेसरों की कमी और कॉलेज परिसर में अधूरे पड़े कार्य हैं। रतनपुर नेशनल हाईवे-पांच से फूंजा, दोफदा और मशनू पंचायत को जोड़ने वाली सड़क दशकों से खस्ताहाल है। तीनों पंचायतों में अधिकतर लोग सेब की बागवानी करते हैं। इस सड़क के विकास के नाम पर करोड़ों का बजट आया, लेकिन सड़क दुरुस्त नहीं हुई। जिला पार्षद वार्ड ज्यूरी में सब तहसील का उद्घाटन तो हुआ, लेकिन यहां सब तहसील को बाद में बंद कर दिया। अब ज्यूरी और बधाल पंचायत के लोगों को तहसील संबंधित कार्यों के लिए करीब 17 किलोमीटर दूर सराहन जाना पड़ रहा है। वहीं, दुर्गम 15/20 क्षेत्र की छह पंचायतों की जनता को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए 25 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है।
गानवी खड्ड पर दस महीने से नहीं बना पुल
दुर्गम क्षेत्र 15/20 की तीन पंचायतों कूट, क्याव और गानवी को जोड़ने वाली सड़क के लिए गानवी खड्ड पर दस महीनों से सरकार पुल नहीं बना पाई है। 31 जुलाई 2025 को बाढ़ में पुल टूट गया था। तीनों पंचायतों को मुख्यालय से जोड़ने के लिए खड्ड में जुगाड़ की व्यवस्था कलवर्ट लगाए गए हैं। सभी छोटे-बड़े वाहन इन कलवर्टों के सहारे खड्ड को पार करते हैं। गर्मी में जलस्तर बढ़ने और बरसात होने पर क्षेत्र का संपर्क कभी भी टूट सकता है। वैसे ही क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और पानी के लिए स्टाफ की कमी से आम जनता जूझ रही है। 18 पंचायतों के केंद्र ज्यूरी में स्वास्थ्य सुविधाएं भी चरमराई हुई हैं, जबकि यहां बेहतर उपचार की उम्मीद में रोजाना मरीज पहुंच रहे हैं।
क्या कहते हैं क्षेत्र के मतदाता
क्याव निवासी अशोक कुमार का कहना है कि दस महीने पहले गानवी खड्ड में बाढ़ से पुल क्षतिग्रस्त हो गया। तीन पंचायतों का संपर्क कभी भी कट सकता है। जुगाड़ के सहारे तीन पंचायतों के लोग आवाजाही कर रहे हैं। सरकार ग्रामीणों की ज्वंलत समस्याओं को लेकर मूकदर्शक बनी हुई है।
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फूंजा पंचायत के निवासी मोहन खन्ना का कहना है कि रतनपुर से दोफदा को जोड़ने वाली सड़क दशकों से खस्ताहाल है। हजारों ग्रामीण रोजाना जोखिमभरा सफर करने को मजबूर हैं। सेब बागवानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग की ओर से करोड़ों के टेंडर लगने के बाद भी सड़कों की हालत नहीं सुधर रही।
15/20 क्षेत्र की दुर्गम पंचायत लबाना-सदाना पंचायत के निवासी मनोज टोलटा का कहना है कि क्षेत्र आग की घटना होने पर अग्निशमन केंद्र रामपुर से गाड़ियां और टीम आती है, लेकिन जब तक पहुंचते हैं, तब तक आग सब कुछ खाक कर देती है। यदि ज्यूरी में अग्निशमन केंद्र हो, तो लोगों का नुकसान कम हो सकता है।
जिला परिषद वार्ड नंबर-1 में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टाफ की चल रही कमी
18 पंचायतों के हजारों ग्रामीण वर्षों से झेल रहे परेशानी
चुनावी दौर में मतदाताओं ने विभिन्न मुद्दों के समाधान की उठाई मांग
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
रामपुर विधानसभा क्षेत्र के जिला परिषद वार्ड नंबर-1 में कई मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाएगा। 18 पंचायतों के सबसे बड़े जिला परिषद वार्ड में कोई भी अग्निशमन केंद्र न होना, एक बड़ा मुद्दा रहेगा। यहां अग्निशमन केंद्र खोलने की घोषणा तो हुई, लेकिन अभी तक बना नहीं। इसके अलावा सेब बहुल क्षेत्रों की सड़कों की हालत बेहद खराब है। वहीं, चरमराई स्वास्थ्य सुविधाएं और इंजीनियरिंग कॉलेज कोटला में स्टाफ की कमी जैसे मुद्दे आज तक समाधान की राह ताक रहे हैं। इस बार के चुनाव में मतदाता ऐसे प्रत्याशी का चुनाव करेंगे, जो उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करेगा। जिला शिमला का जिला परिषद वार्ड नंबर-1 ज्यूरी-त्यावल सबसे बड़ा वार्ड है। इस वार्ड में करीब 18 पंचायतें आती हैं। इन पंचायतों का मुख्यालय ज्यूरी है, जहां वर्षों से अग्निशमन केंद्र बनाने की मांग उठ रही है। सरकार और नेताओं की घोषणाओं के बावजूद लोगों को आज तक अग्निशमन केंद्र की सुविधा नहीं मिल पाई है। क्षेत्र में आग की घटना होने पर रामपुर से आग बुझाने के लिए अग्निशमन वाहन पहुंचते हैं। आग की सूचना मिलने के बाद रामपुर से अग्निशमन वाहन दुर्गम क्षेत्र 15/20 क्षेत्र तक चार से पांच घंटे बाद ही पहुंच पाता हैं, तब तक सब कुछ जलकर राख हो जाता है। वहीं, कोटला ज्यूरी में महात्मा गांधी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टाफ की कमी है। यहां सुविधाओं के अभाव में छात्र काफी कम संख्या में आ रहे हैं। सरकार की अनदेखी के कारण यहां पर ट्रेड सिविल और मेकेनिकल की ज्यादातर सीटें खाली हैं। इसका मुख्य कारण कॉलेज में प्रोफेसरों की कमी और कॉलेज परिसर में अधूरे पड़े कार्य हैं। रतनपुर नेशनल हाईवे-पांच से फूंजा, दोफदा और मशनू पंचायत को जोड़ने वाली सड़क दशकों से खस्ताहाल है। तीनों पंचायतों में अधिकतर लोग सेब की बागवानी करते हैं। इस सड़क के विकास के नाम पर करोड़ों का बजट आया, लेकिन सड़क दुरुस्त नहीं हुई। जिला पार्षद वार्ड ज्यूरी में सब तहसील का उद्घाटन तो हुआ, लेकिन यहां सब तहसील को बाद में बंद कर दिया। अब ज्यूरी और बधाल पंचायत के लोगों को तहसील संबंधित कार्यों के लिए करीब 17 किलोमीटर दूर सराहन जाना पड़ रहा है। वहीं, दुर्गम 15/20 क्षेत्र की छह पंचायतों की जनता को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए 25 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है।
गानवी खड्ड पर दस महीने से नहीं बना पुल
दुर्गम क्षेत्र 15/20 की तीन पंचायतों कूट, क्याव और गानवी को जोड़ने वाली सड़क के लिए गानवी खड्ड पर दस महीनों से सरकार पुल नहीं बना पाई है। 31 जुलाई 2025 को बाढ़ में पुल टूट गया था। तीनों पंचायतों को मुख्यालय से जोड़ने के लिए खड्ड में जुगाड़ की व्यवस्था कलवर्ट लगाए गए हैं। सभी छोटे-बड़े वाहन इन कलवर्टों के सहारे खड्ड को पार करते हैं। गर्मी में जलस्तर बढ़ने और बरसात होने पर क्षेत्र का संपर्क कभी भी टूट सकता है। वैसे ही क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और पानी के लिए स्टाफ की कमी से आम जनता जूझ रही है। 18 पंचायतों के केंद्र ज्यूरी में स्वास्थ्य सुविधाएं भी चरमराई हुई हैं, जबकि यहां बेहतर उपचार की उम्मीद में रोजाना मरीज पहुंच रहे हैं।
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क्या कहते हैं क्षेत्र के मतदाता
क्याव निवासी अशोक कुमार का कहना है कि दस महीने पहले गानवी खड्ड में बाढ़ से पुल क्षतिग्रस्त हो गया। तीन पंचायतों का संपर्क कभी भी कट सकता है। जुगाड़ के सहारे तीन पंचायतों के लोग आवाजाही कर रहे हैं। सरकार ग्रामीणों की ज्वंलत समस्याओं को लेकर मूकदर्शक बनी हुई है।
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15/20 क्षेत्र की दुर्गम पंचायत लबाना-सदाना पंचायत के निवासी मनोज टोलटा का कहना है कि क्षेत्र आग की घटना होने पर अग्निशमन केंद्र रामपुर से गाड़ियां और टीम आती है, लेकिन जब तक पहुंचते हैं, तब तक आग सब कुछ खाक कर देती है। यदि ज्यूरी में अग्निशमन केंद्र हो, तो लोगों का नुकसान कम हो सकता है।

क्याव निवासी अशोक कुमार। संवाद

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